बांग्लादेश में हालात बिगड़ गए हैं और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। हिंसा के बीच प्रदर्शनकारी, प्रधानमंत्री आवास में भी घुसे और वहां जमकर तोड़फोड़ और लूट की। प्रदर्शनकारी, शेख हसीना के कमरे से उनकी साड़ी तक लूट ले गए। प्रदर्शन को देखते हुए और सुरक्षा कारणों से हसीना ने बांग्लादेश छोड़ दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के कमरे को भी नहीं बख्शा और वहां भी लूटपाट की। जिसे जो सामान मिला, वह उसे उठाकर चल दिया। इस लूटपाट से जुड़े तमाम वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि लोग पीएम आवास में घुसे हुए हैं और तोड़फोड़ के साथ लूटपाट कर रहे हैं।
बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कही ये बात
बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘सेना के साथ चर्चा में मुख्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। छात्रों से अनुरोध है कि वे शांत रहें और घर वापस जाएं। देश में कर्फ्यू या किसी आपातकाल की जरूरत नहीं, आज रात तक संकट का समाधान ढूंढ लेंगे। पीएम शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। देश को अंतरिम सरकार चलाएगी।’
बता दें, रविवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इस दौरान हिंसा में करीब 300 लोगों की मौत हो गई थी. बांग्लादेश में पुलिस और छात्रों के बीच लंबे समय से प्रदर्शन हो रहा है. प्रदर्शन का मुख्य कारण है- आरक्षण. छात्र बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ एकजुट हैं. दरअसल, बांग्लादेश में नियम है कि 1971 में आजादी की लड़ाई लड़े लोगों को नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. छात्रों का कहना है कि इस आरक्षण का लाभ सिर्फ सत्तारूढ़ दल के जुड़े लोगों को मिल रहा है.
शेख हसीना ने छात्रों को कहा- आतंकवादी
एक दिन पहले, हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने आवास पर राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई थी. इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाई थी. उन्होंने कहा था कि देश की संप्तत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. यह छात्र नहीं आतंकवादी है. ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए.
पाकिस्तान सरकार कर रही है जांच
क्या बांग्लादेश की हिंसा में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान सेना का हाथ है…इस सवाल पर सूत्रों द्वारा कहा जा रहा है कि कहा जा रहा है कि बांग्लादेश में छात्र शिविर नाम के एक संगठन ने हिंसा को भड़काया है. यह संगठन जमात-ए-इस्लामी की एक शाखा है. खास बात है कि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में प्रतिबंधित है. बांग्लादेश के सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन है. बांग्लादेशी सरकार इस बात की जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है कि यह सच में आईएसआई ने विद्रोह में हस्तक्षेप किया है.
प्रधानमंत्री आवास में दाखिल हुए प्रदर्शनकारी
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों और हसीना के समर्थकों के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में झड़पें हुई हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास में दाखिल हो गए हैं। इन झड़पों में 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। झड़पें रविवार की सुबह हुईं जब प्रदर्शनकारी ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के परचम तले आयोजित ‘असहयोग कार्यक्रम’ में भाग लेने पहुंचे। अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई।
इस बीच राजधानी ढाका सहित देशभर में सेना तैनात कर दी गई है। सड़कों से पुलिस को हटा दिया गया है।







