ये मंजर है भारत के अबतक के सबसे भीषण ट्रेन हादसों में से एक का। ओडिशा के बालासोर जिले का, जहां शुक्रवार शाम को तीन ट्रेनें हादसे का शिकार हो गईं। हादसे में अबतक 237 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 900 से ज्यादा यात्री घायल हैं। कुछ यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और कटक के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मौत का आंकड़ा और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। मलबे में जिंदगी की तलाश चल रही है।
एनडीआरएफ की 3 यूनिट, ओडिशा डिजास्टर रैपिड ऐक्शन फोर्स की 4 यूनिट, 15 से ज्यादा रेस्क्यू टीम, 30 डॉक्टरों, 60 ऐंबुलेंस और 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी राहत और बचाव के काम में लगे हैं। हादसा क्यों हुआ, ये साफ नहीं है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी सुबह मौके पर पहुंचे।
शुक्रवार को शाम के करीब 7 बजकर 20 मिनट का वक्त हो रहा था। ओडिशा के बालासोर में बहानगर बाजार में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस की बोगियां बेपटरी हो गईं। साइड ट्रैक से शालीमार-चेन्नै कोरोमंडल एक्सप्रेस गुजर रही थी। बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस की बेपटरी हुईं बोगियां साइड ट्रैक पर कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों से टकरा गईं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस की बेपटरी हुईं बोगियां एक दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से टकरा गईं। तीन-तीन ट्रेनों की इस टक्कर ने मौत का तांडव किया। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और इमर्जेंसी सर्विसेज के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू का काम शुरू हुआ लेकिन रात के अंधेरे में इसमें बहुत मुश्किलें आईं।







