भारती अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी ISRO के मिशन मून को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल मिशन मून पर एक खतरा मंडरा रहा है. ये खतरा है चंद्रयान-3 को लेकर. अपनी सटीक रफ्तार से आगे बढ़ रहा चंद्रयान-3 चांद के काफी नजदीक पहुंच गया है. भले ही ये अच्छा संकेत हैं लेकिन इसके साथ ही एक और संकेत भी सामने आ रहा है जो थोड़ा डर बढ़ाने वाला है. चंद्रयान-3 के रूसी लूना 25 से टकराने की संभावना बन रही है. अगर ऐसा होता है तो इसरो के मिशन मून को बड़ा धक्का लग सकता है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
इसरो की ओर से बीते दिन यानी बुधवार 9 अगस्त को बड़ी जानकारी दी गई है. इसके मुताबिक चंद्रयान-3 अपनी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और ये मून के काफी करीब पहुंच चुका है. अब चांद पर चंद्रयान-3 के उतरने में सिर्फ तीन चरण बाकी रह गए हैं. एक हफ्ते में ये चांद की सतह पर अपनी दस्तक देकर इतिहास रच सकता है. हालांकि इस बीच रूस का लूना-25 भी चांद की ओर बढ़ने वाला है. 11 अगस्त को रूस का यान लॉन्च होगा.
क्यों है खतरा
दरअसल ये संभावना जताई जा रही है कि, चंद्रयान-3 और लूना-25 दोनों ही यानों की चांद की सतह पर लैंडिंग एक दिन या एक ही वक्त पर हो सकती है. अब ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या दोनों एक दूसरे से टकरा सकते हैं या नहीं. इसको लेकर बता दें कि दोनों के बीच टक्कर के आसार ना के बराबर हैं.
बता दें कि मून यानी चांद पर जगह की कोई कमी नहीं है. यही वजह है कि दोनों स्पेस एजेंसियों के यानों के टरकाने की संभावना बहुत कम यानी ना के बराबर है. चंद्रयान-3 की लैंडिंग मून के साउथ पोल पर होना है जबकि रूस के यान लूना-25 की लैंडिंग दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में होनी है. ऐसे में दोनों की लैंडिंग के स्पॉट काफी दूरी पर हैं.
ISRO ने जारी की चंद्रयान-3 की ताजा फोटो
इसरो ने चंद्रयान-3 की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं. ये तस्वीरें गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए साझा की गई हैं. इन तस्वीरों में चंद्रयान-3 के लैंडर कैमरे से धरती की तस्वीर खींची गई है. इसी तस्वीर को इसरो ने शेयर किया है.
Chandrayaan-3 Mission:
???? viewed by
Lander Imager (LI) Camera
on the day of the launch
&
???? imaged by
Lander Horizontal Velocity Camera (LHVC)
a day after the Lunar Orbit InsertionLI & LHV cameras are developed by SAC & LEOS, respectively https://t.co/tKlKjieQJS… pic.twitter.com/6QISmdsdRS
— ISRO (@isro) August 10, 2023






