बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की “रामचरितमानस पोटैशियम साइनाइड” टिप्पणी पर बीजेपी ने विपक्षी नेताओं की नीयत पर सवाल उठाए हैं. भाजपा संबित पात्रा का कहना है, “INDI गठबंधन के सभी लोग हिंदू धर्म के लिए जहर से भरे हुए हैं और यह उनके सभी बयानों में झलकता है. जिस पवित्र ग्रंथ में इसमें करोड़ों लोगों की श्रद्धा निहित है इसके बारे में उनका (चंद्रशेखर) कहना है कि रामचरितमानस पोटेशियम साइनाइड है. संबित पात्रा ने कहा कि ”जो लोग ‘राम’ को जहर कहने का दुस्साहस करते हैं, वे इस देश की मूल आस्था पर सवाल उठा रहे हैं और इसे चोट पहुंचा रहे हैं. जनता उनका बहिष्कार करेगी”.
बता दें कि अपने विवादित बयानों को लेकर प्राय: चर्चा में रहने वाले बिहार की नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को लेकर एक बार फिर विवादित बयान देकर बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है. चंद्रशेखर द्वारा रामचरित मानस को पोटैशियम साइनाइट बताने के बाद बिहार में जदयू ने जहां उनके इस बयान से किनारा कर लिया है, वहीं बीजेपी ने जोरदार हमला बोला है. बीजेपी ने कहा है कि चंद्रशेखर एक मेंटल केस हैं और उनकी मानसिकता पशुओं के समान है.
नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि बिहार के शिक्षा मंत्री अराजकता का माहौल बनाए हुए हैं. आरजेडी के नेता और मंत्री सुनियोजित तरीके से इस तरह के बयान दे रहे हैं. तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इनकी जमकर प्रशंसा करते हैं. ये लोग इस तरह की भाषा बोल रहे हैं, जिससे लगता है कि इनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. सीएम नीतीश कुमार की चुप्पी से इनको और बढ़ावा मिलता है.
हालांकि, जदयू ने मंत्री चंद्रशेखर के इस बयान से किनारा कर लिया है. मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा है कि इस तरह के बयान से समाज में वैमन्स्य फैलता है, और ऐसे बयान नहीं देने चाहिए. दूसरी ओर राजद के शिवानंद तिवारी ने चंद्रशेखर के बयान को सही ठहराते हुए उनका समर्थन किया है. हालांकि, शिवानंद तिवारी ने शिक्षा मंत्री को समर्थन के साथ नसीहत भी दी. शिवानंद तिवारी ने कहा कि तुलसीदास के विषय में शिक्षा मंत्री का बयान सही है, क्योंकि तुलसीदास ने कहा है कि जिसके पास कोई गुण नहीं वैसे लोगों की पूजा करिए. वैसे शूद्र जिसके पास सभी गुण हैं, फिर भी मत पूजिए.
शिवानंद तिवारी ने आगे कहा कि विवेकानंद ने भी रामचरित्र मानस को लेकर तुलसीदास की आलोचना की है. दूसरी ओर शिवानंद तिवारी ने शिक्षा मंत्री को समर्थन के साथ नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री पहले प्राथमिकता तय करें कि रामचरितमानस का विरोध ज्यादा जरूरी है या केंद्र में बीजेपी सरकार का. शिक्षा मंत्री के लड़ाई का उत्तर संविधान में है. संविधान की रक्षा से ही तुलसीदास के बयान की भी लड़ाई है. हालांकि, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान से RJD ने पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि RJD सभी जाति धर्म का सम्मान करती है, इस तरह के बयान से बचना चाहिए.







