नालंदा का मतलब नीतीश कुमार है। पिछले सात लोकसभा चुनाव से लगातार नीतीश कुमार के उम्मीदवार की ही जीत हो रही है। 1996 से लेकर 2019 तक नालंदा में सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ही चली है। सीएम की जाति कुर्मी समुदाय से अब तक 7 सांसद बन चुके हैं। इसके अलावा यादव और ईसाई रहे हैं।
नीतीश को सियासत में काफी आगे ले जाने वाले दिग्गज नेता जार्ज फर्नांडिस भी यहां से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। नालंदा में इस बार अंतिम फेज में चुनाव है। एनडीए की ओर से यह सीट परंपरागत तौर पर जदयू के खाते में ही गई है।
नालंदा लोकसभा सीट मौजूदा समय में एनडीए गठबंधन यानी जदयू के पास है। साल 2004 में नीतीश कुमार यहां से सांसद बने थे। लेकिन, 2005 में बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ। इसमें भी जदयू के ही रामस्वरूप प्रसाद की जीत हुई थी। इसके बाद वर्ष 2009 से जदयू के सांसद कौशलेंद्र कुमार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। मौजूदा सांसद के पास सबसे अधिक एवं सबसे कम मतों से जीतने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। अब चौथी बार जीत दर्ज करने की चुनौती कौशलेंद्र कुमार के पास होगी।

सीएम की जाति कुर्मी का बोलबाला
नालंदा में सबसे ज्यादा आबादी कुर्मी जाति की ही है। यहां करीब 6 लाख कुर्मी हैं जो 25% है। दूसरे नंबर पर यादव जाति है। इनकी आबादी करीब 4 लाख है। यादव भी 20% हैं। कुशवाहा भी 10 फिसदी हैं। कुर्मी और कुशवाहा दोनों मिलते हैं तो नीतीश के पास 35 फीसदी का समर्थन मिलता है। इसके बाद अन्य जातियों का भी समर्थन नीतीश कुमार को मिलता है। यही समीकरण नीतीश को नालंदा का सिरमौर बना देता है।
कृषि प्रधान इलाका रहा है नालंदा
नालंदा का इलाका कृषि प्रधान है। यहां के लोगों की मुख्य आय खेती ही है। इस इलाके में जबरदस्त खेती होती है। नीतीश कुमार की जाति कुर्मी को खेतिहर भी कहा जाता है। वे जमकर खेती करते हैं। यहां के किसान आलू, सब्जी, गेहूं, धान एवं दलहन की खेती करते हैं। आलू की उपज के लिए यह इलाका पूरे बिहार में प्रसिद्ध है। सिंचाई के लिए किसानों को नलकूप का सहारा लेना पड़ता है। निजी बोरिंग ही खेती पटवन के कार्य में आते हैं।

नालंदा में सात विधानसभा क्षेत्र
नालंदा में सात विधानसभा क्षेत्र है। इनमें नालंदा, हरनौत, राजगीर, अस्थावां, इस्लामपुर, बिहार शरीफ और हिलसा है। नालंदा अपने प्राचीन इतिहास के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां विश्व के सबसे प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष आज भी हैं। बुद्ध और महावीर से जुड़े जगह यहां की धरोहर हैं। यहां पर्यटक विश्वविद्यालय के अवशेष, संग्रहालय, नवनालंदा महाविहार,आदि स्थलों को देखने आते हैं। भगवान बुद्ध ने सम्राट अशोक को यहां उपदेश भी दिया था। इस क्षेत्र में कई गर्म पानी के झरने हैं। यहां चीन का मंदिर, जापान का मंदिर और यहां जमा मस्जिद प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।
इंटरनेशनल स्टेडियम बन रहा, एयरपोर्ट की भी घोषणा
नालंदा के राजगीर में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाया जा रहा है। साथ ही हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट को लेकर भी स्वीकृति मिल गई है। नालंदा के लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट भी मिल सकता है। वहीं, आयुध फैक्ट्री, हरनौत में रेल कोच फैक्ट्री, राजगीर में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप, पांडू पोखर, जू-सफारी, नेचर सफारी, घोड़ा कटोरा जैसी जगहें भी है। यहां अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय नालंदा का भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

नालंदा में मतदाताओं का आंकड़ा समझिए
नालंदा में इस बार 22 लाख 77,790 मतदाता अपना सांसद चुनेंगे। इनमें 11 लाख 90,971 पुरुष मतदाता हैं। वहीं, 10 लाख 46,709 महिला मतदाता। 70 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं। मतदान के लिए 2,364 बूथ बनाए गए हैं।
नालंदा लोकसभा सीट पर 1957 से 1971 तक कांग्रेस का कब्जा रहा है। तीन बार सीपीआई भी इस सीट पर जीत का परचम लहरा चुकी है। वर्ष 1996, 1998 और 1999 में जॉर्ज फर्नांडीज ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने 2004 में इस सीट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद जदयू प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार नालंदा लोकसभा की सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं।

*अब तक कौन कौन रहे नालंदा के सांसद*
- 2019 कौशलेंद्र कुमार (जदयू)
- 2014 कौशलेंद्र कुमार (जदयू)
- 2009 कौशलेंद्र कुमार (जदयू)
- 2005 रामस्वरूप प्रसाद उपचुनाव (जदयू)
- 2004 नीतीश कुमार (जदयू)
- 1999 जॉर्ज फर्नांडीज (जदयू)
- 1998 जॉर्ज फर्नांडीज (समता पार्टी)
- 1996 जॉर्ज फर्नांडीज (समता पार्टी)
- 1991 विजय कुमार यादव (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी)
- 1989 रामस्वरूप प्रसाद ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
- 1984 विजय कुमार यादव ( भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी)
- 1980 विजय कुमार यादव ( भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी)
- 1977 वीरेंद्र प्रसाद ( जनता पार्टी)
- 1971 सिद्धेश्वर प्रसाद ( भारतीय कांग्रेस पार्टी)
- 1967 सिद्धेश्वर प्रसाद ( भारतीय कांग्रेस पार्टी)
- 1962 सिद्धेश्वर प्रसाद ( भारतीय कांग्रेस पार्टी)
- 1957 कैलाशपति सिंह ( भारतीय कांग्रेस पार्टी)







