पटना के बीजेपी नेता नीलेश मुखिया का आज दीघा घाट पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। एक तरफ उनकी शव यात्रा निकाली जा रही है। दूसरी तरफ उनके समर्थकों ने आरोपियों के घर पर हमला कर दिया।
भीड़ ने आरोपी पप्पू राय की पत्नी और पूर्व डिप्टी मेयर रजनी देवी के घर पर हमला किया है। पुलिस के सामने ही उनके घर में तोड़फोड़ की गई है। कई गाड़ियों के शीशे फोड़ दिए गए हैं। पुलिस और महिलाओं के बीच नोकझोंक भी हुई है।
इसके पहले भी नीलेश मुखिया पर फायरिंग के आरोपी पप्पू, धप्पू राय के राज रिसॉर्ट पर भीड़ हमला करने पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया था।
पटना के कुर्जी इलाके में बीते 3 घंटे से हंगामा मचा हुआ है। हंगामे की वजह से गांधी मैदान-दीघा मेन रोड जाम हो गया है। कुर्जी से पाटलिपुत्रा मेन रोड आने का रास्ता भी बंद हो गया है।
इस दौरान 9 थानों (दानापुर, बिहटा, पाटलिपुत्रा, जक्कनपुर, बुद्धा कॉलोनी, दीघा, बेउर,कोतवाली,शास्त्री नगर) की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है। समर्थक पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
मौके पर बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद भी पहुंचे हैं। उन्होंने प्रदेश के कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
नीलेश मुखिया की दिल्ली में इलाज के दौरान कल मौत हो गई है। 31 जुलाई को उन्हें ताबड़तोड़ 7 गोलियां मारी गई थीं। 1 अगस्त को उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया गया था। गोलीकांड के 23 दिन बाद कल सुबह 8 बजे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार इलाज के दौरान आज उन्हें हार्ट अटैक भी आया था।

SSP राजीव मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब तक इस मामले में 2 शूटर्स राजा और शाहनवाज को गिरफ्तार कर पाई है। मामले में 7 आरोपियों की तलाश जारी है। वारदात के बाद से ही ये सभी फरार चल रहे हैं।
31 जुलाई को सुबह-सुबह नीलेश मुखिया अपने घर से ऑफिस के लिए निकले थे। शूटर्स ने पार्षद पति नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया पर गोलियां बरसाईं थीं। वो अपनी कार में ही बैठे थे और उन पर अपराधियों ने बैक टू बैक 7 गोलियां चला दीं, जो उनकी कनपट्टी, गर्दन और सीने में लगी थी।

गोली लगने के बाद नीलेश मुखिया को पटना के कुर्जी स्थित होली फैमिली हॉस्पिटल में ले जाया गया था। थोड़ी देर बाद उन्हें पाटिलपुत्रा इलाके के एक बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। यहां उनकी सर्जरी की गई थी। डॉक्टर्स ने सभी गोलियां निकाल ली थीं। इसके बाद भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उन्हें इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था।
हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें नीलेश मुखिया की कार के पीछे-पीछे दो बाइक पर अपराधी आते दिख रहे थे। कार जैसे ही यू टर्न पर मुड़ने के लिए स्लो हुई, वैसे ही अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी।
बिहार में खौफ का राज: रविशंकर प्रसाद
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद नीलेश मुखिया के घर पहुंचे। उन्होंने इस दौरान नीतीश पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा नीलेश मुखिया लोकप्रिय नेता थे। समाज सेवी थे। वो सभी की मदद के लिए तैयार रहते थे। ऐसे नेता को इतनी बुरी तरह से मारा गया। मैं पुलिस से अपील करता हूं कि सख्त कार्रवाई करे। हमारे नेता की हत्या हुई। पत्रकार की हत्या हो रहा है। नीतीश जी क्या हो रहा है ये आपके बिहार में। पुलिस पिट रही है। हत्याएं हो रही हैं। बिहार में खौफ का राज है।

