राजस्थान विधानसभा चुनाव में गुरुवार का दिन काफी अहम है। नामांकन हो चुके हैं, जांच भी हो चुकी है और अब नाम वापसी का आखिरी दिन आ गया है। प्रदेश में मुख्य रूप से मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होता आया है। इस बार पहली लिस्ट भाजपा की आई और तब से ही बगावत की ऐसी लहर उठी कि आखिरी लिस्ट तक जारी रही। यही हाल कांग्रेस का रहा। जहां बगावत कई सीटों पर समीकरण बिगाड़ रही है।
नाम वापसी के पहले दिन दोनों ही पार्टियां मुख्य सीटों पर बागियों को नहीं मना पाई। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह के बात करने पर झोटवाड़ा विधानसभा सीट पर बागी राजपाल सिंह शेखावत मान गए। ऐसे में प्रदेश में भाजपा के 36 और कांग्रेस के 40 बागी मैदान में डटे हैं। इनमें 13 कांग्रेस और 15 भाजपा के बड़े नेता अभी भी शामिल हैं।
प्रदेश के बीजेपी नेताओं में विरोध का बिगुल बजाने वाले राजपाल सिंह के सुर बदल गए हैं। हुआ यूं कि अमित शाह ने अरुण सिंह को फोन करके राजपाल से बात करने के लिए कहा। अरुण सिंह ने राजपाल को फोन करके बुलाया और समझाया। गुरुवार देर शाम राजपाल ने कोर कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से अमित शाह ने मुझे वादा किया गया है, इस बारे में सोचना जरूरी है। इसके बाद देर रात उन्होंने नामांकन वापस लेने का फैसला कर लिया।
चित्तौड़गढ़ से भाजपा के बागी आक्या को मनाने के प्रयास तेज
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी टिकट की घोषणा के बाद पहली बार चित्तौड़गढ़ पहुंचे। जोशी ने कहा- मुझे गाली दें, घर पर पत्थर फेंकें, लेकिन पार्टी को कुछ न कहें। पार्टी हमारी मां है। मैं यह सब कुछ सह सकता हूं। मैं हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि मैं सब कुछ भुलाने को तैयार हूं। हम सब मिलकर पार्टी के लिए काम करते हैं। जोशी ने इस दौरान पार्टी से बागी हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके विरोध के जवाब में उन्होंने सब कुछ भूल कर वापस पार्टी के लिए काम करने की बात कही।
बरजोड़ को मनाने पहुंचे मंत्री, नहीं बदला फैसला
डूंगरपुर जिले की चौरासी विधानसभा से कांग्रेस के बागी को मनाने कांग्रेस के नेता उनके घर पहुंचे, लेकिन बैरंग लौटना पड़ा। यहां कांग्रेस से पूर्व सांसद और पूर्व जिला प्रमुख ताराचंद भगोरा मैदान में हैं। वहीं, टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के प्रदेश महासचिव महेंद्र बरजोड़ ने निर्दलीय नामांकन भरा है।
कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, एआईसीसी के सचिव दिनेश खोड़निया, प्रत्याशी ताराचंद भगोरा, जिलाध्यक्ष वल्लभराम पाटीदार समेत कई कांग्रेस नेता महेंद्र बरजोड़ को मनाने पहुंचे। उन्होंने फिर से मौका मिलने जैसी बाते करते हुए मान- मनौवल की, लेकिन बरजोड़ अपनी जिद पर अड़े रहे और चुनाव लड़ने के लिए चुनौती दे दी।

सरदारशहर से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कुमार शर्मा के सामने नगर परिषद के सभापति राजकरण चौधरी अड़े हैं। चौधरी की शहर पर अच्छी पकड़ है। इसलिए कांग्रेस उन्हें मनाने की हर संभव कोशिश कर रही है। मनोहरथाना से कांग्रेस के नेमीचंद मीणा के सामने पूर्व कैलाश मीणा नहीं मान रहे हैं। कैलाश मीणा की क्षेत्र में सभी समाजों में अच्छी पकड़ है, जिससे कांग्रेस को बड़ा नुकसान होने की संभावना है।
बड़ी सादड़ी में बद्रीलाल जाट के सामने पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती नागौर में भी बनी हुई है। जहां हरेंद्र मिर्धा के सामने पूर्व मंत्री हबीबुर्रहमान नहीं मान रहे हैं। कमोबेश पुष्कर में भी यही स्थिति है। पुष्कर में नसीम अख्तर को पार्टी के ही पूर्व विधायक गोपाल बाहेती चुनौती दे रहे हैं। जबकि अख्तर पिछली बार भी हार गई थी।
शाहपुरा सीट पर भी कांग्रेस पेशोपेश में है। यहां पिछली बार भी पार्टी ने टिकट बदला तो पार्टी के नेता आलोक बेनीवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते। इस बार आलोक बेनीवाल कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन फिर नहीं मिला तो वे अब निर्दलीय मैदान में हैं।
बागियों ने की भाजपा की राह मुश्किल
भाजपा की पहली ही लिस्ट से बगावत के सुर उठने लगे थे, जो अंतिम सूची तक गूंजते रहे। हालाकि इन सबके बावजूद भाजपा ने किसी का टिकट नहीं बदला। भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुश्किल डीडवाना में बनी है। जहां पार्टी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह जोधा के सामने पूर्व विधायक और मंत्री युनूस खान डटे हुए हैं। युनूस खान भाजपा का प्रदेश में बड़ा मुस्लिम चेहरा थे। ऐसे में उनकी यहां मुस्लिम वोट में अच्छी पकड़ है।
गुजरात से सटी सांचौर सीट भी भाजपा के लिए मुसीबत बन गई है। भाजपा ने यहां नया प्रयोग करते हुए मौजूदा सांसद देवजी पटेल काे टिकट दे दिया। जिसके बाद वहां दो प्रमुख दावेदार पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी और पूर्व प्रत्याशी दानाराम चौधरी उनका खुलकर विरोध कर रहे हैं। दोनों एक हो गए हैं और जीवाराम चौधरी ने निर्दलीय नामांकन भर दिया है। इनका वहां के चौधरी समाज में अच्छा प्रभाव है।







