आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने कल एक ट्वीट किया था. उन्होंने बीजेपी पर सीधे तौर पर निशाना साधा था. जातीय गणना को लेकर छिड़े संग्राम पर उन्होंने ये बात बोली थी. जिसके बाद अब बीजेपी ने भी लालू प्रसाद यादव पर पलटवार किया है.
लालू यदाव ने लिखा –जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग है वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के ख़िलाफ है। ऐसे लोगों में रत्तीभर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है। किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्यायी प्रवृत्ति के होते है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक केवल और केवल जन्मजात जातीय श्रेष्ठता के आधार एवं दंभ पर दूसरों का हक खाकर अपनी कथित श्रेष्ठता को बरकरार रखना चाहते है। कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा।
जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग है वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के ख़िलाफ है। ऐसे लोगों में रत्तीभर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है।
किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्यायी प्रवृत्ति के होते है जो जन्म से…
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 9, 2023
इसके बाद बीजेपी ने लालू यादव को ही कैंसर बता दिया है. बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खुद ये जानते हैं कि कौन बिहार के लिए कैंसर है. इसलिए तो उन्होंने खुद लालू यादव को जेल भेजने का काम किया था.
‘राजनीतिक कैंसर के तौर पर हैं लालू जी’
BJP के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव के ट्वीट पर पलटवार करते हुए कहा कि बिहार में राजनीतिक कैंसर के तौर पर लालू जी हैं ये तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साबित भी कर दिया है. नीतीश जी ने ही उन्हें जेल भिजवाया था और आज रेलवे में नौकरी के बदले जमीन के मामले में वह चक्कर काट रहे हैं तो कौन कैंसर है और जहां तक बिहार में जातीय गणना का मामला है तो जातीय सर्वे भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरा कराया और लालू प्रसाद यादव से पूछिए कि 15 साल में क्या उन्होंने किसी को आरक्षण दिया है.
#WATCH | Patna: Bihar BJP president Samrat Choudhary says, "In Bihar politics, if someone has become a political cancer, then his name is Lalu Prasad Yadav. Nitish Kumar's party has proved it. They have sent him to jail for the fodder scam…" pic.twitter.com/W70Ij6Mwdk
— ANI (@ANI) October 10, 2023







