ADVERTISEMENT
Thursday, August 13, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपना दबदबा कायम रखने के लिए कौन सी नीति और प्राथमिकता होगी नरेन्द्र मोदी की व्हाइट हाउस में ………..

UB India News by UB India News
June 12, 2023
in केंद्रीय राजनीती
0
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपना दबदबा कायम रखने के लिए कौन सी नीति और प्राथमिकता होगी  नरेन्द्र मोदी की व्हाइट हाउस में ………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइड़न इस महीने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी करेंगे। मोदी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। ऐसा आयोजन आम तौर पर अमेरिका अपने सहयोगी देशों के नेताओं के सम्मान में ही करता है। मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा उस समय हो रही है‚ जब यूक्रेन का जवाबी हमला शुरू हो गया है। प्रांरंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह हमला सफल साबित नहीं हो रहा है। मोदी जिस समय व्हाइट हाउस में होंगे उस समय यूक्रेन युद्ध चरम पर होगा। उस समय बाइड़न की मोदी से अपेक्षा होगी कि वह रूस और राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन की खुलकर आलोचना करें। यूक्रेन युद्ध के संबंध में अब तक तटस्थ भूमिका निभाने वाला भारत अपनी नीति में कोई बदलाव करेगा‚ इसके आसार कम हैं। संभव है कि अमेरिकी संसद में अपने संबोधन के दौरान मोदी ऐसी शब्दावली का प्रयोग करें जिसे रूस के साथ असहमति के रूप में प्रचारित किया जाए।

वास्तव में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपना दबदबा कायम रखने के लिए कौन सी नीति और प्राथमिकता तय की जाए इसे लेकर अमेरिकी प्रशासन विभ्रम का शिकार है। अमेरिका के लिए चीन एक दूरगामी और वास्तविक चुनौती है। पिछले कई वर्षों के दौरान अमेरिका चीन को कैसे काबू किया जाए इसकी रणनीति तैयार कर रहा है। यूक्रेन युद्ध के कारण उसका पूरा गुणा–गणित गड़़बड़़ा गया। फिलहाल‚ रूस एक बड़़ी चुनौती के रूप में सामने है। यदि यूक्रेन में अमेरिका और पश्चिमी देशों के रणनीतिक हित पूरे नहीं होते हैं‚ तो चीन के खिलाफ कोई मुहिम शुरुûआत में ही कमजोर पड़़ जाएगी। अमेरिका कभी नहीं चाहेगा कि यूक्रेन के मोर्चे पर उसकी हार हो।

RELATED POSTS

‘Shortcut Will Cut You Short’, प्रधानमंत्री मोदी ने दी युवाओं को सलाह……

कैंपस के बाहर आने वाले सवाल हमेशा आउट ऑफ सिलेबस ही होते हैं………………….

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड़ ऑस्टिन की हाल की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने का निश्चय किया। उम्मीद की जा रही है कि इसी महीने २१ जून से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिकी यात्रा से दोनों देशों के संबंध और अधिक उचाइयों पर जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले भारतीय नेता हैं जिनको अमेरिका की संसद को दो बार संबोधन करने का अवसर मिला है। अमेरिका भारत को वह प्रौद्योगिकी और संसाधन मुहैया कराने पर सहमत नजर आया जो केवल सबसे करीबी सहयोगी देशों को ही दी जाती है। अमेरिका की इस नीति के दो उद्देश्य हैं–पहला‚ भारत को रूस के साथ उसके निकट रक्षा संबंधों से अलग करना और दूसरा‚ चीन के खिलाफ भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना। भारत अमेरिका के इन लIयों के प्रति आंशिक रूप से ही सहमत हो सकता है। जहां तक रूस के साथ रक्षा संबंधों में कटौती करने का सवाल है‚ यह काम आसान नहीं है। एक रक्षा प्रणाली से दूसरी रक्षा प्रणाली में जानाएक लंबी प्रक्रिया है। इसमें दशकों लग सकते हैं। यह जरूर है कि यूक्रेन युद्ध के कारण रूस से हथियारों की आपूर्ति में बाधा पैदा हुई है तथा इससे निपटने के लिए भारत वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल कर सकता है।

