वर्ष 2023 का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) आज यानी पांच मई को बुद्ध पूर्णिमा के दिन लगने वाला है. चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) और बुद्ध पूर्णिमा (Budh Purnima) का अद्भुत संयोग लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालेगा. हालांकि, इसको लेकर लोगों में काफी संशय बना हुआ है. बिहार की राजधानी पटना के ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि बुध पूर्णिमा के मौके पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. इसका असर रात के 8:46 मिनट से लेकर एक बजे तक रहेगा. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में इसे नहीं देखा जा सकता है, इसलिए यहां यह चंद्र ग्रहण मान्य नहीं होगा.
पांच मई को लगने वाला चंद्र ग्रहण उप छाया चंद्र ग्रहण रहेगा. इसका मतलब यह हुआ कि चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया एक तरफ रहने के कारण यह ग्रहण हर जगह नहीं देखा जाएगा. भारत में भी यह ग्रहण नहीं देखा जाएगा. इसलिए यहां इसका सूतक नहीं होगा. यह चंद्र ग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्टिका समेत अलग-अलग जगहों पर रहेगा. रात्रि में 8:46 मिनट से चंद्रग्रहण आरंभ होगा और देर रात एक बजे तक रहेगा. उपछाया चंद्र ग्रहण रहने के कारण सूतक काल (Sutak Kal) मान्य नहीं होगा.
भारत में चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं पड़ने वाला है. इस वजह से सभी चीजें समान्य रूप से चलती रहेगी. किसी भी चीज की खास मनाही नहीं है.
चंद्र ग्रहण और बुध पूर्णिमा का अद्भुत संयोग 130 वर्ष के बाद हो रहा है. इस दौरान चंद्र ग्रहण पर विशेष ध्यान देने के बजाय बुद्ध पूर्णिमा पर ध्यान देने की जरूरत है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन खास तौर पर भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें और उनके मंत्र का पाठ करें. जिनको भी मानसिक समेत किसी भी अन्य प्रकार का कष्ट हो तो वो चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें. श्वेत चीजों का दान करें और सत्यनारायण भगवान का पाठ जरूर करें. इस खास अवसर पर जितना ज्यादा संभव को विष्णु भगवान का पाठ करते रहें.
बुद्ध पूर्णिमा को लेकर बोधगया में गजब का उत्साह बना हुआ है। भगवान बुद्ध की 2567 वीं त्रिविध यानी जन्म, ज्ञान प्राप्ति व महापरिनिर्वाण की पावन जयंती विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में शुक्रवार को मनाई जा रही है। इस मौके पर विश्व शांति की मंगल कामना की जाएगी। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम का सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
जयंती समारोह को लेकर महाबोधि मंदिर परिसर के साथ ही आसपास के क्षेत्र को भी पंचशील पताका से सजाया गया है। बोधगया बेहद आकर्षक दिख रहा है। बुद्ध जयंती समारोह के संबंध में बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी की ओर से की गई तैयारी के अनुसार सुबह 7 बजे बुद्ध की 80 फीट मूर्ति के निकट से बौद्ध भिक्षुओं व श्रद्धालुओं की एक शोभायात्रा निकाली जाएगी जो करीब 9 बजे महाबोधि मंदिर पहुंचेगी।
उसके बाद सुबह 9:30 बजे मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों के पहुंचने के बाद पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे दीप जलाकर कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा। इस मौके पर बीटीएमसी की पत्रिका प्रज्ना का लोकार्पण भी किया जाएगा। आईबीसी के अध्यक्ष नवांग तेनजिंग ज्ञात्सो समारोह को संबोधित करेंगे। इसके बाद राज्यपाल समारोह को संबोधित करेंगे। समारोह का धन्यवाद ज्ञापन बीटीएमसी के सचिव की ओर से दिए जाने के बाद बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालुओं का कालचक्र मैदान में संघदान व भोजन कराया जाएगा। शाम 4 बजे बकरोर स्थित सुजाता मंदिर में भगवान बुद्ध को खीर अर्पित की जाएगी। शाम 6:30 बजे महाबोधि मंदिर परिसर में कैंडल जला कर परिक्रमा की जाएगी। जयंती समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जबरदस्त तैयारी की गई है। सुरक्षा के साथ ही जन सुविधाओं का भी भरपूर ख्याल रखने की कोशिश की जा रही है।
बिहार में कब लगेगा चंद्रग्रहण
बिहार में सूर्यास्त से पहले ही ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी। पटना में चंद्र ग्रहण शाम पांच बजे शुरू होगा। 05.06 बजे ग्रहण का मध्य होगा, जबकि शाम 7.26 बजे ग्रहण खत्म हो जाएगा। मिथिला पंचांग के अनुसार चंद्रग्रहण आठ नवंबर को शाम 4.59 बजे से आरंभ होकर 6.20 बजे समाप्त होगा।






