सोमवार का दिन भारतीयों के लिए खुशियों से भरा रहा। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने दो ऑस्कर अवॉर्ड जीते। पहला सर्वश्रेष्ठ ऑरिजिनल गीत का पुरस्कार ‘नाटू-नाटू’ को मिला जबकि दूसरा अवार्ड शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ को मिला। ‘नाटू -नाटू’ गाना मूल रूप से तेलुगू में है और इसे एस.एस. राजामौली की मूवी ‘आरआरआर’ के लिये फिल्माया गया है। इस गाने के संगीतकार हैं एम.एम. किरवानी । ऑस्कर पुरस्कार समारोह में इस गाने का परफॉर्मेंस भी हुआ। फिल्म स्टार दीपिका पादुकोण ने इसके परफॉर्मेंस का स्टेज से ऐलान किया। अपने बेहतरीन म्यूजिक और डांस से इस गाने ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कार्तिकी गोंज़ाल्विस द्वारा निर्देशित और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ ने भी ऑस्कर अवार्ड जीता। इस फिल्म में एक ऐसे आदिवासी परिवार का चित्रण किया गया है जिसने तमिलनाडु के अभयारण्य में हाथियों के दो अनाथ बच्चों को गोद लिया था।
पहली बार भारतीय फिल्म निर्माताओं द्वारा जुड़वां ऑस्कर जीतने पर बधाइयों का तांता लग गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिल्म से जुड़ी तमाम हस्तियों ने विजेताओं को बधाई दी। ‘नाटू-नाटू’ गाने के लिए और ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ के लिए ऑस्कर मिलना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। ऑस्कर पूरी दुनिया में फिल्म का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। अब न तो इस बात के लिए रोना चाहिए कि अब तक हमारी फिल्मों को ये अवॉर्ड क्यों नहीं मिला और ना ही इस बात को लेकर माथा पीटना चाहिए कि अमेरिका में मिले अवॉर्ड को हम इतना महत्व क्यों दे रहे हैं? ‘नाटू नाटू’ का मतलब है ‘नाचो नाचो…’ और वाकई में फिल्म इंडस्ट्री के लिए खुशी से नाचने का दिन है। ‘नाटू-नाटू’ गाने में एक लय है, एक्शन है, जबरदस्त कोरियोग्राफी है। रामचरण और जूनियर एनटीआर के स्टेप्स पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गए हैं। ये कोई छोटी बात नहीं है कि सब भाषाओं में इसके वर्जन्स को मिला दिया जाए तो अब तक पूरी दुनिया में बीस करोड़ से ज्यादा लोग इस गाने को पसंद कर चुके हैं। हमें तो इस बात पर खुश होना चाहिए कि संगीत, नृत्य, सुर की और ताल की कोई बाउंड्री नहीं होती। यह एक बार फिर साबित हो गया।







