पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के मौके पर हुई हिंसा को लेकर बीजेपी ममता सरकार पर हमलावर है. इस बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. इसमें एनआईए जांच और ऐसे क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तत्काल तैनाती की मांग की है.
कार्यवाहक जस्टिस ने जनहित याचिका दायर करने की मंजूरी दी और उसे सोमवार 3 अप्रैल के लिए लिस्ट किया है. इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को फोन कर स्थिति की जानकारी ली है. उन्होंने राज्य बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को भी इस मामले को लेकर फोन किया.
हावड़ा शहर में काजीपाडा इलाके के आसपास रामनवमी की शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान दो समूहों के बीच गुरुवार (30 मार्च) को झड़प हो गई थी. इसके बाद पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच शुक्रवार (31 मार्च) को इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण है. हिंसा के दौरान कई दुकानों और ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की गई, जबकि कुछ पुलिस वाहनों सहित कई कार में आग लगा दी गई. आग बुझाने के लिए दमकल की चार गाडिय़ों का इस्तेमाल किया गया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल का इस्तेमाल किया.
बंगाल और महाराष्ट्र में रामनवमी के एक दिन बाद शुक्रवार को फिर हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने हावड़ा और संभाजीनगर में मंदिरों पर पत्थरबाजी की। इससे पहले गुरुवार को देशभर में रामनवमी के मौके पर राज्यों में हिंसा और आगजनी की खबरें भी सामने आई थीं। गुजरात के वडोदरा, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर-जलगांव, पश्चिम बंगाल के हावड़ा-इस्लामपुर और लखनऊ में दो समुदायों के बीच झड़प के बाद पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं।
अब तक तीन राज्यों में हिंसा के केस में 80 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें गुजरात में 24, महाराष्ट्र में 20 और बंगाल में 36 लोग शामिल हैं। पुलिस इन इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। अभी हालात सामान्य हैं। बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी हिंसा की जांच NIA से करवाने और इलाकों में CRPF की तैनाती को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।’ वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजुमदार से घटना की जानकारी ली है। आज और कल की घटना सिलसिलेवार पढ़ें…
1. पश्चिम बंगाल: हावड़ा में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हिंसा
पश्चिम बंगाल के हावड़ा और उत्तरी दिनाजपुर जिले में गुरुवार को शोभायात्रा के दौरान हिंसक झड़प हुई थी। 24 घंटे के भीतर शुक्रवार को एक बार फिर शिबपुर में पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। यहां एक वर्ग ने मंदिरों में तोड़फोड़ की है। इसके बाद पूरे इलाके में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया है।
वहीं, पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में हावड़ा और डालखोला में हिंसा की घटनाओं के संबंध में एक जनहित याचिका दायर की है। अधिकारी ने कोर्ट से मामले की NIA से जांच और हिंसा प्रभावित क्षेत्र में CRPF की तैनाती की मांग की है। मामले पर 3 अप्रैल को सुनवाई होगी।
एक दिन पहले भी हावड़ा के शिबपुर और उत्तरी दिनाजपुर जिले में इस्लामपुर शहर के डालखोला में भी हिंसा हुई थी। शिबपुर में दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी हुई। वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें घर की छतों से कुछ लोग शोभायात्रा पर पत्थर फेंकते दिख रहे हैं। इसके बाद शोभायात्रा में शामिल भीड़ ने भी पत्थर फेंके। भीड़ ने आसपास के वाहनों और दुकानों में आगजनी की। शिबपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शोभायात्रा निकाली थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घटनाओं के लिए सीधे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। ममता ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा, ‘वे सांप्रदायिक दंगों के लिए राज्य के बाहर से गुंडे बुलाते रहे हैं। उनके जुलूसों को किसी ने नहीं रोका, लेकिन उन्हें तलवारें और बुलडोजर लेकर मार्च करने का अधिकार नहीं है। हावड़ा में ऐसा करने की उनकी हिम्मत कैसे हुई?’ ममता ने कहा- ‘उन्होंने मार्ग क्यों बदल दिया? विशेष रूप से एक समुदाय को टारगेट करने और हमला करने के लिए अनधिकृत मार्ग क्यों चुना? भाजपा ने हमेशा हावड़ा, पार्क सर्कस और इस्लामपुर को निशाने पर रखा है।’