जहां तक चीन के खिलाफ अमेरिका के मोर्चेबंदी में शामिल होने का सवाल है‚ भारत फूंक–फूंक कर कदम उठाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि भारत के पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन नाटो में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है। अमेरिका में भी इस बात का अहसास हो चला है कि भारत को एशिया का यूक्रेन नहीं बनाया जा सकता। एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने रणनीतिक हितों को पूरा करने के लिए अमेरिका ने ‘नये क्वाड़’ का निर्माण किया है। इसमें भारत को अलग रखते हुए ताइवान के पड़़ोसी देश फिलीपींस को शामिल किया गया है तथा नया क्वाड़‚ ऑक्स (अमेरिका‚ ब्रिटेन‚ ऑस्ट्रेलिया) की तरह एक सैन्य गठबंधन है जो ताइवान पर चीन के किसी भी संभावित हमले का मुकाबला करेगा। लगता है कि पुराना क्वाड़ धीरे–धीरे रणनीतिक दृष्टि से अप्रासंगिक हो जाएगा।

मोदी की व्हाइट हाउस में मौजूदगी को लेकर सत्तारूढ़ डे़मोक्रेटिक पार्टी के एक तबके में बेचैनी है। इस तबके का मानना है कि भारतीय लोकतंत्र को तानाशाही की ओर ले जाने वाले हिन्दू राष्ट्रवादी नेता को इतना सम्मान क्यों दिया जा रहा है। व्हाइट हाउस में भी कुछ अधिकारियों की यही राय है‚ लेकिन उनका कहना है कि यह मजबूरी का सौदा है।

मोदी की व्हाइट हाउस में मौजूदगी को लेकर सत्तारूढ़ डे़मोक्रेटिक पार्टी के एक तबके में बेचैनी है। इस तबके का मानना है कि भारतीय लोकतंत्र को तानाशाही की ओर ले जाने वाले हिन्दू राष्ट्रवादी नेता को इतना सम्मान क्यों दिया जा रहा है। व्हाइट हाउस में भी कुछ अधिकारियों की यही राय है‚ लेकिन उनका कहना है कि यह मजबूरी का सौदा है ………..

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘Shortcut Will Cut You Short’, प्रधानमंत्री मोदी ने दी युवाओं को सलाह……

‘Shortcut Will Cut You Short’, प्रधानमंत्री मोदी ने दी युवाओं को सलाह……

by UB India News
August 13, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ऑटोबायोग्राफी- 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय...

कैंपस के बाहर आने वाले सवाल हमेशा आउट ऑफ सिलेबस ही होते हैं………………….

कैंपस के बाहर आने वाले सवाल हमेशा आउट ऑफ सिलेबस ही होते हैं………………….

by UB India News
August 9, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को बधाई दी। इस दौरान उनका मजाकिया...

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशा मुक्त होना जरूरी’, पीएम मोदी का Gen-Z के साथ सीधा संवाद……………..

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशा मुक्त होना जरूरी’, पीएम मोदी का Gen-Z के साथ सीधा संवाद……………..

by UB India News
August 3, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान की शुरुआत की। देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम में...

पीएम मोदी आज आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर , 18 हजार करोड़ का देंगे सौगात ……………..

पीएम मोदी आज आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर , 18 हजार करोड़ का देंगे सौगात ……………..

by UB India News
August 2, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11 बजे...

Gen-Z से जुड़ने के लिए BJP ने बनाई नई डिजिटल रणनीति, जानें क्या रहेगा फोकस

Gen-Z से जुड़ने के लिए BJP ने बनाई नई डिजिटल रणनीति, जानें क्या रहेगा फोकस

by UB India News
August 1, 2026
0

देश में युवाओं की बढ़ती डिजिटल भागीदारी को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी  अपनी सोशल मीडिया रणनीति में बड़ा बदलाव...

Next Post
विपक्ष की एकता बैठक में मायावती नहीं होंगी शामिल

विपक्ष की एकता बैठक में मायावती नहीं होंगी शामिल

वंदे भारत एक्सप्रेस आज ट्रायल रन पर पटना से रांची के लिए हुई रवाना……..

वंदे भारत एक्सप्रेस आज ट्रायल रन पर पटना से रांची के लिए हुई रवाना........

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend