बिहार में शिक्षकों के लिए छुट्टियों की नई लिस्ट आ गई है। 2024 में मास्टर साहब को गर्मी की छुट्टी में भी स्कूल आना होगा। इसके अलावा 220 दिन की पढ़ाई को जरूरी किया गया है। पिछले साल के मुकाबले कई छुट्टियों को हटा दिया गया है। इसमें साफ-साफ कहा गया है कि मुस्लिम बहुल इलाकों के स्कूल में डीएम के आदेश पर शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी दी जा सकती है।
कैलेंडर वर्ष 2024 में सभी प्रकार के राजकीय/राजकीयकृत और अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त उर्दू (प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक) विद्यालय/मकतब की अवकाश तालिका (Holiday Table) जारी कर दी गई। अवकाश तालिका को जारी करने के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत तय बाध्यता का पालन हो।
बिहार सरकार ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को कम से कम 220 दिन पढ़ाने के लिए ईद, बकरीद और मुहर्रम के लिए छुट्टियों के दिन बढ़ा दिए हैं, वहीं हिंदू पर्व त्योहारों में छुट्टियां कम कर दी गई हैं. बकरीद पर पहले दो दिनों की छुट्टी होती थी, लेकिन वर्ष 2024 में दोनों पर्वों पर स्कूल तीन-तीन दिन बंद रहेंगे. वहीं, गर्मी की छुट्टी को दस दिन बढ़ा दिया. पहले 20 दिन छुट्टी होती थी, अगले साल 30 दिन की गर्मी छुट्टी होगी. जबकि हिंदू पर्व त्योहारों में छुट्टियां कम कर दी गई हैं. इससे भी बड़ी बात यह कि साप्ताहिक अवकाश के दिनों में भी बदलाव है. दरअसल, बिहार के उर्दू स्कूलों में जुमा यानी शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश का दिन घोषित किया गया है. भाजपा ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि नीतीश सरकार बिहार को इस्लामिक स्टेट घोषित कर दे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर अजय आलोक ने नीतीश सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा है कि स्कूल के लिए छुट्टियों के कैलेंडर में इसकी झलक दिख रही है. हिंदुओं के त्योहार पर छुट्टियां रद्द कर दी गईं और ईद पर तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया. डॉक्टर अजय आलोक ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार पहले ही दुर्गा पूजा की छुट्टियों में कटौती कर चुकी है. उन्होंने ये भी कहा कि नीतीश कुमार बिहार को इस्लामिक स्टेट घोषित कर दें, यही बेहतर होगा.
बिहार सरकार की अधिसूचना में उर्दू स्कूलों के लिए जारी निर्देश.
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार को घेरा है. बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज ने सूबे को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार बताते हुए कहा है कि नीतीश और लालू की रकार ने मुस्लिम पर्व की छुट्टी बढ़ाई, रक्षाबंधन और शिवरात्रि पर अवकाश नहीं मिला.
बीजेपी के राज्यसभा सांसद और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके सुशील मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट कर नीतीश सरकार पर हमला बोला.. उन्होंने कहा है कि बिहार सरकार ने एक बार फिर जन्माष्टमी, रक्षाबंधन और शिवरात्रि की छुट्टी रद्द कर दी है. सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार हिंदुओं को जातियों में बांटने और अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण से वोट की राजनीति में लगे हैं.
बता दें कि सोमवार की शाम बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने साल 2024 के लिए सरकारी स्कूलों में छुट्टियों की लिस्ट निकाली. इस अधूसचना में जहां, हिंदू पर्व त्योहारों की छुट्टियों में कटौती की गई है, वहीं मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियों के दिन बढ़ा दिए गए हैं. वहीं, बिहार में जो इलाके मुस्लिम बहुल हैं, वहां भी जुमे के दिन साप्ताहिक छुट्टी होने की घोषणा की गई है. बिहार मुसलमानों के लिए जुमे को सरकारी साप्ताहिक अवकाश घोषित करने वाला संभवतः देश का पहला राज्य बन गया है.
यहां यह भी बता दें कि बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में सरकारी संस्थानों में रविवार को साप्ताहिक छुट्टी होती है. यही व्यवस्था सरकारी स्कूलों में भी लागू है. लेकिन, वर्ष 2024 की छुट्टी के लिए बिहार सरकार ने अलग व्यवस्था की है. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने अपने नये आदेश में लिखा है- राज्य के सभी उर्दू प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों, मकतबों में साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार को रहेगा. उक्त विद्यालय रविवार को अन्य दिनों की तरह ही खुले रहेंगे.बिहार सरकार ने शुक्रवार को छुट्टी की ये व्यवस्था सिर्फ उर्दू स्कूलों और मकतबों में नहीं की है. अब अगर कोई सरकारी स्कुल मुसलमानों के इलाके में है तो वहां भी रविवार के बदले शुक्रवार को छुट्टी होगी.
छुट्टियों से जुड़ी बड़ी बातें
- राज्य के सभी राजकीय/राजकीयकृत और अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त उर्दू (प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक) विद्यालय/मकतब अवकाश तालिका के अनुसार ही बंद रहेंगे।
- ग्रीष्मावकाश (क्रमांक-12) केवल विधार्थियों के लिए है। प्रधानाध्यापक/अध्यापक/शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी सरकारी कैलेंडर के अनुसार विद्यालय में आएंगे। अन्य शैक्षणिक/प्रशासनिक /कार्यालीय कार्य निष्पादित करेंगे। इस दौरान Parent-Teacher Meeting होती रहेंगी। वैसे छात्र, जो शिक्षा के अधिकार (संशोधन) अधिनियम 2019, सह-पठित बिहार सरकार की अधिसूचना-287 दिनांक-28.02.2019 की परिधि में आते हैं, उनकी भी विशेष कक्षाएं चलेंगी और विशेष परीक्षाएं ली जाएगी।
- सभी प्रारंभिक और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय मानक टाइम टेबल का पालन करेंगे। मानक टाइम टेबल अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
- किसी जिले विशेष में किसी विशेष अवसर पर अगर जिला पदाधिकारी किसी प्रकार का अवकाश घोषित करना चाहें तो उन्हें मुख्यालय स्तर पर शिक्षा विभाग से पूर्वानुमति लेना आवश्यक होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने स्तर से कोई अवकाश घोषित नहीं करेंगे।
- किसी भी सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने स्तर से विद्यालय अवकाश की घोषणा नहीं करेंगे अन्यथा उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सभी विद्यालयों में वार्षिकोत्सव, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और अन्य महापुरूषों की जयंती मनाई जाएगी।
- गुरुवार को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि रहेगी। भोजनावकाश तक अध्यापन का कार्य होगा। भोजनावकाश के बाद अभिभावकों के साथ बैठक और बाल संसद आयोजित की जाएगी।







