पिछले 7 महीने से फरार चल रहे आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार ने पटना की आर्थिक अपराध इकाई की विशेष कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है. समर्पण के बाद निलंबित आईपीएस अधिकारी ने अपनी नियमित जमानत याचिका भी दायर की थी. लेकिन, आर्थिक अपराध इकाई कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है. उन्हें 14 दिनों के लिए यानि अगले 18 दिसंबर तक पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है.
जानकारी के अनुसार आदित्य कुमार को बेउर जेल की आमद वार्ड में रखा गया है. आदित्य कुमार पर कई गंभीर आरोप लगे हैं. इसमें पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजय करोल के नाम पर बिहार के डीजीपी रहे एसके सिंघल को फोन करने का मामला भी है. अजीत कुमार पर अपने साथी अभिषेक अग्रवाल के साथ मिलकर पूरा षड्यंत्र रचने का आरोप है. उन्होंने अपने ऊपर चल रहे मामले को रफा दफा करने के मकसद से अभिषेक अग्रवाल से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर डीजीपी को कॉल कराया था.
इतना ही नहीं बिहार सरकार के एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी को भी बेहतर पोस्टिंग के लिए फोन करवाने का इनके ऊपर आरोप है. मामले का खुलासा होने के बाद ईओयू द्वारा 16 अक्टूबर 2022 को प्राथमिक की दर्ज की गई थी. अभिषेक अग्रवाल उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था. लेकिन, आदित्य कुमार फरार चल रहे थे. आदित्य की अग्रिम जमानत अर्जी सेशन कोर्ट और पटना हाईकोर्ट से पहले ही खारिज की जा चुकी थी. वह सुप्रीम कोर्ट गुहार लगाने पहुंचे थे लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली. कोर्ट ने दो सप्ताह में इसलिए कोर्ट में आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था. इसके बाद उन्होंने पटना में आकर समर्पण किया.







