ADVERTISEMENT
Saturday, July 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

दिल्ली में G-20 सम्मिट और राहुल का यूरोप जाना -ये इत्तेफाक तो नहीं हो सकता!

UB India News by UB India News
September 12, 2023
in ब्लॉग, विपक्ष
0
दिल्ली में G-20 सम्मिट और राहुल का यूरोप जाना -ये इत्तेफाक तो नहीं हो सकता!
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

G-20 शिखर सम्मेलन दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेन्शन सेंटर में समाप्त हो गया. परन्तु भुत सरे सवाल छोड़ गया भारत के सबसे बड़े विपक्षी दल के लिए …
G-20 शिखर सम्मेलन दिल्ली की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकन यूनियन को G-20 में बतौर सदस्य शामिल करने की घोषणा की. आज जब प्रधानमंत्री भाषण दे रहे थे, उस समय मंच पर इंडिया की बजाय भारत लिखा हुआ था. इससे पहले G-20 शिखर सम्मेलन 18 देशों में हो चुका है लेकिन भारत में पहली बार हो रहा है और किसी भी देश ने इसको इतने बड़े पैमाने का आयोजन नहीं बनाया जितना बड़े स्केल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे पहुंचा दिया. कुछ लोग ये पूछ सकते हैं , इससे क्या फायदा? भारत को इससे क्या मिलेगा? उन लोगों को समझना चाहिए कि अगर भारत को ग्लोबल लीडर बनना है, तो G-20 बड़ा ज़रिया हो सकता है क्योंकि दुनिया की GDP में 80 परसेंट भागीदारी G-20 में शामिल देशों की है, दुनिया का 75 परसेंट अन्तरराष्ट्रीय व्यापार G-20 देशों के बीच होता है. दुनिया की दो तिहाई आबादी G-20 देशों में रहती है और दुनिया का 60 परसेंट भौगोलिक क्षेत्र G-20 का देशों का है. सोचिए, ये कितना बड़ा मंच है. इसीलिए मोदी ने G-20 के महत्व को समझा, इसके सदस्य देशों को समझाया और इस मंच को दुनिया का सबसे बड़ा मंच बनाने की दिशा में आगे बढ़े.

इससे पहले G-20 की बैठकें जिन देशों में होती थी, वहां नेताओं के भाषण होते थे, कुछ प्रस्ताव पास होते थे और बैठक खत्म होती थी, लेकिन मोदी ने इसे जनता से जोड़ा, आम लोगों की भागीदारी इसमें बढ़ाई. पिछले साल दिसंबर में G-20 की अध्यक्षता भारत को मिली, तब से लेकर अब तक हमारे देश में G-20 की अलग-अलग 220 बैठकें हो चुकीं. सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तीन सौ सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, इनमें पूरे देश के 18 हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया. दुनिया भर के एक लाख से ज्यादा प्रतिनिधि इनमें शामिल हुए. हमारे देश के डेढ़ करोड़ लोग किसी ने किसी रूप में इन कार्यक्रमों का हिस्सा बने. मतलब मोदी ने उस मंच को,जो पहले सिर्फ राष्ट्राध्यक्षों का मंच था, उसे सदस्यों देशों के लिए पब्लिक टू पब्लिक कॉन्टैक्ट का मंच बना दिया. ये बड़ी बात है, इससे बिजनेस बढ़ेगा, टूरिज्म बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा और मोदी ने G-20 की जो थीम रखी है – वन अर्थ, वन फेमिली, वन फ्यूचर, उसके लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी. पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भी इसकी तारीफ की है. मनमोहन सिंह ने कहा है कि उन्हें अपने जीवन में G20 सम्मिट भारत में होते देखकर तसल्ली है और उन्हें भारत के सुनहरे भविष्य को लेकर पूरा भरोसा है. डॉक्टर मनमोहन सिंह कांग्रेस के नेता सबसे बुजुर्ग, सबसे अनुभवी नेता हैं, इसलिए मनमोहन के लफ्ज़ मायने रखते हैं, लेकिन राहुल गांधी इस सबसे बहुत ख़ुश नहीं हैं.

