इजरायल और हमास के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है। जिसका खामियाजा गाजा को भुगतना पड़ रहा है। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गाजा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,630 बच्चों और 3,130 महिलाओं तक पहुंच गई है। द स्पेक्टेटर इंडेक्स ने ये जानकारी दी है।
41 हजार से ज्यादा संपत्तियां नष्ट
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अब तक की लड़ाई में 41 हजार से अधिक आवासीय संपत्तियां और 71 मस्जिदें नष्ट हो गई हैं, जबकि 253 स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ये जानकारी भी द स्पेक्टेटर इंडेक्स के हवाले से सामने आई है।
गाजा के संसदीय भवन में घुसे इजरायली सैनिक
द स्पेक्टेटर इंडेक्स के मुताबिक, इजरायली सैनिक गाजा के संसदीय भवन में घुस गए हैं। आईडीएफ के प्रवक्ता ने एक वीडियो टूर में कहा कि रान्तिसी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के बेसमेंट में हमास का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, आत्मघाती जैकेट, ग्रेनेड, एके-47 असॉल्ट राइफलें, विस्फोटक उपकरण, आरपीजी और अन्य हथियार पाए गए हैं।
कुछ समय पहले लेबनान से मलकिया क्षेत्र में सीमा के पास एक आईडीएफ चौकी की ओर कई प्रक्षेपणों का पता चला था। एक प्रक्षेपण को वायु रक्षा लड़ाकू विमानों ने रोक लिया और बाकी एक खुले क्षेत्र में गिरे।
इसके अलावा, लड़ाकू विमानों ने कल शाम लेबनान में हिजबुल्लाह संगठन के आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमला किया, यह पहले इजरायली क्षेत्र में की गई गोलीबारी के जवाब में था। हमले के दौरान कई सैन्य मुख्यालय जहां संगठन के आतंकवादी सक्रिय थे, नष्ट कर दिए गए।
בניין המועצה המחוקקת (הפרלמנט) בלב העיר עזה: עד ה-7 באוקטובר – סמל מרכזי לשליטת חמאס במערכת הפלסטינית, והתמונה היום – לאחר שהאתר נכבש ע"י לוחמי גולני. ההשתלטות על המבנה מהווה הסמל הבולט ביותר עד כה לערעור ממשל חמאס ברצועה. pic.twitter.com/To1qfByiwL
— מיכאל Michael Milshtein/ميخائيل ميلشطاين (@michael_mils) November 13, 2023
गाजा के अस्पताल के बाहर इजरायल-हमास में जंग, खतरे में बच्चों की जिंदगी,
इजरायल-हमास जंग के बीच गाजा के अस्पतालों वाले इलाके बैटल ग्राउंड बन चुके हैं. दर्जनों बच्चे समेत आम लोगों की जिंदगी खतरे में है. ईंधन सप्लाई रुकने की वजह से गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा की आईसीयू में भर्ती तीन बच्चों की जान चली गई. डॉक्टर का कहना है कि ईंधन सप्लाई आगे भी नहीं मिला तो 30 प्रीमेच्योर बच्चों की जानें जा सकती हैं.
इजरायल की सेना के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि अल शिफा अस्पताल में समय से पहले जन्मे बच्चों की जान बचाने के लिए ईंधन की तत्काल आवश्यकता थी, उसे हमास ने लेने से मना कर दिया. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रात के करीब 9 बजे इजरायल की सुरक्षा एजेंसी ने दावा किया कि हमास ने अस्पताल से रॉकेट दागे.
क्या है इजरायल का दावा?
न्यूज़ एजेंसी एपी के मुताबिक, पिछले दिनों इजरायली सेना ने अल शिफा अस्पताल को घेर लिया. इसके बाद हजारों लोग भाग गए, लेकिन सैकड़ों मरीज फंस गए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक (WHO) डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने कहा, “शिफा अब अस्पताल के रूप में काम नहीं कर रहा है.”
दरअसल, पिछले दिनों इजरायल ने दावा किया था कि हमास अस्पताल को शिल्ट के तौर पर इस्तेमाल किया है और इसमें छुपने के लिए टनल बनाए हुए हैं. वहीं हमास और अस्पताल दोनों ही इन आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं.
बेंजामिन नेतन्याहू और गाजा पट्टी के उप स्वास्थ्य मंत्री क्या बोले?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बीच हिजबुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी सेना पर हमला करने वाले आग से खेल रहे हैं. अभी तक हमने सिर्फ अपनी थोड़ी सी ही शक्ति का इस्तेमाल किया है. हमास खत्म हो जाएगा.
वहीं गाजा पट्टी के उप स्वास्थ्य मंत्री यूसुफ अबू रिश ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी से कहा कि कि गाजा के उत्तर में सभी अस्पताल आउट ऑफ सर्विस (सेवा से बाहर) हो चुके हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गाजा से दस लाख से अधिक नागरिक विस्थापित हो गए हैं.

ग्राउंड ऑपरेशन में 44 जवानों की मौत
इजराइली सेना ने सोमवार को कहा कि उत्तरी गाजा में ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान दो और सैनिकों की मौत हो गई है. इसी के साथ ग्राउंड ऑपरेशन में जान गंवाने वाले जवानों की संख्या 44 हो गई है. हमास ने सात अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इसके बाद इजरायल ने हवाई हमले शुरू किए और बाद में इजरायल की सेना गाजा में दाखिल हुई.
इस जंग में फिलिस्तीन के 11 हजार 240 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं इजरायल के 1200 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा करीब 240 लोगों को हमास अब भी बंधक बनाए हुए है.







