बिहार में आज सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक है। जिसमें कई बड़े फैसलों पर मुहर के आसार है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में हुई जातीय जनगणना की रिपोर्ट आज कैबिनेट में रखी जा सकती है। जिसमें पता चलेगा कि आखिर कास्ट सर्वे को लेकर क्या अपडेट है। मुख्यमंत्री आज नियोजित शिक्षकों को भी गुड न्यूज दे सकते हैं। माना जा रहा कि सरकार उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने पर फैसला ले सकती है। इसके अलावा भी बिहार कैबिनेट में कई अहम निर्णय होने के आसार हैं। इससे पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज हरियाणा के कैथल में होने वाले आज इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के कार्यक्रम से दूरी बना ली है. यह कार्यक्रम इनेलो पूर्व उपमुख्यमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती पर कर रही है जिसमें विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन के नेता भी पहुंच रहे हैं. इसकी जगह वह पटना में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच गए हैं. नीतीश के इस कदम को सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है और इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं.
नीतीश ने आज ही बुलाई कैबिनेट
नीतीश के इस कदम पर जेडीयू की प्रतिक्रिया भी आई है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार पुरखों का सम्मान करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार ने आज ही कैबिनेट की बैठक भी बुलाई है जबकि बिहार में आमतौर पर कैबिनेट की बैठक मंगलवार को होती है. इससे पहले नीतीश कुमार कल जेडीयू दफ्तर पहुंचे थे जहां उनको कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी और फिर यहां से वह राबड़ी देवी के आवास चले गए थे.
बीजेपी के मार्गदर्शक रहे हैं पं. दीनदयाल उपाध्याय
आपको बता दें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सन 1953 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे थे. भाजपा की स्थापना के समय से ही वह इसके वैचारिक मार्गदर्शक और नैतिक प्रेरणा-स्रोत रहे हैं. उनकी जयंती पर बीजेपी हर साल बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है. बीजेपी शासित राज्यों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कई योजनाएं संचालित होती हैं.
नीतीश कैबिनेट की बैठक पर निगाहें
पटना में सुबह 11 बजे नीतीश कुमार कैबिनेट की मीटिंग है। जिसमें मुख्यमंत्री जातीय जनगणना की रिपोर्ट सबके सामने रखेंगे। हालांकि, बिहार कास्ट सर्वे का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। ऐसे में देखना होगा कि नीतीश कुमार कैबिनेट में जातीय सर्वे पर रिपोर्ट में क्या-क्या बड़ी बाते सामने आती हैं। मुख्यमंत्री लगातार इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं विपक्षी पार्टी की तरफ से भी कास्ट सर्वे की रिपोर्ट को लेकर डिमांड सामने आती रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पेश किया जा सकता है।
नियोजित शिक्षक बनेंगे राज्यकर्मी!
बिहार के साढ़े चार लाख नियोजित शिक्षकों को भी आज गुड न्यूज मिलने के आसार हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दे दिया जाएगा। संभावना है कि इनके वेतन में भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ-साथ कैबिनेट की बैठक में कई दूसरे फैसले भी लिए जाएंगे। वैसे भी सीएम नीतीश कुमार इस समय बेहद एक्टिव मूड में हैं। एक दिन पहले जिस तरह से उन्होंने जेडीयू ऑफिस का दौरा किया। फिर वो राबड़ी आवास भी पहुंचे थे।
तेजस्वी-राबड़ी से मुलाकात में क्या हुई बात?
नीतीश कुमार करीब 10 मिनट तक राबड़ी आवास में रहे। तेजस्वी-राबड़ी से उनकी मुलाकात हुई। हालांकि, लालू यादव उस समय पटना में नहीं थे तो उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। लालू यादव नालंदा में हैं। उनके साथ बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी हैं। इस बीच नीतीश कुमार के अचानक एक्टिव मोड पर आने से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सवाल यही है कि आखिर नीतीश कुमार की तेजस्वी से मुलाकात में क्या बात हुई।
आज कैथल में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
कैथल में आज इंडियन नेशनल लोकदल जो रैली हो रही है उसमें नीतीश कुमार को भी शामिल होना था. कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार इनेलो को I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल करना चाहते हैं. इनेलो के इस रैली में तेजस्वी यादव, फारूख अब्दुल्ला, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक के अलावा अन्य नेताओं के भी शामिल होने की बात कही जा रही है.
पिछले साल भी जब 25 सितंबर को इनेलो ने चौधरी देवीलाल की जयंती पर फतेहाबाद में एक कार्यक्रम किया था तो उसमें विपक्ष के कई नेता जुटे थे जिनमें नीतीश कुमार, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना के अरविंद सावंत, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर बादल और कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी शामिल थे.
यूं ही नहीं लग रही हैं अटकलें
नीतीश ने हाल के दिनों कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे अटकलों का बाजार गर्म है. जी 20 सम्मेलन में शामिल होने आए राष्ट्राध्यक्षों के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित डिनर में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात की थी और दोनों नेताओं में गर्मजोशी देखने मिली थी. इसके बाद केंद्र ने 15वें वित्त आयोग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बिहार को 3884 करोड़ रुपये की राशि देने की अनुशंसा कर दी थी. कुछ समय पहले जब I.N.D.I.A. गठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमेटी की पहली मीटिंग शरद पवार के आवास पर हुई थी जिसमें जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह को पहुंचना था लेकिन उससे पहले वह बीमार हो गए.







