राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच सत्ता को लेकर चल रहे संघर्ष के बीच उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार देर रात मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की. अजित पवार खेमे से नौ मंत्रियों के शामिल होने के बाद, शिंदे-फडणवीस कैबिनेट में कुल 29 मंत्री हो गए हैं, जबकि 14 पद अब भी खाली हैं.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार (6 जुलाई) देर रात मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास दाकर उनसे मुलाकात की. एनसीपी के दोनों गुटों के बीच जारी खींचतान के बीच ये मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है. दरअसल, विपक्षी दलों की ओर से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही महाराष्ट्र में नया सीएम बनने वाला है. सीएम एकनाथ शिंदे ने खुद भी इन दावों को अफवाह करार दिया. एनसीपी प्रमुख शरद पवार का शनिवार (8 जुलाई) से शुरू होने वाला महाराष्ट्र दौरा स्थगित हो गया है. जानकारी के मुताबिक, पवार के महाराष्ट्र दौरे में बदलाव किए गए हैं. महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से दौरे में बदलाव होने की जानकारी सामने आई है. जानकारी के अनुसार, जल्द ही नई तारीख़ का एलान होगा. इस बीच शरद पवार गुट के नेता और महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष जयंत पाटिल उनसे मिलने आवास पर पहुंचे हैं.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में हुई टूट के बाद महाराष्ट्र में सियासी गर्मी बढ़ गई है. अजित पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम बनने के बाद एनसीपी पर अपना दावा करने को लेकर भी बवाल छिड़ गया है. एनसीपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए अजित पवार ने चुनाव आयोग में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा ठोंक दिया है. वहीं, एनसीपी नेता शरद पवार भी चुनाव आयोग की शरण में पहुंच चुके हैं. इस बीच महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सीएम एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर गुरुवार (6 जुलाई) की देर रात मुलाकात की.
वहीं, एनसीपी में टूट के बाद उस पर नियंत्रण के लिए खींचतान तेज होने के बीच शरद पवार ने गुरुवार को एलान किया कि वह ही पार्टी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सेवानिवृत्ति संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह ‘चाहे 82 वर्ष के हों या 92 वर्ष के’, अभी भी अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं. एनसीपी की दिल्ली में हुई कार्यसमिति की बैठक में अजित पवार और 8 अन्य विधायकों के साथ सांसदों प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निष्कासित करने के फैसले का समर्थन किया गया.
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. एनसीपी में टूट के बाद किसी राष्ट्रीय नेता की शरद पवार से ये पहली मुलाकात थी. गौरतलब है कि एनसीपी में हुई बगावत के बाद सोनिया गांधी, एमके स्टालिन और ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं ने पवार को फोन कर एकजुटता व्यक्त की.
अजित पवार गुट ने शरद पवार की ओर से बुलाई गई एनसीपी कार्यसमिति की बैठक की कानूनी वैधता पर सवाल खड़े किए. एनसीपी के अजित गुट ने कहा कि अजित पवार को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. अजित ने चुनाव आयोग के समक्ष एक याचिका भी दायर की है जिसमें कहा गया है कि वह मूल एनसीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसलिए पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें दिया जाए.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को कहा कि एनसीपी नेता अजित पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से शिवसेना में कोई भी नाखुश नहीं है. शिंदे ने तमाम खबरों को विपक्ष की ओर से फैलाई गई अफवाहें बताया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सबकुछ ठीक है और कोई नया मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहा है. दावा किया गया था कि अजित पवार के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
- एनसीपी के अजित पवार के सरकार में शामिल होने के बाद शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गुट में बेचैनी बढ़ गई है. कुछ नाराजगी के सुर भी उठने लगे हैं. शिवसेना के विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए कल रात मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच लंबी चर्चा हुई. ये बैठक मालाबार हिल के नंदनवन सरकारी बंगले में हुई. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और निगम आवंटन पर चर्चा हुई.
