NEET यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई अपनी कार्रवाई लगातार कर रही है। कथित तौर पर सॉल्वर गैंग से जुड़े होने के आरोप में रांची के रिम्स से एक छात्रा को सीबीआई ने हिरासत में लिया है। सीबीआई की टीम मेडिकल छात्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीबीआई ने छात्रा से फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी जब्त किए हैं। सीबीआई फिलहाल यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने हल किए सवालों के जवाब तो आगे नहीं भेजे थे।
फर्स्ट ईयर की है छात्रा
मिली जानकारी के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की टीम ने रांची के रिम्स से फर्स्ट ईयर की छात्रा को हिरासत में लिया है। मेडिकल छात्रा को हिरासत में लेकर सीबीआई की टीम पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पहले गिरफ्तार किए जा चुके लोगों से मिले सबूतों के आधार पर ये कार्रवाई की गई है।
मिली थी ये जानकारी
नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम को यह जानकारी मिली थी कि रांची के रिम्स की फर्स्ट ईयर की छात्रा सॉल्वर गैंग में शामिल है। जानकारी मिलने के बाद गुरुवार की देर रात सीबीआई की टीम ने रिम्स हॉस्टल में अपनी दबिश दी। रिम्स के गर्ल्स हॉस्टल में जाकर टीम एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा को अपने साथ ले गई, सीबीआई पूछताछ कर रही है।
छात्रा से पूछताछ के लिए बुधवार शाम ही हॉस्टल पहुंची थी सीबीआइ की टीम
सीबीआइ की टीम छात्रा से पूछताछ के लिए बुधवार शाम ही रिम्स के हॉस्टल नंबर-3 में पहुंची थी. देर शाम तक पूछताछ करने के बाद उसे पुलिस हिरासत में हॉस्टल में ही रखा गया. गुरुवार सुबह उसे दोबारा पूछताछ के लिए रांची स्थित सीबीआइ के कार्यालय में बुलाया गया. लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. परिजनों की अनुपस्थिति में बुधवार और गुरुवार को छात्रा से पूछताछ के दौरान डीन स्टूडेंट वेलफेयर और हॉस्टल वार्डन को छात्रा के बारे में जानकारी के लिए बुलाया गया था. उसको हिरासत में लिये जाने की जानकारी रिम्स प्रबंधन के जरिये उसके अभिभावकों को दी गयी. गुरुवार को उसके अभिभावक सीधे सीबीआइ के कार्यालय पहुंचे थे.
संजीव मुखिया तक पहुंचने की कोशिश कर रही सीबीआइ
बता दें कि नीट यूजी-2024 पेपर लीक मामले में झारखंड के किसी मेडिकल कॉलेज से यह पहली गिरफ्तारी है. सीबीआइ इस पूरे मामले के मास्टर माइंड संजीव मुखिया तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. इसके लिए कुछ मेडिकल के छात्र और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. पटना एम्स से पहले जोधपुर एम्स के तीसरे वर्ष के छात्र हुकमा राम का नाम भी इस मामले में सामने आया है. हालांकि वह फिलहाल फरार है.
चारों छात्रों के कमरे सील, सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त
नीट यूजी पेपर लीक मामले में पूर्व में गिरफ्तार किये गये मुख्य आरोपी रॉकी से पूछताछ के आधार पर सीबीआइ ने पटना एम्स के चार मेडिकल स्टूडेट को गिरफ्तार किया है. इनमें चंदन सिंह, कुमार शानू, राहुल आनंद और करण जैन शामिल हैं. सीबीआइ ने इन चारों छात्रों के कमरों को सील कर दिया है, जबकि मोबाइल सहित सभी इलेक्ट्रिक गैजेट अपने कब्जे में ले लिये हैं. सीबीआइ इन छात्रों के कॉल डिटेल्स भी निकाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि पिछले दो-ढाई महीनों में इन छात्रों ने किन-किन लोगों से बात की है. इन चारों छात्रों के ईमेल एकाउंट और सोशल मीडिया एकाउंट को भी खंगाला जा रही है. गुरुवार को सीबीआइ ने चंदन सिंह, कुमार शानू, राहुल आनंद, करण जैन और सुरेंद्र को चार दिनों की रिमांड पर लिया है. उल्लेखनीय है कि सुरेंद्र ने ही रॉकी और अन्य आरोपियों की मुलाकात एम्स के इन चार एमबीबीएस छात्रों से करवायी थी. सुरेंद्र की भी गिरफ्तारी पटना एम्स परिसर से की गयी है.
रिम्स के पीआरओ ने दी ये जानकारी
वहीं, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में रिम्स से हिरासत में लिए गए एक छात्र के बारे में रिम्स के पीआरओ डॉ राजीव रंजन ने कहा, “छात्रा 2023 बैच की है जो फर्स्ट ईयर में पढ़ती है और वह अब सीबीआई की हिरासत में है। उन्होंने शुरुआत में छात्रा से कुछ शुरुआती जानकारी के लिए प्रशासन से संपर्क किया और उसके बाद कल उन्होंने उसी में आगे की जांच के लिए फिर से संपर्क किया और फिर उन्होंने छात्रा को हिरासत में ले लिया। सीबीआई द्वारा किसी भी अन्य जानकारी के लिए ही संपर्क किया जाता है। इस मामले में प्रशासन पूरा सहयोग देगा और जब भी वे संपर्क करेंगे, उन्हें जो भी जानकारी चाहिए वह दी जाएगी लेकिन हिरासत के बाद अब तक ऐसी कोई बात नहीं हुई है…”
सबसे बड़ा राजदार
बता दें कि पेपर लीक कांड में अब तक सबसे बड़ा राजदार रॉकी साबित हुआ है। रॉकी ने सीबीआई के सामने पेपर सॉल्व करने वाले एमबीबीएस छात्रों का राज उगला, जिसके बाद पटना एम्स के 4 मेडिकल छात्रों की गिरफ्तारी की गई। वहीं, अब सीबीआई ने रांची की एक मेडिकल छात्रा को भी हिरासत में लिया है।







