सुप्रीम कोर्ट आज यानी शुक्रवार को अडाणी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई करेगा। याचिका में अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है। एडवोकेट एमएल शर्मा और विशाल तिवारी की दायर जनहित याचिकाओं में दावा किया गया है कि अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग ने अडाणी के शेयरों शॉर्ट सेल किया जिससे ‘निवेशकों को भारी नुकसान’ हुआ।
तिवारी ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने देश की छवि को धूमिल किया है। यह अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। वहीं शर्मा की याचिका में दावा किया गया है कि रिपोर्ट पर मीडिया प्रचार ने बाजारों को प्रभावित किया, और हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन भी भारतीय नियामक सेबी को अपने दावों का प्रमाण देने में विफल रहे। एडवोकेट ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामले की अर्जेंट लिस्टिंग की अपील की थी।
हिंडनबर्ग ने शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए
24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। रिपोर्ट में ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के बाद ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। शुक्रवार यानी 3 फरवरी को अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 1000 रुपए के करीब पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी आई।
अडाणी एंटरप्राइजेज करीब 11% टूटा
शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 142.43 अंक या 0.23% चढ़कर 60,806 पर बंद हुआ। हालांकि, अडाणी ग्रुप में 10 में से 9 स्टॉक्स में गिरावट रही। केवल अडाणी विल्मर 5% चढ़ा। अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी एंटरप्राइजेज के शेयर में आज 2% की गिरावट है। कल इसमें 11% की गिरावट आई थी। इससे पहले बुधवार को अडाणी एंटरप्राइजेज में 23% की तेजी देखने को मिली थी।
LIC ने अडाणी ग्रुप में एक्सपोजर कम नहीं किया
जीवन बीमा निगम (LIC) के चेयरमैन एमआर कुमार ने कहा कि कंपनी ने अडाणी ग्रुप में अपने एक्सपोजर को कम नहीं किया है। LIC का अडाणी ग्रुप की कंपनियों में 36,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश है। 27 जनवरी को इसकी मार्केट वैल्यू 56,142 करोड़ रुपए थी। हिंडनबर्ग के कारण अडाणी ग्रुप के शेयरों में आई गिरावट के बाद LIC के अडाणी की कंपनियों में निवेश को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे।
सॉवरेन वेल्थ फंड ने अडाणी ग्रुप के सभी शेयर बेचे
नॉर्वे के 1.35 ट्रिलियन डॉलर के सॉवरेन वेल्थ फंड ने कहा कि उसने अडाणी ग्रुप की कंपनियों के अपने सभी शेयरों को बेच दिया है। फंड ने 2022 के अंत में, अडाणी टोटल गैस में 83.6 मिलियन डॉलर, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 63.4 मिलियन डॉलर और अडाणी ग्रीन एनर्जी में 52.7 मिलियन डॉलर हिस्सेदारी थी। ईएसजी रिस्क मॉनिटरिंग के फंड हेड क्रिस्टोफर राइट ने कहा, ‘अडाणी कंपनियों में हमारा कोई एक्सपोजर नहीं बचा है।’
GST डिपार्टमेंट की रेड नहीं, रूटीन इंस्पेक्शन
अडाणी विल्मर का हिमाचल प्रदेश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST से जुड़े छापे की खबरों पर जवाब आया है। कंपनी ने कहा कि GST डिपार्टमेंट के अधिकारियों को कंपनी के ऑपरेशन और डीलिंग्स में कोई अनियमितता नहीं मिली है और यह रूटीन इंस्पेक्शन था, रेड नहीं। इससे पहले कई सारी रिपोर्ट में GST उल्लंघन के आरोप में छापे के खबरें आई थीं।
अडाणी विल्मर ने कहा, ‘हम एक जिम्मेदार और पारदर्शी तरीके से बिजनेस करने के लिए कमिटेड हैं, और हमारे सभी ऑपरेशन कानूनों और रेगुलेशन के पूर्ण अनुपालन में हैं। हम यह बताना चाहेंगे कि विजिट के बाद डिपो ऑपरेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।’ अडाणी विल्मर सिंगापुर स्थित विल्मर और अडाणी ग्रुप के बीच 50:50 का जॉइंट वेंचर है।
गौतम अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को भारत पर साजिश के तहत हमला बताया है। ग्रुप ने 413 पन्नों का जवाब जारी किया। इसमें लिखा है कि अडाणी समूह पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। ग्रुप ने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट का असल मकसद अमेरिकी कंपनियों के आर्थिक फायदे के लिए नया बाजार तैयार करना है।







