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रुक नहीं रही टारगेट किलिंग

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January 3, 2023
in अपराध, खास खबर, संपादकीय
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रुक नहीं रही टारगेट किलिंग

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नये साल में जम्मू संभाग के राजौरी में आतंकवादियों ने खूनी खेल खेलकर अपने मंसूबे साफ कर दिए। चार हिंदुओं की पहचान करने के बाद उनकी अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या करने का उनका मकसद सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़़ना है। इस बात से कि घाटी में हालात बेहतर होंगे और अमन का दायरा बढ़ेøगा‚ आतंकवादियों ने इसे तहस–नहस करने का षड़्¬ंत्र रचा। साफ तौर पर यह आतंकियों की हताशा को दर्शाता है। क्योंकि इसी दिसम्बर २८ को सुरक्षाबलों ने ४ आतंकियों को मार गिराया था। स्वाभाविक है कि आंतकवादी समूहों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा था और वो बदला लेने की फिराक में थे। पिछले साल (२०२२) में ९३ मुठभेड़़ की घटना में कुल १७२ आतंकवादी मारे गए। इसमें ४२ विदेशी आतंकवादी थे। साफहै कि सुरक्षा बलों को आतंकवादियों पर नकेल कसने में खासी कामयाबी हासिल हुई। ज्यादातर आतंकी समूहों के टॉप कमांड़र और चीफ या तो मार गिराए गए या उन्हें अलग–थलग कर दिया गया। लाजिमी है कि पाकिस्तान परस्त आतंकवादी समूहों में अपनी हार को लेकर जबर्दस्त दबाव था। हाल के कुछेक वर्षों में आतंकवादियों ने हिंसा के अपने पैटर्न में बदलाव किया है। अब उनके निशाने पर राज्य के मुस्लिम नहीं होते हैं बल्कि बाहरी राज्यों से आए गैर मुस्लिम मजदूर–कारीगर और जम्मू–कश्मीर का हिंदू और सिख समुदाय होता है। पाकिस्तान की मंशा यही रहती है कि राज्य में शांति का माहौल न बने और कश्मीरियत की बात करने वालों के हौसले को चोट पहुंचाई जाए। बेकसूरों का खून बहाकर दरअसल आतंकी समूह इसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। खासकर जम्मू–कश्मीर की विशेष दर्जा खत्म करने (२०१९) के बाद से आतंकी वारदात में काफी तेजी देखने को मिली है। पिछले वर्ष टारगेट किलिंग की कुल घटनाओं में २९ लोग मारे गए। अलबत्ता‚ घाटी में आतंकी कार्रवाई में तेजी फरवरी‚ मार्च व बाद के महीने में देखी जाती है‚ मगर पिछले दो हफ्ते में जिस तरह से राज्य के अलग–अलग हिस्सों में खूनखराबा बढ़ा है‚ उससे लगता है कि ये लोग बौखलाहट में हैं। सेना और अर्द्धसैनिक बलों के सामने निश्चित तौर पर भारी चुनौती दरपेश है। तमाम सख्ती के बावजूद हिंसा थम नहीं रही है। लिहाजा‚ सरकार को नये सिरे से अपनी कार्रवाई को अंजाम देना होगा। स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत करने के साथ ही गैर मुस्लिम समुदायों की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखना होगा। आतंकियों की मंशा को कुचलना ही होगा।

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