लोकसभा सीट मैनपुरी पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की विरासत को बचाने की इस बार सांसद डिंपल यादव के सामने चुनौती होगी। सांसद रहते हुए मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पुत्रवधू डिंपल यादव ने चुनाव लड़ा। उपचुनाव में सपा के पक्ष में सहानुभूति की जमकर लहर चली।
बसपा और कांग्रेस चुनाव मैदान से बाहर रही थी। मैनपुरी लोकसभा सीट से वर्ष 1996 में पहली बार मुलायम सिंह यादव ने सांसद का चुनाव लड़ा। उन्होंने भाजपा के बाहुबली प्रत्याशी उपदेश सिंह चौहान को हराकर जीत हासिल की। इसके बाद जब जब मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़े वह हमेशा जीते।
मैनपुरी को मुलायम सिंह यादव अपनी कर्मभूमि मानते थे। उनको जिले के लोगों से सीधा लगाव था। उनको हर वर्ग का समर्थन मिलता था। भाजपा ने उनको हराने के लिए हर जाति का प्रत्याशी मैदान में उतारा लेकिन भाजपा को हमेशा ही पराजय का सामना करना पड़ा।
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद वर्ष 2022 में उपचुनाव हुआ। सपा ने डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाया। उप चुनाव में भाजपा ने पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को चुनाव मैदान में उतारा। कांग्रेस और बसपा ने उप चुनाव से खुद को दूर रखा। उपचुनाव में जमकर सहानुभूति लहर चली। भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य को उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के सामने हार का सामना करना पड़ा।
लोकसभा के लिए होने वाले चुनाव में सपा ने डिंपल यादव को ही प्रत्याशी बनाया है। भाजपा मजबूत प्रत्याशी के नाम पर मंथन कर रही है। बसपा ने भी मैनपुरी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। ऐसे में इस बार डिंपल यादव के सामने अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की विरासत को बचाए रखने की चुनौती होगी। सपा इस बार अपने काम के सहारे चुनाव मैदान में उतरेगी।
सपा से जो लड़ा वही जीता
वर्ष 1989 से समाजवादियों का मैनपुरी लोकसभा सीट पर कब्जा है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने जिसे लड़ाया। मतदाताओं ने उसी प्रत्याशी का साथ दिया। मुलायम सिंह यादव के गुरु उदयप्रताप सिंह यादव, इटावा निवासी बलराम सिंह यादव के अलावा सपा संस्थापक के भतीजे धर्मेंद्र यादव तथा पौत्र तेजप्रताप यादव भी मैनपुरी लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं।
मुलायम सिंह यादव मैनपुरी को अपनी कर्मभूमि मानते थे। जिले में सपा ने काफी विकास कार्य कराए हैं। भाजपा के प्रत्याशी लोकसभा चुनाव हारने के बाद जनता के बीच से गायब हो जाते हैं। सपा इस बार भी लोकसभा सीट पर जीत हासिल करेगी। -आलोक शाक्य, जिलाध्यक्ष सपा







