कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एआईसीसी के पूर्ण सत्र के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ सहयोग करने को तैयार है. सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ‘हर शक्ति का दुरुपयोग’ कर विधायिका, कार्यपालिका और न्यायालिक को व्यवस्थित रूप से खत्म करने का काम कर रही है. अखबार के लिए लिखे गए लेख में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर घृणा और हिंसा के बढ़ते मामलों को अनदेखा करने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा कि खासकर जिस हिंसा को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं द्वारा उकसाया गया था. सोनिया गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसा के इन घटनाओं के मद्देनजर एक बार भी शांति-सद्भाव का आह्वान नहीं किया या अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए काम नहीं किया, उन्हें न्याय दिलाना तो दूर की बात है. उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा लगता है कि धार्मिक त्यौहार दूसरों को डराने और धमकाने का अवसर बन गए हैं.’ इसकी प्रतिक्रिया में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और किरण रिजिजू ने सोनिया गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि यह उच्चतम ‘छल-प्रपंच का भ्रामक’ बयान है, जो ‘मोदी नफरत का उत्कृष्ट उदाहरण’ भी है.
सोनिया ने अडानी और न्यायालिका मसले पर केंद्र सरकार को घेरा
सोनिया गांधी ने मीडिया और न्यायाधीशों को धमकाने और सार्वजनिक महत्व के प्रमुख मुद्दों पर मोदी सरकार की चुप्पी के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मौन अपनाने से भारत की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है.’ उन्होंने कानून मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को रेखांकित करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को देशद्रोही कहना वास्तव में सेवारत न्यायाधीशों को धमकाने और न्यायपालिका के खिलाफ भावनाओं को भड़काने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी चीन सीमा से जुड़े विवादास्द मुद्दे पर सिरे से इंकार कर रहे हैं और विदेश मंत्री का इस मसले पर चीन को लेकर रवैया सिरे से पराजयवादी है. यह कहते हुए कि भारत के लोग चुप नहीं हो सकते और न होंगे सोनिया गांधी ने चेतावनी दी कि आने वाले महीने लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करने वाली मोदी सरकार ने अहम मुद्दों और अडानी घोटाले पर चर्चा से बचने के लिए संसद की कार्यवाही बाधित की. साथ ही अत्यधिक तेजी दिखाते हुए एक कांग्रेस सांसद को अयोग्य घोषित कर दिया. सोनिया ने कहा कि पीएम मोदी सच्चाई और न्याय पर भव्य बयान देते हैं, लेकिन उनके पसंदीदा व्यवसायी के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. इंटरपोल भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ नोटिस वापस ले लेता है, तो बिलकिस बानो के सजायाफ्ता बलात्कारी भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करते दिखते हैं.
मोदी सरकार के मंत्रियों का सोनिया गांधी पर पलटवार
जाहिर है कि भारतीय जानता पार्टी के नेताओं ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हर शक्ति का दुरुपयोग के सोनिया गांधी के आरोपों पर पलटवार किया. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोनिया गांधी की टिप्पणी को मोदी से घृणा, गलत प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता के अतिरेक का उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस चौराहे पर है, देश नहीं. आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे पुरानी पार्टी के लिए जो राजनीतिक संकट के कगार पर है. ट्वीट्स की एक श्रृंखला में केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राजस्थान से लेकर छत्तीसगढ़ तक और मध्य प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक, कांग्रेस को सबसे पहले अपने संगठनात्मक तंत्र तक अपना संदेश पहुंचाना चाहिए, जो आंतरिक लोकतंत्र की कमी के साथ-साथ चाटुकारों की मंडली के कारण कमजोर पड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह लोकतंत्र की परीक्षा नहीं ,बल्कि कांग्रेस की परीक्षा है. कांग्रेस नेतृत्व को भ्रम से बाहर आ जमीनी हकीकत को समझना चाहिए. भारत का लोकतंत्र फल-फूल रहा है. लोग पीएम मोदी के इरादों को जानते हैं और इसीलिए वे उन पर विश्वास करते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं.’ कानून मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया, ‘सोनिया गांधी लोकतंत्र पर लेक्चर दे रही हैं? न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में बात करने वाली कांग्रेस का यह उच्चतम अनुपयुक्तता का एक भ्रामक बयान है.’







