क्वीन एलिजाबेथ II के निधन के बाद करीब 70 साल बाद आज ब्रिटेन को नया राजा मिलने जा रहा है. ब्रिटेन (Britain) के नए महाराज चार्ल्स III की आज यानी 6 मई को वेस्टमिंस्टर एबे में ताजपोशी होने जा रही है. इसके लिए पूरा ब्रिटेन तैयार है. नए राजा के इस राज्याभिषेक के लिए बेहद खास तैयारियां की गई हैं. दुनिया के कोने-कोने से मेहमान शिरकत करने पहुंच रहे हैं. ताजपोशी पर करीब 1 हजार करोड़ के खर्च का अनुमान है. किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक के लिए लगभग 100 राष्ट्राध्यक्ष, राजपरिवार समेत कई हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस समारोह का आयोदन लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में होगा।
वहीं इससे पहले 1 मई को किंग चार्ल्स 3 के राज्याभिषेक को लेकर रॉयल मेल द्वारा चार डाक टिकट जारी किये गए, जिसमें एक पर सिखों, हिंदुओं, मुसलमानों और उनके पूजा स्थलों को दर्शाने वाला एक डाक टिकट भी शामिल है. एक समाचार विज्ञप्ति में कहा गया है कि विविधता और समुदाय शीर्षक से, डाक टिकट एक बहु-विश्वास समुदाय और समकालीन ब्रिटिश समाज की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है. डाक टिकट में यहूदी, इस्लामी, ईसाई, सिख, हिंदू और बौद्ध धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले आंकड़े हैं और यह सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है.
समारोह में भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति फ्लैग बियरर्स के काफिले को लीड करेंगे। वहीं, खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद जिस रास्ते से किंग का काफिला जाएगा, वहां भीड़ जुट गई है। ताजपोशी के दौरान किंग चार्ल्स को 700 साल पुरानी सेंड एडवर्ड कुर्सी पर बैठाया जाएगा। उनके अभिषेक के लिए 12वीं सदी के सोने के चम्मच और पवित्र तेल का इस्तेमाल होगा।
क्वीन एलिजाबेथ के निधन के बाद किंग बने थे चार्ल्स
पिछले साल 8 सितंबर को क्वीन एलिजाबेथ का निधन हो गया था। तब वो 96 साल की थीं। उनकी मौत के बाद चार्ल्स को ब्रिटेन का महाराज घोषित किया गया था। हालांकि उनकी ताजपोशी अब होगी। एलिजाबेथ को भी उनके पिता किंग एल्बर्ट की मौत के बाद महारानी घोषित कर दिया गया था, लेकिन उनकी ताजपोशी सोलह महीने बाद जून 1953 में हुई थी।
बग्घी में सवार होकर वेस्टमिंस्टर एब्बे पहुंचेंगे किंग चार्ल्स और कैमिला
किंग चार्ल्स अपनी दूसरी पत्नी महारानी कैमिला के साथ बग्घी में सवार होकर वेस्टमिंस्टर एब्बे में पहुंचेंगे। महारानी कैमिला भी इस राज्याभिषेक से गुजरेंगी। बता दें कि ताजपोशी के बाद सम्राट चार्ल्स और महारानी कैमिला, गोल्ड स्टेट कोच में बैठकर राजमहल वापस आएंगे। किंग चार्ल्स तृतीय की कैमिला से दूसरी शादी है, उन्होंने पहली शादी राजकुमारी डायना से हुई थी। दिवंगत महारानी एलिजाबेथ ने पिछले साल कैमिला को क्वीन कॉन्सर्ट की उपाधि लेने का आशीर्वाद दिया था, हालांकि पता चलता है कि जनता अभी भी उनके इस खिताब को लेकर असहज है।
किंग चार्ल्स तृतीय के बेटे व पोते भी होंगे शामिल
बता दें कि किंग चार्ल्स के सबसे बड़े बेटे और सिंहासन के उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम राज्याभिषेक में एक प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वह अपने पिता पिता के सामने घुटने टेककर वफादारी की प्रतिज्ञा लेंगे।
