आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव (Lalu Yadav) लंबे समय से दिल्ली में थे. काफी समय से बिहार आने के कयास लगाए जा रहे थे. इन दिनों लालू यादव की आने की चर्चा को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी. वहीं, शुक्रवार को लालू यादव पटना पहुंचे. इस दौरान एयरपोर्ट (Patna Airport) पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) भी मौजूद रहे. साथ ही कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ पहुंची है. बता दें कि 9 महीने बाद लालू यादव पटना पहुंचे हैं. इससे आरजेडी (RJD) के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है.
लंबे समय से हो रहा था इंतजार
लालू यादव किडनी की बीमारी से काफी समय से जूझ रहे थे. कुछ समय पहले सिंगापुर में लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था. इसके बाद से ही वो दिल्ली में रह रहे थे. बिहार में आने के लिए लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे लेकिन खराब स्वास्थ्य की वजह से नहीं आ रहे थे. अब लालू यादव की वापसी के बाद आरजेडी के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. पटना एयरपोर्ट पर आरजेडी के कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचे हुए थे.
राजनीतिक जगत में हलचल हुई तेज
बिहार की राजनीति की चर्चा देशभर में होती है. बिहार के पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन की हुई रिहाई के बाद सियासी पारा चढ़ा है तो उधर दूसरी ओर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बिहार पहुंच गए हैं. वहीं, गुरुवार को यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी. इससे राजनीतिक जगत में काफी हलचल तेज हो गई है. इसके साथ ही बीजेपी की बेचैनी भी बढ़ गई है. लालू यादव की बिहार वापसी 2024 लोकसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बता दें कि 5 दिसंबर 2022 को उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। बेटी रोहिणी आचार्या ने उन्हें किडनी डोनेट की थी। ऑपरेशन के बाद दिल्ली लौटने पर वह अपनी बड़ी बेटी और राज्य सभा सदस्य मीसा भारती के यहां रह रहे थे। फिलहाल वह पटना में ही रहेंगे। हालांकि चेकअप के लिए सिंगापुर या दिल्ली आना-जाना लगा रहेगा।

भाजपा विरोधी मुहिम को ताकत देंगे
पटना आकर लालू पार्टी की नई कमेटी से मिलेंगे। पार्टी को 2024 लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत करने के साथ-साथ नरेन्द्र मोदी को रोकने की रणनीति पर भी काम करेंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में भाजपा विरोधी पार्टियों को एकजुट किया जा रहा है। इससे जुड़ी कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक भी संभावित है। उसमें भी लालू प्रसाद के शामिल होने की उम्मीद है।
तेजस्वी को सीएम बनाने की इच्छा
लालू प्रसाद को महागठबंधन और RJD के अंदर की इन गुत्थियों को निपटाना है। RJD के समर्थकों को सबसे अधिक इंतजार इस बात का है कि नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी कब सौंपते हैं। लालू प्रसाद भी तेजस्वी को इस कुर्सी पर बैठते हुए देखना चाहते हैं। बदले में वे नीतीश को पीएम बनाने की मुहिम के दमदार चेहरा हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तनातनी को शांत करेंगे
नीतीश-तेजस्वी सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार होना है। जहां कांग्रेस दो और मंत्री पद की मांग कर रही है। कांग्रेस के दो मंत्री अफाक करीम और मुरारी गौतम पहले से सरकार में मंत्री हैं। दूसरी तरफ तेजस्वी यादव कह चुके हैं कि कांग्रेस को एक और मंत्री पद देना है। यानी RJD और कांग्रेस के बीच तनातनी है।
मंत्रिमंडल में RJD के मंत्री कार्तिक कुमार और सुधाकर सिंह को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। कार्तिक अनंत सिंह के खास हैं और सुधाकर सिंह, RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं। इसलिए RJD को दो मंत्री पद मिलना है। ऐसे में उन्हें अब ये फैसला लेना होगा कि कार्तिक और सुधाकर की जगह कौन लेंगे।







