प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू यादव के करीबी बालू कारोबारी सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया है। देर रात करीब 12 बजे सुभाष यादव को ED की टीम साथ में लेकर गई है। गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। फिर रविवार सुबह राजद नेता को बेऊर जेल भेज दिया गया।
ED ने शनिवार को सुभाष यादव के 6 ठिकानों पर 14 घंटे छापेमारी की थी। उनपर अवैध बालू कारोबार से जुड़े मामले में ये कार्रवाई हुई है। जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान दानापुर स्थित आवास से 2 करोड़ कैश मिले। इसके अलावे संपत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। वे ब्रॉडसन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं। लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे हैं।
जांच एजेंसी शनिवार की सुबह दानापुर में तकियापर पर स्थित घर, सगुना मोड़ स्थित मां मरछिया देवी अपार्टमेंट, दानापुर बिस्कुट फैक्ट्री मोड़ स्थित पानी प्लांट, शाहपुर थाना के क्षेत्र के ऑफिस सहित कई ठिकानों पर ED के अधिकारी पहुंचे थे।
छापेमारी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान ईडी ने उनके कारोबारी सहयोगी विजय यादव के यहां भी छापेमारी की थी। इससे पहले भी कई बार इनकम टैक्स, सीबीआई की टीम बालू कारोबारी सुभाष यादव के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।

कंपनी के डॉयरेक्टर भी हैं
सुभाष यादव बालू के कारोबार से जुड़े ब्रॉडसन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं। राजद सुप्रीमो लालू यादव के परिवार के करीबियों ने इनकी गिनती होती है। इससे पहले भी कई बार इनकम टैक्स, सीबीआई की टीम बालू कारोबारी सुभाष यादव के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
झारखंड के चतरा से लोकसभा उम्मीदवार थे
RJD नेता सुभाष यादव ये पूर्व विधायक ही नहीं, बल्कि पिछले बार लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड के चतरा से उम्मीदवार थे, लेकिन वो चुनाव हार गए थे। चतरा से राजद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके सुभाष प्रसाद यादव अकूत संपत्ति के मालिक हैं। लालू यादव से उनका कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है, लेकिन ये उनके करीबी बताए जाते हैं।

RJD MLC विनोद जायसवाल पर भी रेड हुई थी
ईडी की रडार पर कई ऐसे सफेदपोश हैं जिन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित की है। इसी कड़ी में शुक्रवार को आयकर विभाग ने राजद के एक नेता के ठिकानों पर जांच की थी। बता दें कि RJD MLC विनोद जायसवाल के ठिकानों पर आयकर टीम के द्वारा 6 घंटे से अधिक समय तक छापेमारी की गई। तलाशी में आयकर अधिकारियों ने बड़ी संख्या में दस्तावेज समेत कई कागजात जब्त किए हैं। जब्त कागजात में विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश के अलावा कई स्थानों पर जमीन जायदाद में भी निवेश से जुड़े कागजात शामिल हैं।
लालू से सुभाष यादव का क्या है रिश्ता
सुभाष यादव का लालू प्रसाद से बहुत पुराना और गहरा नाता है। एक समय में सुभाष यादव दानापुर स्थित लालू के खटाल की देख रेख किया करते थे। बाद में वो बालू के अवैध धंधे उतर गए। फिर उन्होंने एक सिंडिकेट बनाई। छोटे-छोटे बालू माफियाओं को उससे जोड़ा। इसके बाद ब्रॉडसन के नाम से कंपनी बना डाली।
सूत्र बताते हैं कि सुभाष यादव को राजनीतिक संरक्षण लगातार मिलता रहा। लालू प्रसाद के ये इतने खास है कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट के दरम्यान पारिवार के लोगों के अलावा सुभाष यादव भी वहां मौजूद थे।