RELATED POSTS

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

राहुल इस वक्त बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हैं. उन्होंने वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस की, मोदी सरकार पर तमाम आरोप लगाए. कहा, भारत में लोकतन्त्र खतरे में हैं.अल्पसंख्यकों और छोटी जातियों के लोग सुरक्षित नहीं हैं. बेरोजगारी चरम पर है. राहुल जो यहां कहते हैं वही ब्रसेल्स में कहा, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि जब भारत में G-20 शिखर बैठक हो रही है, उस वक्त राहुल ने ब्रसेल्स में चीन की तारीफ की. कहा, चीन दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग का लीडर बना हुआ है, चीन ने BRI का कॉन्सैप्ट दिया, ये सब भारत में भी होना चाहिए लेकिन भारत के पास अभी उस तरह का विज़न नहीं है. राहुल गांधी यूरोप में जाकर कर ये कह रहे हैं कि भारत के पास फ्यूचर का विजन नहीं है. चीन की प्लानिंग और विजन राहुल को अच्छा लग रहा है लेकिन अब अगर कोई राहुल के विजन , उनकी सोच पर सवाल उठाए तो उन्हें बुरा लगेगा. क्या ये सोच ठीक है कि जिस वक्त पूरी दुनिया की निगाह भारत पर हो, जिस वक्त दुनिया के बड़े बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली में हों, जिस वक्त पूरी दुनिया में G-20 सम्मिट की चर्चा हो, उस वक्त भारत की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का सबसे प्रभावशाली नेता यूरोप में बैठकर भारत की कमियां गिनाए? भारत को कोसे? भारत को नीचा दिखाने की कोशिश करे? क्या ये ठीक सोच है? जब दिल्ली में G-20 सम्मिट हो रही है, ठीक उसी वक्त राहुल का यूरोप जाना, ये इत्तेफाक तो नहीं हो सकता. ये तो सोच समझ कर, रणनीति के तहत तय किया गया होगा. क्या ये रणनीति सही है? देश के हित में है? ये सब राहुल गांधी तो न सोचेंगे और न समझेंगे लेकिन कम से कम कांग्रेस के नेताओं को तो सोचना चाहिए.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

by UB India News
July 3, 2026
0

बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है।...

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

by UB India News
July 3, 2026
0

देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर 23 विपक्षी दलों ने CJI सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को पत्र...

शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन…………….

शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन…………….

by UB India News
July 2, 2026
0

कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. शशि थरूर ने एक लेख लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। केरल के...

पेट्रोल में इथेनॉल: हर तरफ़ हंगामा, लेकिन असली सवालों के जवाब कौन देगा?

पेट्रोल में इथेनॉल: हर तरफ़ हंगामा, लेकिन असली सवालों के जवाब कौन देगा?

by UB India News
July 3, 2026
0

श में इन दिनों पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (E20) को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। यह बहस केवल सोशल...

बिहार की राजनीति बड़ी गहरी!

बिहार की राजनीति बड़ी गहरी!

by UB India News
June 29, 2026
0

भोजपुर जिले का बिलौटी गांव केवल कथित पुलिस मुठभेड़ का गवाह भर नहीं है, बल्कि यह बिहार की करवट बदलती...

Next Post
6000 KM लंबा भारत-मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारा -व्यापार का भूगोल’ भी बदलने की तैयारी

6000 KM लंबा भारत-मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारा -व्यापार का भूगोल' भी बदलने की तैयारी

राष्ट्रपति भवन में सऊदी क्राउन प्रिंस का सेरेमोनियल वेलकम, हैदराबाद हाउस में PM मोदी से करेंगे मुलाकात

राष्ट्रपति भवन में सऊदी क्राउन प्रिंस का सेरेमोनियल वेलकम, हैदराबाद हाउस में PM मोदी से करेंगे मुलाकात

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend