दिल्ली में आज जबर्दस्त सियासी हलचल का दिन है। कांग्रेस हाईकमान फुल एक्शन में है और दिल्ली से लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश पर बहुत बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। अब से थोड़ी देर बाद कांग्रेस हाईकमान की वो मीटिंग शुरू होने वाली है जिसमें केजरीवाल की अपील पर फैसला लिया जाएगा और ये तय होगा कि दिल्ली पर केंद्र के अध्यादेश का कांग्रेस संसद में विरोध करेगी या नहीं।
दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार के अध्यादेश के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का साथ देने का विरोध किया है. सूत्रों के मुबातिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक में दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के साथ न दिखने की सलाह दी है. नेताओं का कहना है कि इससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
बता दें कि विपक्षी एकता के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हुई बातचीत के दौरान पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का साथ देने का संदेश दे दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 7 दिन बाद केंद्र सरकार ने 19 मई को दिल्ली सरकार के अधिकारों पर अध्यादेश जारी कर दिया. अध्यादेश के मुताबिक, दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आखिरी फैसला उपराज्यपाल यानी LG का होगा. इसमें मुख्यमंत्री का कोई अधिकार नहीं होगा. संसद में अब 6 महीने के अंदर इससे जुड़ा कानून भी बनाया जाएगा.
दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर केंद्र सरकार 19 मई को अध्यादेश लाने के ठीक एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. केंद्र ने संवैधानिक बेंच द्वारा दिए गए 11 मई के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को फिर से विचार करने की अपील की है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश पर होगा मंथन
इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश पर भी हाईकमान मीटिंग करेगा जिसमें कई बड़े फैसले होने हैं। इन तीनों मीटिंग में खरगे रहेंगे और राहुल गांधी भी बैठकों में शामिल हो सकते हैं। कर्नाटक का चुनाव बड़े मार्जिन से जीतने के बाद कांग्रेस ने कर्नाटक का कलह भी फिलहाल सुलझा लिया है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सुलह हो गई है। अब कांग्रेस हाईकमान का एजेंडा राजस्थान में चल रही गहलोत और पायलट के बीच जंग खत्म करना है। इस पर आज दिल्ली की मीटिंग में बड़ा फैसला हो सकता है। वहीं मध्य प्रदेश में चुनाव कैसे लड़ा जाए इस पर भी आज मंथन होगा।
अहम बैठक में कौन-कौन लेगा हिस्सा
बताया जा रहा है कि आज दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मालिककार्जुन खड़गे ने ये बैठक बुलाई है। इसमें एमपी कांग्रेस के नेता भी शामिल होंगे और इस दौरान मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। सुबह 11 बजे से कांग्रेस ऑफिस में मीटिंह शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी भी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पीसीसी चीफ कमलनाथ, अरुण यादव, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, गोविंद सिंह,अजय सिंह, सुरेश पचौरी जैसे नेता मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
पंजाब से 14 और दिल्ली से 8 नेता बुलाए गए
इससे पहले ये मीटिंग 26 मई को होने वाली थी जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। बताया गया था कि कर्नाटक कैबिनेट विस्तार के कारण ये बैठक टालनी पड़ी थी। अब तक दो बार कांग्रेस की ये महत्वपूर्ण बैठक टल चुकी है। इसके अलावा पंजाब के नेताओं के साथ भी मीटिंग होनी है। पंजाब और दिल्ली के नेताओं के साथ बैठक अध्यादेश पर होनी है। बैठक के लिए पंजाब से 14 और दिल्ली से 8 नेताओं को बुलाया गया है।
अध्यादेश पर अजय माकन ने पुरजोर विरोध किया
कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से दिल्ली सरकार को लेकर केंद्र के अध्यादेश और गठबंधन को लेकर राय पूछी. सभी नेताओं ने गठबंधन का विरोध किया. अध्यादेश पर केजरीवाल को समर्थन के सवाल का अजय माकन ने पुरजोर विरोध किया. नेताओं ने केजरीवाल से मुलाकात का फैसला आलाकमान पर छोड़ा.
दिल्ली वाले अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल को कांग्रेस का मिलेगा समर्थन?
दिल्ली के लिए केंद्र की ओर से लाए अध्यादेश के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से समर्थन मांगा है. केजरीवाल को समर्थन देने या न देने के मुद्दे पर भी केजरीवाल की अपील पर कांग्रेस मुख्याल में चर्चा हुई. इस दौरान अध्यादेश पर कुछ नेता चुप रहे, हालांकि अजय माकन समेत कुछ नेताओं ने विरोध किया.
कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गए हैं. कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह भी कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गए हैं. यहां मध्य प्रदेश चुनाव की रणनीति बनाने को लेकर खरगे और राहुल गांधी प्रदेश पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे.
मध्य प्रदेश चुनाव की रणनीति बनाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक है. वहीं राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच झगड़ा सुलझाने के लिए अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे खुद कूद पड़े हैं. वो आज दोनों नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करने वाले हैं. खरगे आज दोनों नेताओं से दिल्ली में अपने घर पर अलग अलग मिलेंगे. मुलाकात के लिए अशोक गहलोत आज दो दिन के दौर पर दिल्ली आ रहे हैं.
खबर है कि खरगे पायलट से भी मिल सकते हैं. गहलोत और पायलट के बीच एक अलग बैठक भी हो सकती है. पार्टी नेताओं ने कहा कि आलाकमान राजस्थान में कर्नाटक की कहानी को दोहराने के लिए दो नेताओं को अपने मतभेदों को दूर करने के लिए योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है और इसलिए बैठकों की यह श्रंखला बुलाई गई है.
ऐसी अटकलें हैं कि पायलट को राजस्थान में राज्य पार्टी प्रमुख का पद दिया जा सकता है लेकिन गहलोत खेमे के पार्टी कार्यकर्ता इस फैसले से खुश नहीं हैं. अब दिल्ली में पार्टी के नेता चाहते हैं कि दोनों नेता सुलह कर लें ताकि वे एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में उतर सकें. राजस्थान में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं.
पार्टी सूत्रों ने कहा कि आलाकमान पायलट को शांत करने की गंभीरता से योजना बना रहा है, जिन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग करने, पेपर लीक से प्रभावित होने वाले युवाओं को मुआवजा और जांच जैसी तीन मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं. अल्टीमेटम 30 मई को समाप्त हो रहा है, और इसलिए शीर्ष राज्य नेतृत्व द्वारा इस मुद्दे को हल करने का प्रयास किया जा रहा है.







