बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन राडेव ने अरब सागर में हाईजैक्ड मर्चेंट शिप एमवी रुएन को सफलतापूर्वक छुड़ाने को लेकर भारतीय नौसेना का आभार जताया है. इस जहाज से बचाए गए चालक दल के 17 सदस्यों में सात बुल्गारियाई नागरिक थे.
बुल्गेरियाई राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर कहा, ‘अपहृत जहाज ‘रुएन’ और 7 बुल्गारियाई नागरिकों सहित उसके चालक दल को बचाने के लिए भारतीय नौसेना की बहादुरी भरी कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेरा हार्दिक आभार.’
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रुमेन राडेव की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि वह उनके संदेश की सराहना करते हैं. पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है.
पीएम मोदी ने लिखा, ‘बुल्गारिया के राष्ट्रपति, आपके संदेश की सराहना करते हैं. हमें खुशी है कि 7 बुल्गारियाई नागरिक सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे. भारत नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैतों और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है.’
Appreciate your message President @PresidentOfBg . We are happy that 7 Bulgarian nationals are safe and will be returning home soon. India is committed to protecting freedom of navigation and combating piracy and terrorism in the Indian Ocean region. https://t.co/nIUaY6UJjP
— Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2024
बता दें कि भारतीय नौसेना ने अरब सागर में लगभग 40 घंटे चले बचाव अभियान में 35 समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया और पूर्व मर्चेंट शिप रुएन के चालक दल के 17 सदस्यों को बचाया.
नौसेना ने रविवार को बताया कि उसने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को अपहरण करने के सोमाली समुद्री लुटेरों के मंसूबों पानी फेरने के लिए अरब सागर में आईएनएस कोलकाता को तैनात किया था. नौसेना ने कहा, ‘पूर्व मर्चेंट शिप रुएन को 15 मार्च को आईएनएस कोलकाता ने रोका। रुएन का दिसंबर 2023 में अपहरण कर लिया गया था और यह सोमालियाई समुद्री डाकुओं के नियंत्रण में था.’







