जेडीयू के अंदर छिड़ा घमासान और तेज होता जा रहा है. नीतीश के ख़ास मंत्री अशोक चौधरी ने एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के निर्देश को ठेंगा दिखा दिया है. अशोक चौधरी ने ललन सिंह को ठेंगा दिखते हुए बरबीघा के लिए रवाना हो गए. जानकारी के अनुसार ललन सिंह ने अशोक चौधरी को बरबीघा से जाने से मना किया था. मगर इसके बावजूद अशोक चौधरी बरबीघा रवाना हो गए. ललन सिंह ने अशोक चौधरी को ख़ास तौर पर जिस कार्यक्रम में नहीं जाने का निर्देश दिया था, अशोक चौधरी ने पूरे दमखम के साथ उसी कार्यक्रम में जाने का एलान भी कर दिया था .
बता दें कि तीन दिन पहले सीएम आवास में ललन सिंह और अशोक चौधरी के बीच तीखी तकरार हुई थी. नीतीश कुमार के सामने ही मंत्री अशोक चौधरी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के निर्देश को मानने से साफ़ मना कर दिया था. मामला ये था कि ललन सिंह ने अशोक चौधरी को बरबीघा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति से दूर रहने को कहा था. अशोक चौधरी ने ललन सिंह को जवाब दिया था कि वे कौन होते हैं रोकने वाले.
आपको बता दें कि भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी नगर परिषद बीघा अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास उद्घाटन करने जा रहे हैं। अशोक चौधरी जिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे उसमें डॉ. श्रीकृष्ण सिंह चौक से गंगटी मोड़ तक नाला शिलान्यास, थाना चौक पर प्रस्तावित लाला बाबू की मूर्ति का शिलान्यास, नसीब चौक से उलुआपुर तेउस रोड का उद्घाटन और जयरामपुर मोड़ से गौशाला होते हुए डीएवी स्कूल तरफ जाने वाली सड़क का शिलान्यास करेंगे. इसके बाद भवन निर्माण विभाग द्वारा निर्मित निरीक्षण भवन बरबीघा का उद्घाटन करेंगे.
दरअसल, बरबीघा के स्थानीय जेडीयू विधायक सुदर्शन कुमार ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अशोक चौधरी की शिकायत की थी. विधायक का आरोप था कि मंत्री अशोक चौधरी पार्टी के विधायक को दरकिनार कर बरबीघा में राजनीति कर रहे हैं. विधायक सुदर्शन कुमार ने ख़ास तौर पर 29 सितंबर को होने वाले अशोक चौधरी के कार्यक्रम का ज़िक्र किया था. इसके बाद ही ललन सिंह ने अशोक चौधरी को वहाँ जाने से मना किया था और बरबीघा की राजनीति से दूर रहने को कहा था.
अशोक चौधरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को ठेंगा दिखाया
सीएम आवास में ललन सिंह और अशोक चौधरी के बीच का वाक़या 25 सितंबर का है. जेडीयू के कई नेता ये मान रहे थे कि भले ही अशोक चौधरी ने बहस कर ली हो लेकिन वे ललन सिंह के निर्देश को नकार कर 29 सितंबर को बरबीघा जाने से परहेज़ करेंगे. लेकिन अशोक चौधरी ने डंके की चोट पर 29 सितंबर को बरबीघा जाने का एलान कर दिया है. अशोक चौधरी ने अपने कार्यालय से बरबीघा दौरे का प्रोग्राम जारी करा दिया है.
अशोक पर नीतीश की कृपा
जेडीयू के कई नेता ऑफ दि रिकार्ड स्वीकार रहे हैं कि अशोक चौधरी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के खिलाफ ये तेवर इसलिए दिखा रहे हैं, क्योंकि उन्हें नीतीश कुमार का आशीर्वाद हासिल है. ललन सिंह से अशोक चौधरी की बहस के बाद नीतीश कुमार हर रोज अशोक चौधरी से मिल रहे हैं. दोनों की मुस्कुराती हुई तस्वीर भी रोज सामने आ रही है. ऐसे में चर्चा ये हो रही है कि मामला ललन सिंह बनाम अशोक चौधरी का नहीं है. ये मामला नीतीश कुमार बनाम ललन सिंह का है. जेडीयू के एक नेता ने कहा कि अशोक चौधरी को आगे कर नीतीश कुमार अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का होम्योपैथिक इलाज कर रहे हैं. इस इलाज का क्या असर होगा ये देखना दिलचस्प होगा.