- महाराष्ट्र सरकार में अगले सप्ताह मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसमें शिवसेना और बीजेपी विधायकों को प्रमुखता दी जाएगी. ऐसे में विरोध सुर और बढ़ने की आशंका है. बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ जल्द से जल्द निगम-महामंडल का बंटवारा कर असंतोष दूर करने की कोशिश भी जायेगी. सीएम शिंदे और फडणवीस के बीच देर रात हुई बैठक में साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि भले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सत्ता में साथ में है, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि भाजपा और शिवसेना के विधायकों के साथ कोई अन्याय न हो.
- इससे पहले अजित पवार के महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को शिवसेना के जनप्रतिनिधियों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की और कहा कि परेशान होने की कोई बात नहीं है. शिवसेना के नेताओं ने यह जानकारी दी, उन्होंने बताया कि शिंदे ने शिवसेना विधायकों, एमएलसी और सांसदों की बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने बताया कि शिंदे को दो जुलाई को अजित पवार के सरकार में शामिल होने और आठ अन्य राकांपा नेताओं के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के घटनाक्रम की उन्हें जानकारी थी.
- अजित पवार खेमे से नौ मंत्रियों के शामिल होने के बाद, शिंदे-फडणवीस कैबिनेट में कुल 29 मंत्री हो गए हैं, जबकि 14 पद अब भी खाली हैं. इन खाली पदों पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई है. हर खेमा चाहता है कि सत्ता में उसकी ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी हो.
- शिंदे के नेतृत्व वाले समूह से संबंधित महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि शिंदे के इस्तीफे के बारे में खबरें झूठी हैं. हम इस्तीफा देने नहीं जा रहे हैं, बल्कि हमारी हिस्सेदारी बढ़ने जा रही है. हम सभी को एकनाथ शिंदे पर पूरा भरोसा है. इधर, शिंदे ने उन खबरों को ‘विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाहें’ बताया जिनमें कहा गया है कि अजित पवार और राकांपा के आठ अन्य विधायकों को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है.
- शरद पवार ने औपचारिक रूप से अपने भतीजे और पूर्व शीर्ष सहयोगी प्रफुल्ल पटेल सहित 12 विद्रोहियों को निष्कासित कर दिया. शरद पवार द्वारा आयोजित राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर अजीत पवार गुट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें कहा गया है कि इसकी “कोई कानूनी पवित्रता नहीं है.”
- राकांपा प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली में अपने भतीजे की उम्र संबंधी टिप्पणी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ”मैं अभी भी प्रभावी हूं, चाहे मैं 82 साल का हो जाऊं या 92 साल का.” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने भतीजे द्वारा ठगा हुआ महसूस हुआ है? उन्होंने कहा, “नहीं, पार्टी सर्वोच्च है और मैं पार्टी के फैसले से बंधा हुआ हूं.”
- अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट, जो सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो गया और रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, उनका कहना है कि यह असली एनसीपी है और उसने चुनाव आयोग से पार्टी के नाम और प्रतीक का दावा किया है. अब तक उन्हें 32 विधायकों का समर्थन मिलता दिख रहा है. शरद पवार के पास 14 का समर्थन है, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा उनके दावे पर विचार करने से पहले उन्हें 36 विधायकों की जरूरत है, जो पार्टी के 53 विधायकों में से दो-तिहाई बहुमत है.
- शरद पवार ने चुनाव निकाय को पत्र लिखकर पार्टी चिन्ह के लिए अपने भतीजे के दावे पर आपत्ति जताई है. सूत्रों ने संकेत दिया है कि वरिष्ठ पवार कानूनी सलाह लेंगे और आगे की रणनीति के बारे में पार्टी नेताओं से चर्चा करेंगे.
- विद्रोहियों ने अपने विद्रोह से केवल दो दिन पहले, शरद पवार को उस पार्टी के शीर्ष पद से हटा दिया था, जिसे उन्होंने स्थापित किया था और दो दशकों से अधिक समय तक नेतृत्व किया था. चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि विद्रोहियों के पत्र के अनुसार, उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के उनके चौंकाने वाले कदम से कुछ दिन पहले 30 जून को अजित पवार को पार्टी अध्यक्ष नामित किया था.







