बिहार और झारखंड के लिए मंगलवार को अच्छी खबर आई। अब बिहार और झारखंड के लोग वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए यात्रा कर सकेंगे। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की बोगियां पटना पहुंच रही हैं। इसके बाद जल्द ही राजधानी पटना से रांची के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पटरी पर दौड़ती दिखेगी। इस ट्रेन की 8 बोगियां मंगलवार को पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन स्थित कॉम्प्लेक्स पहुंचेंगी। इसके बाद इस ट्रेन का ट्रायल रन कराया जाएगा। ट्रायर सफल होने पर ‘वंदे भारत’ के परिचालन की तारीख तय होगी।
पटना से कोडरमा, हजारीबाग, बरकाकाना, सिधवार, सांकी, टाटी सिल्वे नए रेल रूट पर यह ट्रेन फर्राटा भरेगी और पटना से रांची की दूरी 6 घंटे में तय करेगी। इसके लिए यात्रियाें को 800 से 1150 रुपए तक बतौर किराया देना होगा। हालांकि रेलवे की ओर से अभी किराए को फाइनल नहीं किया गया है।
अभी रांची जाने वाली ट्रेनों को 8 से 10 घंटे का समय लगता है। जबकि जन शताब्दी यह सफर करीब सवा 7 घंटे में तय करती है। इसके लिए यात्रियों को एसी चेयरकार के लिए 650 रुपए किराया देना होता है। इसी तरह टूएस अर्थात जनरल क्लास के लिए 195 रुपए का किराया है। एक-दो दिनों में परीक्षण के बाद पटना से रांची के बीच ट्रायल रन किया जाएगा।
इस ट्रेन की खासियत
- ऑटोमेटिक स्लाइट डोर हैं। ऑटोमेटिक फुट रेस्ट भी है, जो स्टेशन पर बाहर निकलता है।
- सीटें पैसेंजर्स की सुविधा के लिए हर सीट के नीचे चार्जिंग प्वाइंट्स भी दिए गए हैं।
- पैसेंजर्स के एंटरटेनमेंट का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 32 इंच की टीवी स्क्रीन भी है।
- पैसेंजर्स की सेफ्टी के लिए फायर सेंसर, जीपीएस और कैमरे भी लगाए गए हैं।
- कवच नाम का सेफ्टी फीचर भी लगा है, जो इसे किसी दूसरे ट्रेन की टक्कर से बचाता है।
- दिव्यांग का पूरा ध्यान रखते हुए सीट हैंडल्स पर ब्रेल लिपि में भी सीट नंबर लिखा है।
- 180 डिग्री रोटेट किया जा सकता है। एक्जीक्यूटिव क्लास कोच के चेयर को।
- 160 किमी तक की स्पीड पर दौड़ने वाली ट्रेन की टॉप स्पीड 180 किमी तक है।
- 52 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ती है वंदे भारत ट्रेन।
चेन्नई से पटना लाई गई हैं बोगियां
वंदे भारत एक्सप्रेस से पटना से रांची के बीच की दूरी कम हो जाएगी। इस दूरी को महज 6 घंटे में पूरी किया जाएगा। वंदे भारत ट्रेन की बोगियां चेन्नई से पटना लाई गई हैं। रेल सूत्रों के मुताबिक, वंदे भारत का एक दो दिन बाद ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद 15 जून के आसपास से सामान्य यात्री परिचालन के रूप से शुरू किया जा सकता है। बिहार और झारखंड के बीच की यह पहली वंदे भारत होगी।







