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ज्ञानवापी सर्वे पर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंचा मुस्लिम पक्ष

UB India News by UB India News
August 4, 2023
in अध्यात्म, उत्तरप्रदेश, खास खबर
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ज्ञानवापी सर्वे पर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंचा मुस्लिम पक्ष
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ज्ञानवापी सर्वे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति गुरुवार (3 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट पहुंची. वकील निजाम पाशा ने एएसआई के सर्वे को रोकने की मांग चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के सामने रखी.

उन्होंने कहा कि हमने तत्काल विचार के लिए ईमेल भी भेजा है. जिसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इस पर विचार करके जल्द आदेश देंगे. वहीं, दूसरी तरफ हिंदू पक्ष की तरफ से याचिकाकर्ता राखी सिंह ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है.

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निचली अदालत की याचिकाकर्ता राखी सिंह ने पक्ष सुने बिना मुस्लिम पक्ष की अपील पर कोई आदेश न देने की मांग की है. गुरुवार को ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे को सही ठहराया.

हिंदू श्रद्धालु महिलाओं के मामले में कल सुनवाई

ज्ञानवापी के ASI सर्वे पर HC के आदेश के मद्देनजर यह जानकारी अहम है कि कल SC में मुस्लिम पक्ष की एक याचिका सुनवाई के लिए लगी है. यह वह याचिका है जिसमें हिंदू श्रद्धालु महिलाओं के आवेदन को सुनवाई योग्य ठहराने का विरोध किया गया है. ऐसे में शुक्रवार (4 अगस्त) को भी हाई कोर्ट के नए आदेश का मसला भी उठ सकता है.

HC ने बरकरार रखा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का फैसला

ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका खारिच करते हुए एएसआई को सर्वे जारी रखने की इजाजत दे दी है। इससे पहले 27 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की जिरह सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और अगले आदेश तक ASI सर्वे पर रोक बरकरार रखा था। लेकिन आज अदालत में अपने फैसले में एएसआई को ज्ञानवापी परिसर का सर्वे करने की इजाजत दे दी है।

अंजुमन इंतेजामिया कमेटी ने सर्वे पर रोक की मांग की थी
इससे पहले वाराणसी जिला कोर्ट ने एएसआई सर्वे की मंजूरी दी थी। काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित मां श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में विवादित हिस्से को छोड़कर पूरे ज्ञानवापी परिसर की पुरातात्विक जांच का आदेश दिया गया था। वाराणसी जिला कोर्ट ने एएसआई को 4 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। लेकिन इस मामले में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में अपील की और एएसआई सर्वे पर रोक लगाने की मांग की थी।

जिला कोर्ट का फैसला तत्काल प्रभाव से प्रभावी
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सर्वेक्षण करने के लिए कहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज़िला कोर्ट के फैसले को तत्काल प्रभाव से प्रभावी करने के लिए भी कहा है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने फैसले का स्वागत किया
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- ‘मैं आदेश का स्वागत करता हूं। मुझे विश्वास है कि ASI के सर्वेक्षण से सच्चाई सामने आएगी और इस विवाद का भी निस्तारण होगा।”

सर्वे से ढांचे को नुकसान नहीं-एएसआई
हाईकोर्ट में दो दिनों तक इस मामले पर जिरह हुई थी। सभी पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी थी। एक पक्ष जहां एएसआई सर्वे पर जोर दे रहा था वहीं दूसरा पक्ष एएसआई सर्वे का विरोध कर रहा था। इस दौरान कोर्ट में एएसआई के अधिकारी भी मौजूद थे। एएसआई के अधिकारियों का कहना था कि सर्वे से ढांचे को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा।

क्या है ज्ञानवापी का विवाद?
ज्ञानवापी का ताजा विवाद मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देवी-देवताओं की रोज पूजा के अधिकार की मांग के बाद खड़ा हुआ। ये मूर्तियां ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं। इस विवाद की शुरुआत 18 अगस्त 2021 को हुई थी, जब 5 महिलाओं ने श्रृंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजन और दर्शन की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दरअसल, पहले इस परिसर में साल में केवल 2 बार परंपरा के मुताबिक पूजा की जाती थी, लेकिन फिर इन महिलाओं ने मांग की, कि अन्य देवी देवताओं की पूजा में बाधा नहीं आनी चाहिए।

 

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