पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट एपी सिंह पूर्व सांसद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। सुनवाई पहले 8 अगस्त को होनी थी, लेकिन उस दिन सुनवाई नहीं हुई। सीनियर एडवोकेट के अनुसार सुनवाई के लिए केस लिस्ट पर चढ़ी ही नहीं थी। इसलिए सुनवाई की तारीख को 11 अगस्त के लिए टाल दिया गया था।
बिहार सरकार ने किस आधार पर जेल में रिहा किया? इस सवाल का जवाब सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा के साथ दायर करने को कहा था। इस पर बिहार सरकार ने जुलाई महीने में ही हलफनामा के साथ अपना जवाब जमा कर दिया है। अब सुनवाई जस्टिस जेएस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच में होगी। सुनवाई के दौरान तय होना है कि आनंद मोहन की रिहाई बरकरार रहेगी या रद्द होगी।
16 साल जेल में सजा काट चुके हैं आनंद मोहन
IAS अधिकारी और गोपालगंज के तत्कालीन DM जी कृष्णैया की हत्या मामले में आनंद मोहन करीब 16 साल तक जेल में बंद थे। नीतीश सरकार ने कानून में बदलाव कर आनंद मोहन समेत 26 कैदियों को रिहा किया है। आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ पूर्व DM की पत्नी उमा देवी कृष्णैया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की और बिहार सरकार और आनंद मोहन को पार्टी बनाई।







