फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया के ऐतिहासिक दौरे पर हैं। उनके दौरे के बीच ही सीरिया की राजधानी दमिश्क में जोरदार धमाके हुए हैं। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, इस घटना में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इन धमाकों के पीछे कौन है? फ्रांसीसी राष्ट्रपति के दौरे के बीच दमिश्क में बम धमाकों से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि मैक्रों के कार्यालय ने साफ कर दिया है कि मैक्रों सुरक्षित हैं और वे अपना सीरिया दौरा जारी रखेंगे।
सीरिया की राजधानी दमिश्क में मंगलवार को दो जोरदार धमाकों से हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से एक अहम मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे हुए थे। राष्ट्रपति भवन में बैठक के दौरान दमिश्क में फोर सीजन्स होटल के पास धमाके हुए। धमाकों के बाद भी दोनों नेताओं की बैठक जारी रही।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक वाहन आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा है, जबकि सड़क पर खून के धब्बे भी नजर आ रहे हैं। किसी भी संगठन ने अब तक धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी दमिश्क के जस्टिस पैलेस के पास स्थित एक कैफे में विस्फोट हुआ था। उस हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे।
मैक्रों का सीरिया दौरा बेहद अहम
मैक्रों के सीरिया दौरे की अहमयित इसी बात से लगाई जा सकती है कि सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के सत्ता में आने के बाद किसी बड़े यूरोपीय देश के मुखिया का यह पहला सीरिया दौरा हुआ है। उनका यह दौरा तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है।
प्रतिबंध हटाने में निभाई अहम भूमिका
मैक्रों ने यूरोप और अमेरिका से सीरिया पर लगे अधिकांश प्रतिबंध हटाने की पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह सोमवार रात एक आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के साथ दमिश्क पहुंचे थे। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने हैं, ताकि 14 वर्षों के युद्ध से तबाह हो चुके सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके।
कूड़ेदान और खड़ी कार में लगाए गए थे विस्फोटक
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि राजधानी के बीचों-बीच हुए दोनों धमाके विस्फोटक उपकरणों के कारण हुए। इनमें से एक विस्फोटक कूड़ेदान में और दूसरा सड़क किनारे खड़ी एक कार में रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, धमाकों में कई पुलिसकर्मियों समेत चार लोग घायल हुए हैं। फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं। यह स्थान दमिश्क के व्यस्त इलाकों में से एक है और पर्यटन मंत्रालय के मुख्यालय तथा दमिश्क राष्ट्रीय संग्रहालय के करीब स्थित है।
अल-शरा सरकार के लिए बड़ा झटका
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के लिए बड़ा झटका है। अल-शरा साल 2024 में विद्रोह का नेतृत्व कर बशर अल-असद सरकार को सत्ता से हटाने के बाद सत्ता में आए थे। सत्ता संभालने के बाद से वह पूरे देश पर सरकार का नियंत्रण मजबूत करने, युद्धग्रस्त सीरिया में स्थिरता बहाल करने, अल्पसंख्यक समुदायों का विश्वास जीतने और पश्चिमी देशों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी सरकार ने दशकों पुराने निरंकुश शासन के बाद राजनीतिक और आर्थिक सुधारों का भी वादा किया है।
हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग गुटों से जुड़ी हिंसा की घटनाएं जारी हैं। करीब 14 वर्षों तक चले गृहयुद्ध में सीरिया में लगभग पांच लाख लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। युद्ध के कारण सीरिया का बुनियादी ढांचा बुरी तरह तबाह हो चुका है। पुनर्निर्माण और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए देश को अब भी सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया के ऐतिहासिक दौरे पर हैं। उनके दौरे के बीच ही सीरिया की राजधानी दमिश्क में जोरदार धमाके हुए हैं। सीरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, इस घटना में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इन धमाकों के पीछे कौन है? फ्रांसीसी राष्ट्रपति के दौरे के बीच दमिश्क में बम धमाकों से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि मैक्रों के कार्यालय ने साफ कर दिया है कि मैक्रों सुरक्षित हैं और वे अपना सीरिया दौरा जारी रखेंगे।
सीरिया की राजधानी दमिश्क में मंगलवार को दो जोरदार धमाकों से हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से एक अहम मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे हुए थे। राष्ट्रपति भवन में बैठक के दौरान दमिश्क में फोर सीजन्स होटल के पास धमाके हुए। धमाकों के बाद भी दोनों नेताओं की बैठक जारी रही।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक वाहन आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा है, जबकि सड़क पर खून के धब्बे भी नजर आ रहे हैं। किसी भी संगठन ने अब तक धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी दमिश्क के जस्टिस पैलेस के पास स्थित एक कैफे में विस्फोट हुआ था। उस हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे।
मैक्रों का सीरिया दौरा बेहद अहम
मैक्रों के सीरिया दौरे की अहमयित इसी बात से लगाई जा सकती है कि सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के सत्ता में आने के बाद किसी बड़े यूरोपीय देश के मुखिया का यह पहला सीरिया दौरा हुआ है। उनका यह दौरा तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है।
प्रतिबंध हटाने में निभाई अहम भूमिका
मैक्रों ने यूरोप और अमेरिका से सीरिया पर लगे अधिकांश प्रतिबंध हटाने की पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह सोमवार रात एक आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के साथ दमिश्क पहुंचे थे। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने हैं, ताकि 14 वर्षों के युद्ध से तबाह हो चुके सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके।
कूड़ेदान और खड़ी कार में लगाए गए थे विस्फोटक
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि राजधानी के बीचों-बीच हुए दोनों धमाके विस्फोटक उपकरणों के कारण हुए। इनमें से एक विस्फोटक कूड़ेदान में और दूसरा सड़क किनारे खड़ी एक कार में रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, धमाकों में कई पुलिसकर्मियों समेत चार लोग घायल हुए हैं। फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं। यह स्थान दमिश्क के व्यस्त इलाकों में से एक है और पर्यटन मंत्रालय के मुख्यालय तथा दमिश्क राष्ट्रीय संग्रहालय के करीब स्थित है।
अल-शरा सरकार के लिए बड़ा झटका
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के लिए बड़ा झटका है। अल-शरा साल 2024 में विद्रोह का नेतृत्व कर बशर अल-असद सरकार को सत्ता से हटाने के बाद सत्ता में आए थे। सत्ता संभालने के बाद से वह पूरे देश पर सरकार का नियंत्रण मजबूत करने, युद्धग्रस्त सीरिया में स्थिरता बहाल करने, अल्पसंख्यक समुदायों का विश्वास जीतने और पश्चिमी देशों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी सरकार ने दशकों पुराने निरंकुश शासन के बाद राजनीतिक और आर्थिक सुधारों का भी वादा किया है।
हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग गुटों से जुड़ी हिंसा की घटनाएं जारी हैं। करीब 14 वर्षों तक चले गृहयुद्ध में सीरिया में लगभग पांच लाख लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। युद्ध के कारण सीरिया का बुनियादी ढांचा बुरी तरह तबाह हो चुका है। पुनर्निर्माण और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए देश को अब भी सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है।







