कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज 63 दिन बाद महाराष्ट्र के मुंबई में समापन हो रहा है। न्याय यात्रा के समापन को लेकर शिवाजी पार्क में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया है। इस रैली में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी शामिल हो रहे हैं। साथ ही माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य शामिल हो रहे हैं।
माना जा रहा है कि बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर फंसा पेंच सुलझ सकता है। तेजस्वी और राहुल गांधी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बात हो सकती है। इंडी गठबंधन में शामिल माले ने जहां 8 सीटों की डिमांड की है। वहीं कांग्रेस 10 सीटों पर लड़ना चाहती है। बहुत संभव है महागठबंधन या गठबंधन इंडिया के शीर्ष नेता आपस में सीट शेयरिंग पर फंसे पेंच को भी खत्म करेंगे।
समापन समारोह में तेजस्वी के अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शामिल होंगे। शिवसेना (UBT), NCP (शरद गुट), आम आदमी पार्टी (AAP) सहित I.N.D.I.A ब्लॉक की अन्य पार्टियों के नेता भी पहुंचेंगे। इस रैली को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
कांग्रेस भी सम्मानजनक समझौता चाहती है
कांग्रेस इलेक्शन कमेटी और स्क्रीनिंग कमेटी में यह बात उठी कि कांग्रेस के साथ सम्मानजनक समझौता हो। कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष शरबत जहां, मुन्ना तिवारी ने बैठक में यह सवाल उठाया। कांग्रेस 10 सीटों की मांग कर रही है।
हालांकि, आरजेडी और लेफ्ट की मदद से फिर से राज्यसभा गए अखिलेश ने कहा कि इसमें कुछ आगे-पीछे हो सकता है। सीट शेयरिंग के लिए कांग्रेस की इलेक्शन कमेटी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे और सोनिया गांधी को अधिकृत कर दिया है।
माले ने पाटलिपुत्र सहित आठ सीटों की मांग रख चुकी है
बिहार में खास तौर से माले ने अपनी मांग में पाटलिपुत्र सीट को सिर्फ शामिल ही नहीं किया है, बल्कि वहां से संदीप सौरभ के नाम का प्रस्ताव भी सामने कर दिया है। माले ने पांच सीट की बजाय आठ सीट मांग कर दी है। ये आठ सीटें हैं आरा, सीवान, काराकाट, कटिहार, पाटलिपुत्रा, जहानाबाद, नालंदा और वाल्मीकि नगर। माले ने रविवार को प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि सीट बंटवारे में देर ठीक नहीं।
तेजस्वी-राहुल जाति गणना और ओबीसी की हकमारी पर सवाल उठा रहे
तेजस्वी यादव लगातार बिहार में जाति गणना कराने में का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में आरक्षण का दायरा 75 फीसदी तक नीतीश-तेजस्वी सरकार ने किया। वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी देश में जाति गणना की मांग कर रहे हैं। वे लगातार यह भी कह रहे हैं कि देश की 88 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दलित, आदिवासी और पिछड़े समुदायों से है। इसके बावजूद प्रशासन, न्यायपालिका, पत्रकारिता सहित तमाम क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बहुत कम है।
जन विश्वास रैली के बाद यह बड़ा आयोजन
गांधी मैदान में हुई जन विश्वास रैली में शामिल होने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा नेता अखिलेश प्रसाद सिंह आदि आए थे। उसमें खासी भीड़ जुटी थी। उस बड़े आयोजन के बाद राहुल बड़ा आयोजन मुंबई में कर रहे हैं। चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है। इसलिए इसकी उम्मीद है कि लोकसभा की सीटों का बंटवारा आपस में जल्द कर लिया जाएगा।