ऑफिस से ठीक पहले मारी गोली
सुबह करीब साढ़े 10 बजे घर से नीलेश अपने ऑफिस के लिए निकले थे। कुर्जी की चश्मा गली इलाके में उनका ऑफिस है। नीलेश की कार में 3 लोग थे। बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच के पास कार को यू र्टन लेना था। मगर, उसके पहले ही आगे की सीट पर बैठे नीलेश को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है कि बदमाश पहले से घात लगाकर बैठे हुए थे।
बदमाशों ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया था। गोली मारने के बाद 2 बाइक से आए 4 बदमाश P&M MALL की तरफ तेजी से भाग निकले।
बीजेपी से भी जुड़े थे नीलेश
दीघा थाने के गेट नंबर 65 के पास उनका घर है। उनकी पत्नी सुचित्रा सिंह पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 22-B की पार्षद हैं। नीलेश खुद भाजपा के कार्यकर्ता थे। पूर्व में अपने इलाके मुखिया भी रह चुके थे। कुर्जी से लेकर दीघा इलाके तक में उनका दबदबा था।
विरोधियों के टारगेट पर थे नीलेश मुखिया
पटना में वर्चस्व, राजनीति और बालू के खेल की वजह से नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया अपने विरोधियों के टारगेट पर थे। नीलेश मुखिया को गोली मारने की साजिश पिछले कई दिनों से रची जा रही थी। जिसे साजिश रचने वालों ने शार्प शूटर्स के साथ मिलकर 31 जुलाई को पटना में अंजाम दिया था।

यह बात पटना पुलिस के अब तक की जांच और परिवार के लगाए आरोपों के आधार सामने आई। साजिश पहले से रची जा रही थी, इस बात का पुख्ता प्रमाण है शूटर्स की बाइक। वारदात स्थल के पास से जो CCTV फुटेज सामने आया, उसमें गोली मारते वक्त दो बाइक से आए अपराधी दिखे थे।
शूटर्स ने चोरी की बाइक का किया था इस्तेमाल
इस वारदात को अंजाम देने के लिए जिन दो बाइक का इस्तेमाल शूटर्स ने किया, उसमें एक बाइक की चोरी नालंदा से हुई थी। जबकि, दूसरी बाइक को पटना के रूपसपुर थाना इलाके से चोरी किया गया था। दोनों ही बाइक की चोरी कुछ दिनों पहले ही हुई थी।
गोलीकांड के बाद नीलेश के बड़े भाई सुरेश राय ने पाटलिपुत्रा थाना में FIR दर्ज कराई थी। जिसमें पप्पू राय, धप्पू राय और गोरख राय को नामजद किया है। जबकि, गोली मारने वाले शूटर्स को अज्ञात अपराधियों में शामिल किया गया है। SSP के अनुसार नीलेश पर हमले को लेकर पहले भी इन तीनों भाइयों पर साजिश रचने की बात सामने आई है।
गोली मारने के वक्त थे 5 अपराधी
31 जुलाई की सुबह 10:20 के करीब नीलेश मुखिया को गोली मारी गई थी। उस वक्त दो बाइक से आए शूटर्स सिर्फ CCTV में दिखे थे। जब वारदात के बाद पटना पुलिस ने अपनी पड़ताल शुरू की तो कई नई बातें सामने आई।
जांच में ही पता चला कि अपराधियों ने चोरी की बाइक का इस्तेमाल किया है। SSP के अनुसार नीलेश मुखिया को अपराधियों ने कुल 7 गोली मारी थी।
पटना में शूटर्स ने पार्षद पति पर बरसाईं गोलियां:यू टर्न पर घात लगाकर बैठे थे; देखते ही ताबड़तोड़ 8 फायर किए

पटना में सोमवार सुबह शूटर्स ने पार्षद पति नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया पर गोलियां बरसाईं। वो अपनी कार में ही बैठे थे और उनपर अपराधियों ने बैक टू बैक 8 गोलियां चला दीं। जो उनकी कनपट्टी, गर्दन और सीने में लगी है। हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें नीलेश मुखिया की कार के पीछे-पीछे दो बाइक पर अपराधी आते दिख रहे हैं। कार जैसे ही यू टर्न पर मुड़ने के लिए स्लो होती है, अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग कर देते हैं।







