राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को वर्तमान दौर में युवा पीढी तक पहुंचाना ही उस महान विभूति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित ‘वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष्य में गांधी की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में देश बेहद नाजुक राजनीतिक दौर से गुजर रहा है जहां कुछ अति उत्साही राजनीतिक विचारधारा के लोग परस्पर विपरीत विचारों के लिए कोई जगह नहीं छोडना चाहते हैं। ऐसे में गांधीवादी विचारधारा को पुष्ट करने की जरूरत है और नफरत व डर के माहौल को खत्म कर सामाजिक सामंजस्यता स्थापित करने की आवश्यकता है। युवाओं पर विशेष जोर देकर उन्होंने कहा कि युवा पीढी तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को पहुंचाने की कवायद बुद्धिजीवियों को करने की आवश्यकता है वरना देश के अंदर ही गांधी की हत्या के बाद गांधीवाद की हत्या को सत्तापक्ष आमादा है।
उन्होंने बिहार में महात्मा गांधी के कायोंर् की बाबत कहा कि सीमांत गांधी के नाम से मशहूर खान अब्दुल गफ्फार खान ने भी गांधी जी के साथ कदमताल किया और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने वर्तमान दौर के राजनीति पर बोलते हुए कहा कि गांधी की हत्या में गोड्से केवल हत्यारा था। असली कातिल आरएसएस और हिन्दू महासभा के लोग और विचार थे। वर्तमान दौर में हमें कांग्रेस और राहुल गांधी के संघर्ष के साथ खडा होने की जरूरत है।
तुषार गांधी ने कहा कि आज हमारे मुल्क के सामने सन 1946-47 जैसे हालात हैं । नफरत को आज जिस प्रकार की सामाजिक स्वीकृति मिल रही है वह देश के लिए काफी खतरनाक है बापू की हत्या कराने वाले आज देश की सत्ता पर काबिज हैं जो नफरत फैला रहे हैं और इसके आधार पर शासन चला रहे हैं। उन्हें रोकना जरुरी है इसे रोकने के लिए नागरिक समाज को आगे आना होगा और आज से इस मुहिम की शुरुआत की जा रही है। एक साल का जो छोटा लक्ष्य है वह केवल आगाज हैं. हमें एक लंबी लड़ाई लड़नी होगी । हम घर घर में मुहब्बत का पैगाम पहुचाने आए हैं।
उन्होंने कहा की गांधी के शहादत के 75वें साल के मौके पर हम राज्य भर में विभिन्न जिलों और 9 प्रमंडलों में एक वर्ष तक गांधी के विचारों पर आधारित मुहिम चलाएंगे। इसके तहत बिहार के विभिन्न कॉलेज और शैक्षिणिक संस्थाओं में भी आयोजन किया जाएगा।
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद ड़ॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार कांग्रेस के लिए गर्व का विषय है कि जिनके विचारों से प्रभावित होकर हम उनके बताएं रास्तों पर चलकर कांग्रेस पार्टी के अभिन्न अंग हैं उनके वंशज हमारे बीच आये और अपने विचारों से बिहार के कांग्रेसजनों को अभिभूत किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ड़ॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि गांधी के विचार वर्तमान दौर में न केवल प्रासंगिक बल्कि जरूरी भी हैं। कांग्रेस रिसर्च विभाग के चेयरमैन और प्रवक्ता आनंद माधव ने कहा कि गांधी के बताए रास्तों पर चलकर ही देश को अखंड और एकजुट किया जा सकता है। स्वागत भाषण पूर्व मंत्री वीणा शाही ने किया। संगोष्ठी का संचालन ड़ॉ. मधुबाला ने किया और धन्यवाद ज्ञापन पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने किया।
महात्मा गांधी के शहादत के 75 वर्ष पर देश में शांति, न्याय, बंधुत्व और लोकतंत्र एवं वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन आज संकल्प सभा के साथ गांधी मैदान, पटना में हुआ। इसके पहले आज सुबह 7 बजे से शहीद स्मारक, पटना से गांधी मूर्ति, गांधी मैदान, पटना तक संकल्प मार्च का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी के प्रपोत्र श्री तुषार गांधी इस आयोजन के विशिष्ट अतिथि थे । बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्याम रजक भी मार्च में शामिल हुए।
मार्च के बाद गाँधी मैदान में आयोजित संकल्प सभा की अध्यक्षता पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. तरुण कुमार ने की. उन्होंने कहा, ‘गांधी ने आधुनिक समय में भारत को पहचान दी आज हमारे सामने अवसर है और यह वर्तमान समय का कर्तव्य भी है कि हम गांधी के बताए गए रास्ते पर चले ।
कार्यक्रम में सरदार रणजीत सिंह ने कहा कि गांधी नहीं होते तो हमें आजादी नहीं मिलती वहीं मुस्तफा ने चिंता जताई कि ये दुर्भाग्य है कि गांधी को वैचारिक रूप से मारने पर तुली विचारधारा आज केंद्र की सत्ता में है, वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता फादर फिलिप मंधरा ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब हम गांधी जी के लिए मलयालम में नारा लगाते हुए कहते थे कि गांधी जी देश को आगे बढ़ाए संकल्प सभा में इप्टा की टीम की सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। साथ ही पटना के सजग नागरिकों के साथ-साथ संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के एनएसएस के स्वयंसेवक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।







