आज भारत दुनिया में सबसे तेज रफ्तार के साथ ग्रोथ कर रहा है। जहां दुनिया के बड़े-बड़े देश मंदी (Recession) के दरवाजे पर खड़े हैं, तो भारत में अच्छी खासी डिमांड देखी जा रही है। यही कारण है कि दुनियाभर की कंपनियां भारत में निवेश करने को आतुर हैं। वे यहां अपने सामान बेचना चाहती है और एक बड़े मार्केट का फायदा उठाना चाहती हैं। इस साल करीब 2 दर्जन इंटरनेशनल ब्रैंड्स (International Brands) भारत में आना चाहते हैं। वे यहां अपने स्टोर्स खोलना चाहते हैं। 10 साल में यह पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में ग्लोबल ब्रैंड्स भारत आना चाहते हैं। कोविड के बाद खपत में आई तेजी के चलते वैश्विक कंपनियां भारत की तरफ आकर्षित हो रही हैं।
इस साल देश में दो दर्जन से ज्यादा ग्लोबल ब्रांड भारत में स्टोर खोलेंगे। इनमें सबसे ज्यादा फूड एंड बेवरेज कंपनियां होंगी। ये हर साल भारत आने वाले ग्लोबल ब्रांड की औसत संख्या से दोगुना है। दरअसल दुनिया के टॉप-5 कंज्यूमर मार्केट में शुमार भारत में उपभोक्ता खर्च बढ़ रहा है। आबादी के मामले में भी भारत टॉप पर है। इसके चलते ग्लोबल कंपनियों को यहां बड़ा मौका नजर आ रहा है।
इस साल भारत का रुख कर रहे ग्लोबल ब्रांड की संख्या (24+) एक दशक में सबसे बड़ी है। इनमें डनहिल, रोबर्टो कैवाली, लावाजा, अरमानी कैफे और फुट लॉकर शामिल हैं। एस टर्टल के सीईओ नितिन छाबड़ा के मुताबिक, इस और अगले दशक में भारत कंज्यूमर कंपनियों के लिहाज से सबसे अच्छा बाजार साबित होने वाला है।
कई चेन्स जैसे इटली की लवाजा और अरमानी कैफे, अमेरिका की जंबा और ऑस्ट्रेलिया की द कॉफी क्लब के भी इस साल भारत आने की संभावना है। सीबीआरई के भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के चेयरमैन अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि फूड एंड बेवरेज और कुछ एंटरटेनमेंट ब्रैंड्स साल 2023 में भारतीय बाजार में उतर सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इस साल पहले से ही कई इंटरनेशनल ब्रैंड्स भारत आ चुके हैं।’
घरेलू कंपनियां कर रहीं पार्टनरशिप
रिलायंस ब्रांड्स और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल कई विदेशी ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप कर रही हैं। हाल के वर्षों में रिलायंस के पोर्टफोलियो में 50 विदेशी ब्रांड्स जुड़े हैं।
पांच कारणों से भारत आ रहे ग्लोबल ब्रांड्स
- भारत फिलहाल 47.3 करोड़ उपभोक्ताओं वाला विशाल बाजार।
- भारत की रिटेल इंडस्ट्री इस दशक सालाना 9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की संभावना है।
- अगले 3 वर्षों में रिटेल इंडस्ट्री 11.62 लाख करोड़ की हो जाएगी।
- इस साल देश में 3.10 करोड़ उपभोक्ता बढ़ने का अनुमान है।
- रिटेल स्पेस में निवेश के लिए भारत अभी सबसे आकर्षक देशों में शुमार है।
एक दर्जन से अधिक इंटरनेशनल ब्रैंड्स, जिनमें वैलेंटिनो, मैकलेरन और बालेंसीगा शामिल हैं, ने पिछले कुछ महीने में भारत में डेब्यू किया है। कोविड लॉकडाउन के बाद अपस्केल लेबल्स की बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाने के लिए ये ब्रैंड्स भारत आ रहे हैं। पॉटरी बार्न, प्रेट ए मैंगर, टिम हॉर्टन्स और पोपीज भी भारत आए हैं।







