कांग्रेस पार्टी समेत पूरा विपक्ष आज भी अडानी के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। स्पीकर ने भूटान से आए मेहमानों का परिचय कराया और उसके बाद प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा लेकिन हंगामा बढ़ गया। 10 मिनट के भीतर भी उच्च सदन यानी राज्यसभा की कार्यवाही भी 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दरअसल, विपक्षी दल संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने का प्लान बना चुके हैं। आज कांग्रेस पार्टी पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। संसद में भी आज टकराव की स्थिति बनी रही। RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि लोग चिंतित हैं लेकिन सरकार अडानी के मुद्दे पर बोलने से बच रही है। अडानी दावा कर रहे हैं कि यह देश पर एक हमला है, लेकिन कैसे? उन्होंने कहा कि हम इस मामले में जेपीसी जांच चाहते हैं।
थोड़ी गरिमा बनाए रखिए…
भूटान के मेहमानों का परिचय कराने के फौरन बाद स्पीकर ने कहा कि माननीय सदस्य गण थोड़ा संसद की गरिमा बनाए रखिए। यह संसद है। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल की घोषणा कर दी। शोर शुरू होने लगा… सदस्यों को देख स्पीकर नाराज हो गए। उन्होंने सदस्यों से अपनी सीट पर लौटने के लिए कहा। एक सदस्य ने कहा, सर हाउस ऑर्डर में नहीं है। ओम बिरला ने कहा, ‘मैं माननीय सदस्य, आप प्रश्न पूछना चाहते हैं, आप विराजें।’ नारे लगाए जाने शुरू हो गए। शेम-शेम के नारे लगने लगे। शोरगुल के बीच स्पीकर ने नसीहत देते हुए कहा, ‘माननीय सदस्यगण आज का दिन महत्वपूर्ण है। आज देश के मजदूरों से संबंधित प्रश्न है। आप प्रश्न पूछें, माननीय मंत्री जी जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह संसद देश की दिशा तय करता है, चर्चा और संवाद के लिए है। आपको चर्चा करनी है तो बातचीत करें।’ स्पीकर ने सख्त लहजे में कहा कि आप बिना बातचीत के केवल नियोजित तरीके से सदन को स्थगित कराना उचित नहीं है। आप आएं, आपका जो भी विषय है, मेरे चेंबर में आएं। मैं हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार हूं। इस दौरान वेल में आए सांसद अडानी का नाम लेकर नारे लगाते रहे।







