कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक नया विवाद छेड़ दिय़ा. वॉशिंगटन में नेशनल प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि मुसलिम लीग सेक्यूलर पार्टी है और यह पार्टी किसी भी रूप में गैर-सेक्यूलर नज़र नहीं आती. उनसे सवाल पूछा गया था कि केरल में उनकी पार्टी का मुसलिम लीग के साथ क्यों गठबंधन है. अब इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेता एक दूसरे पर वार, पलटवार कर रहे हैं. बुधवार को राहुल गांधी ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कहा था कि संसद की मेरी सदस्यता इसलिए चली गयी क्योंकि मैं भारत जोड़ो यात्रा पर निकला था. राहुल ने कहा कि उन्हें अयोग्य सिद्ध करने की योजना तो उसी दिन शुरू हो गई थी, जब उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा शुरू की थी. राहुल ने कहा, मोदी सरकार को ये बर्दाश्त नहीं था कि भारत जोड़ो यात्रा सफल हो. इसीलिए उन्होंने एक महीने के भीतर कोर्ट में सुनवाई करवा करके मानहानि के आरोप में अधिकतम सज़ा दिला दी. लेकिन राहुल गांधी ने अमेरिका जाकर कई ऐसी बातें कह दीं जिनका मज़ाक उड़ा. उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव सऊदी अरब, श्रीलंका और थाईलैंड गए थे. गुरू नानक देव जी ने भी भारत जोड़ो यात्रा की थी. फिर फोन हाथ में लेकर हल्के अंदाज में दिखाया कि उनका फोन टैप हो रहा है. राहुल ने मंच से कहा, ‘मोदी जी मैं राहुल बोल रहा हूं, मैं जानता हूं मेरा फोन टैप हो रहा है’, हालांकि उन्होंने ये मज़ाक में कहा… पर आरोप गंभीर था. राहुल ने नए संसद भवन का भी मज़ाक उड़ाया, कहा ये भवन ‘अहंकार की इमारत’ है .
राहुल गांधी के भाषण के जो अंश सामने आए हैं, उनमें नरेन्द्र मोदी के प्रति उनकी नफरत, और मोदी के कुर्सी पर बैठे होने से उनकी नाराजगी साफ दिखाई पड़ रही है. ये सही है कि काँग्रेस के लिए राहुल गांधी की अच्छी इमेज जरूरी हैं,उनको फाइटर के रूप में प्रोजेक्ट करना जरूरी है. कई साल तक राहुल गांधी की ये समस्या रही कि वो अपने बयानों से हंसी का पात्र बनते रहे, लोग उन्हें पप्पू कहने लगे. पिछले दो साल में कांग्रेस ने राहुल की इस इमेज को बदलने के लिए प्रयास किया, टीम बनाई, भारत जोड़ो यात्रा इसी प्रयास का हिस्सा थी. लंदन में राहुल के भाषण, इसी इरादे से आयोजित किए गए थे. फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत, ट्रक ड्राइवर्स के साथ राहुल का वीडियो, इसी इमेज बिल्डिंग के इरादे से पब्लिसाइज़ किया गया. अब अमेरिका में कई शहरों में राहुल गांधी के भाषण, उनके लोगों से इंटरएक्शन इसी इमेज को और पुख़्ता करने के लिए किया गया है. इस प्रयास से किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. पर राहुल गांधी पिछले नौ साल से मोदी का मज़ाक़ उड़ाने की कोशिश करते रहे हैं. ये उनका स्वभाव बन गया है. वह विदेश जाकर भी मोदी की इमेज पर चोट करते हैं. इससे भी उन्हें कोई नहीं रोक सकता. लेकिन मुझे पता चला कि राहुल की इमेज बनाने वाले इस बात से परेशान हैं कि राहुल सब कुछ ठीक-ठाक करते करते भी कुछ ऐसा कह देते हैं कि इमेज बिल्डर भी परेशान हो जाते हैं. जैसे ये कहना कि गुरु नानक देव थाईलैंड गए थे, तथ्य की दृष्टि से गलत है. कई सिख नेताओं ने इस बात पर भी आपत्ति की कि राहुल ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा की तुलना गुरु नानक देव जी की यात्रा से कर दी.
राहुल ने मोदी के दंडवत प्रणाम करने का मज़ाक़ उड़ाया, तो यहां वो वीडियो वायरल हो गया जिसमें राहुल गांधी महाकालेश्वर के सामने दंडवत प्रणाम की मुद्रा में है. राहुल अपने कारनामों से अपने इमेज बिल्डर की करी-कराई मेहनत पर पानी फेर देते हैं लेकिन कोई क्या कर सकता है. और उनकी टीम के लोग इस बात के लिए तैयार हैं कि अभी ऐसे कई और उदाहरण सामने आएंगे, जिन्हें हैंडल करना पड़ेगा. कांग्रेस में पुराने नेता ये मानते हैं कि मोदी का मज़ाक़ उड़ाने से, मोदी को नीचा दिखाने से चुनावों में नुक़सान होता है. ये लोग तो चुनावों के लिए हर जगह कर्नाटक का फॉर्मूला अपनाना चाहते हैं. फॉर्मूला है स्थानीय मुद्दों पर फ़ोकस करो, और जनता को मुफ़्त का माल देने के वादे करो. इसका एक उदाहरण कल रात राजस्थान में सामने आया.







