उमा कृष्णैय्या की याचिका पर किसकी पीठ कर रही सुनवाई
इस मामले में सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ करेगी। बता दें कि नीतीश सरकार ने इसी साल अप्रैल में जेल नियमावली में संशोधन किया था, जिसके बाद आनंद मोहन सहित 97 कैदियों को रिहा कर दिया गया था। संशोधन के मुताबिक, अब उम्रकैद की सजा पाए कैदियों को भी अच्छे आचरण के आधार पर जमानत मिल सकती है।
याचिका पर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
उमा कृष्णैय्या की याचिका में कहा गया है कि आनंद मोहन ने उनके पति की हत्या की थी, जो एक लोक सेवक थे। ऐसे में उन्हें रिहा करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि आनंद मोहन की रिहाई को खत्म किया जाना चाहिए। ताकि वो अपनी सजा पूरी कर सके। याचिका पर पिछली सुनवाई 11 अगस्त को हुई थी। तब अदालत ने पूछा था कि आनंद मोहन सहित कितने दोषियों को इस साल सजा में छूट देकर जेल से रिहा किया गया। इस पर नीतीश सरकार को ओर से कोर्ट को बताया गया कि आनंद मोहन के साथ कुल 97 कैदियों को सजा में छूट देकर समय से पहले रिहा किया गया।
नीतीश सरकार की ओर के कोर्ट में दिए गए जवाब पर जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने पूछा कि क्या रिहा किए गए सभी 97 कैदी पब्लिक सर्वेंट की हत्या में दोषी थे? इस पर बिहार सरकार के वकील रंजीत कुमार ने कहा कि वे इस बारे में डिटेल जुटाने के बाद जवाब दे सकते हैं। ऐसे में डिटेल जुटाने के लिए कुछ समय का वक्त दिया जाए। इस पर कोर्ट ने 26 सितंबर का तारीफ सुनवाई के लिए मुकर्रर कर दी थी।
उमा कृष्णैय्या के पक्ष में आया फैसला तो बढ़ जाएंगी आनंद मोहन की मुश्किलें
इस मामले में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। ऐसे में अगर आज सुप्रीम कोर्ट जी कृष्णैय्या की पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाता है तो आनंद मोहन की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।







