जेडीयू लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। इसके मद्देनजर जेडीयू सुप्रीमो व बिहार के सीएम नीतीश कुमार लगातार अपने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। वे पिछले दो दिनों से लगातार पार्टी पदाधिकारियों के साथ मैराथन मीटिंग कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने जहां अपने 51 संगठन जिला अध्यक्षों व 7 प्रमंडल प्रभारियों के साथ बैठक की तो मंगलवार को सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के 534 प्रखंड अध्यक्षों के साथ मंत्रणा करेंगे।
बैठक में पहले सभी पदाधिकारियों से ग्राउंड जीरो से सरकार के काम-काज, I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर जमीनी हकीकत की जानकारी लेते हैं। इसके बाद वे अपनी राय जाहिर करते हैं। बैठक में मुख्यमंत्री नीतश कुमार के अलावा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री विजेंद्र यादव, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, संजय झा के अलावा वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह भी शामिल होते हैं।
ललन सिंह के शामिल नहीं होने पर उठे सवाल, पार्टी ने कहा-तबीयत खराब
संगठन के इतने महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के शामिल नहीं हो रहे हैं। इस पर सवाल उठ रहे हैं। इस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीजर कुमार ने बताया कि उनकी तबीयत खराब है। इसके कारण वे पार्टी मीटिंग में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि ललन सिंह का अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।

पदाधिकारियों को बस मीटिंग का मैसेज, एजेंडे की जानकारी नहीं
बैठक से पहले जेडीयू के जिला अध्यक्षों से बात करने की कोशिश की गई । उन्होंने बैठक के बार में जानकारी देने से इंकार किया। प्रखंड अध्यक्षों ने बताया कि उन्हें बस मीटिंग के लिए आमंत्रण आया है। इसके आलावा किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से जो जिम्मेदारी दी जाएगी उसका वे फील्ड पर निर्वहन करेंगे।
नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं को बता रहे हैं जीत का फॉर्मूला
बैठक में नीतीश कुमार अपने कार्यकर्ताओं को पार्टी की योजनाओं को घर-घर में प्रचारित करने की सलाह दे रहे है। सीएम ने कहा है कि राज्य सरकार का विकास का काम ही जेडीयू की ताकत है। समस्याओं का समाधान ही हमारी पूंजी है। सीएम ने बैठक में कहा है कि भाजपा भ्रम फैलानी वाली पार्टी है, उससे सावधान रहना है। सतर्क रहिए। पूरी मजबूती से काम कीजिए। आप लोग अपना काम कीजिए बाकी चीज देखने के लिए हम हैं।
विधायकों और सांसदों से कर चुके हैं वन टू वन मीटिंग
इससे पहले जून-जुलाई के दौरान नीतीश कुमार पार्टी के सांसदों और विधायकों से भी वन टू वन मुलाकात कर चुके हैं। तब इसे फीडबैक मीटिंग बताया गया था। सीएम ने विधायकों से न केवल जमीनी हकीकत की जानाकारी ली थी बल्कि ज्यादा से ज्यादा फील्ड में रहने की सलाह दी थी।
नीतीश कुमार लगातार से समय से पहले चुनाव की कर रहे हैं बात
सीएम नीतीश कुमार कई मौके पर बोल चुके हैं कि लोकसभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। इसलिए वे कार्यकर्ताओं को अभी से ही तैयार रहने की हिदायत दे रहे हैं। सीएम की इस मीटिंग को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।