इसके अलावा इस समारोह से उनके छोटे भाई राजकुमार हैरी भी मौजूद रहेंगे। हालांकि उनकी पत्नी मेगन मार्कल के इस समारोह का हिस्सा नहीं होंगी।
साथ ही प्रिंस विलियम का सबसे बड़ा बेटा जॉर्ज भी इस भव्य समारोह का गवाह बनेगा। साथ ही उनके दो छोटे बच्चे शार्लोट और लुइस भी समारोह में शामिल होंगे। वह किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक में शामिल होने के लिए भव्य जुलूस में शामिल एक गाड़ी में सवार होकर एब्बे पहुंचेंगे।
हालांकि, हैरी और मेगन के दो बच्चे प्रिंस आर्ची और प्रिंसेज लिलबेट अपनी मां के साथ साउथ कैलीफॉर्निया के अपने घर में ही रहेंगे।
समारोह में हैरी की कोई आधिकारिक भूमिका नहीं होगी और वह जुलूस में हिस्सा नहीं लेंगे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह शनिवार को राज्याभिषेक के बाद में भीड़ का अभिवादन करने के लिए बालकनी में दिखाई देंगे भी या नहीं।
प्रिंस एंड्रयू और ऐनी चार्ल्स बनेंगी ऐतिहासिक क्षण की गवाह
बता दें कि चार्ल्स की बहन ऐनी चार्ल्स, कैमिला की गाड़ी के पीछे जुलूस में सवार होंगी। जिसे गोल्ड स्टिक के रूप में जाना जाता है। इसे हेनरी VIII के शासनकाल के दौरान बनाया गया था, जब सम्राट की व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ एक वफादार दरबारी को सम्राट की ओर से सवारी करने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा महारानी एलिजाबेथ के तीसरे बच्चे प्रिंस एंड्रयू राज्याभिषेक में शामिल होंगे, लेकिन इस दौरान उनकी कोई आधिकारिक भूमिका नहीं होगी।
कितने बजे शुरू होगा समारोह
बता दें कि शनिवार को लंदन के समयानुसार सुबह 11 बजे यानी भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे राज्याभिषेक का कार्यक्रम शुरू होगा। इस समारोह का LIVE प्रसारण किया जाएगा। इस समारोह में करीब 1021 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। ये खर्चा ब्रिटिश सरकार उठाएगी। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन करीब 70 साल बाद एक बार फिर शाही ताजपोशी का गवाह बनेगा।
राजा के राज्याभिषेक पर डाक टिकट जारी
किंग चार्ल्स 3 के राज्याभिषेक के अवसर पर रॉयल मेल द्वारा डाक टिकट भी जारी किए गए हैं। इन जारी किए गए चार डाक टिकटों पर सिख, हिंदु, मुसलमान की एकता को दर्शाया गया है। साथ ही उनके पूजा स्थलों को दर्शाने वाला एक डाक टिकट भी शामिल है। एक समाचार विज्ञप्ति में कहा गया है कि विविधता और समुदाय शीर्षक से डाक टिकट एक बहु-विश्वास समुदाय और समकालीन ब्रिटिश समाज की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
डाक टिकट में यहूदी, इस्लामी, ईसाई, सिख, हिंदू और बौद्ध धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले आंकड़े हैं और यह सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है।
कहा गया है कि पृष्ठभूमि ग्रामीण और शहरी ब्रिटेन दोनों के पहलुओं को दिखाती है और इसमें यूनाइटेड किंगडम के आसपास पाए जाने वाले पूजा के कई अलग-अलग स्थान शामिल हैं। यह इतिहास में केवल तीसरी बार है जब रॉयल मेल ने राज्याभिषेक को चिन्हित करने के लिए डाक टिकट जारी किया है। पिछले दो अवसर 1937 में किंग जॉर्ज 4 और 1953 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के लिए थे।







