पीएम नरेंद्र मोदी 3.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को होने जा रहा है. ऐसे में देश में सबसे ज्यादा 80 सांसद भेजने वाले उत्तर प्रदेश पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं. इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से बीजेपी के 33 सांसद चुनकर आए हैं, जिनमें खुद पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं. यूपी से करीब 8 सांसदों के मंत्री बनने की उम्मीद की जा सकती है. फिलहाल संभावना है कि इनमें यूपी से कम से कम 6 सांसद मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. यूपी देश के सबसे ज्यादा सांसदों वाला राज्य है.
इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 2014 और 2019 की तरह अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है. जिसके कारण उस पर सहयोगी दलों को खुश करने के विकल्प के अलावा कोई रास्ता नहीं है. यूपी से एनडीए के सहयोगी अपना दल की अनुप्रिया पटेल और रालोद के जयंत चौधरी का मंत्री बनना तय माना जा रहा है. इसके साथ की पीएम नरेंद्र मोदी खुद यूपी के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी मंत्रिमंडल में रहना तय ही माना जा रहा है. इस हाल में यूपी में बीजेपी के केवल चुनिंदा लोगों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद की जा सकती है.
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यूपी से कुछ पिछड़ा वर्ग के चेहरों को बीजेपी मंत्रिमंडल में मौका दे सकती है. यूपी से पिछड़ा वर्ग के जिन लोगों के नाम की चर्चा मंत्री पद की रेस में हैं, उनमें लगातार दूसरी बार या जीतकर आने वाले सांसदों का नाम भी है. इनमें राजकुमार चाहर और छत्रपाल सिंह गंगवार का नाम भी है. इसके साथ ही मथुरा से लगातार जीत की पताका फहराने वाली हेमा मालिनी को भी मंत्री बनाया जा सकता है. जबकि गोरखपुर से जीतने वाले रवि किशन को अभी इंतजार करना होगा.