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘TMC झूठ बोल रही है, क्योंकि वह गलत रास्ता नहीं था। हावड़ा मैदान तक अनुमति थी और वहां जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता था। अब भारत में ऐसे दिन आ गए हैं कि आप कुछ क्षेत्रों में रामनवमी का जुलूस निकाल सकते हैं और अन्य क्षेत्रों में नहीं जा सकते।’
भाजपा नेता और बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले साल हावड़ा में इसी जगह पर हिंसा हुई थी। मैं किसी एक समुदाय को इसका जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा हूं। यह प्रशासन की विफलता है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी ने रोहिंग्याओं के लिए रेड कार्पेट बिछाया, उनको देश कभी माफ नहीं करेगा।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कल और आज हुई हिंसा पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “ममता बनर्जी के शासन के दौरान पत्रकारों पर हमले हुए, रामनवमी के जुलूसों के दौरान पथराव किया गया। अगर पत्रकार हिंसा का शिकार हो रहे हैं और राज्य सरकार मूक दर्शक बनी हुई है तो इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या हो सकती है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।”
2. महाराष्ट्र: छत्रपति संभाजीनगर में 10 पुलिसकर्मी समेत 12 लोग घायल; 20 गिरफ्तार
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पुराना नाम औरंगाबाद) के किराडपुरा इलाके में बुधवार-गुरुवार रात दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी लोगों ने पथराव किया।
हमले में 10 पुलिसकर्मी समेत 12 लोग घायल हो गए। अब तक 20 लोगों की गिरफ्तार किया गया है। हिंसा रात 11.30 बजे शुरू हुई और तड़के 3.30 बजे तक जारी रही। शुक्रवार को एक बार फिर किराडपुर से लगे इलाके में पत्थरबाजी हुई है।

संभाजीनगर के सांसद इम्तियाज जलील ने में कहा कि यहां झड़प शराबियों के दो गुटों में हुई। इन्होंने ही पत्थरबाजी की। राम मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ। मंदिर में कोई नहीं गया। इसलिए नागरिकों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। संभाजीनगर में भीड़ को काबू करने के लिए कुछ धर्मगुरुओं को बुलाया गया, लेकिन भीड़ उनकी बात मानने को तैयार नहीं थी।

कुछ ही देर में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत भारी फोर्स मौके पर पहुंच गई। दंगाइयों ने उन पर भी पथराव किया और कार के शीशे तोड़ दिए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। आंसू गैस के गोले भी छोड़े। दंगाइयों ने दमकल विभाग के वाहनों पर पानी भी फेंका। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भीड़ काबू से बाहर होते देख पुलिस ने दो-तीन बार हवा में फायरिंग की।
3. गुजरात: शोभायात्रा में पथराव, अब तक 24 गिरफ्तार
गुजरात के वडोदरा शहर में गुरुवार को दो जगहों पर रामनवमी शोभायात्रा में पथराव हुआ। पहली घटना फतेहपुरा क्षेत्र के पंजरीगर मोहल्ले के पास दोपहर में हुई, जबकि दूसरी घटना शाम को नजदीकी कुंभरवाड़ा में हुई।
पुलिस के मुताबिक फतेहपुरा क्षेत्र में हुई घटना में कोई घायल नहीं हुआ, जबकि कुंभरवाड़ा में रामनवमी के जुलूस पर हुए पथराव में एक महिला समेत कुछ लोग घायल हो गए। पंजरीगर मोहल्ले के जुलूस का आयोजन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने किया था। वहीं, दूसरा जुलूस स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित किया गया था।







