बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन जहरीली शराब से मौतों को लेकर जमकर हंगामा मचा। बेल में आकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा किया। हंगामे के बीच नीतीश मुस्कुराते रहे। विधानसभा अध्यक्ष अवधबिहारी चौधरी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा में बहस हो गई। बीजेपी विधायक मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि शराब कांड बीजेपी ने कराया है। इधर, RJD के दूसरे विधायक सुधाकर सिंह ने इसे सत्ता संरक्षित नरसंहार कहा है।
शीतकालीन सत्र के आज तीसरे दिन भी विधानसभा में बीजेपी के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। सत्र के शुरू होते ही बीजेपी के विधायक नीतीश कुमार हाय-हाय के नारे लगाते रहे। बीजेपी के विधायक लगातार यह मांग कर रहे हैं कि नीतीश कुमार ने सदन के अंदर जिस तरह अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है, उसके लिए वे माफी मांगे इसके बाद ही सदन को चलने देंगे। हालांकि विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बावजूद सदन की कार्यवाही चल रही है वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल के सदस्य सीएम नीतीश के मांफी मांगने को लेकर हंगामा कर रहे हैं।
पूर्ण शराबबंदी लागू करने वाले बिहार के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 39 हो चुकी है। जिससे हर तरफ हंगामा हो रहा है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा है कि “जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते हैं, इससे अन्य राज्यों में भी लोग मरते हैं। लोगों को सचेत रहना चाहिए क्योंकि जब शराब बंदी है तो खराब शराब मिलेगी ही। जो शराब पियेगा वो मरेगा। इस पर पूरी तरह से एक्शन होगा।”
सारण के सिविल सर्जन-सह-चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ने कहा, ‘ज्यादातर लोगों की मौत जिला मुख्यालय छपरा में स्थित अस्पताल में हुई है। कुछ लोग जो मंगलवार सुबह से ही बीमार थे, उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।’चूंकि यह संदेह है कि मरने वाले सभी लोगों ने कुछ नशा किया था, पोस्टमार्टम के बाद उनके बिसरा का नमूना परीक्षण के लिए मुजफ्फरपुर भेजा जा रहा है। इसबीच, जिला प्रशासन ने कहा कि उसने अधिकारियों की टीम गठित की है जो प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका पता लगाने का प्रयास करेंगी जिन्होंने संभवत: जहरीली शराब परोसी होगी।
इससे पहले बुधवार को विधानसभा के अंदर विपक्षी दल बीजेपी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बीजेपी विधायकों ने विधानसभा के अंदर हंगामा किया। इस दौरान उनमें से कई ने सरकार पर अवैध शराब की बिक्री को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। बीजेपी विधायकों ने सारण की घटना में जान गंवाने वालों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने की मांग की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुस्से में अपनी कुर्सी से उठकर भाजपा विधायकों की ओर उंगली उठाकर आरोप लगाते नजर आए।
भाजपा सदस्यों ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग की, जो उस समय अपनी कुर्सी पर नहीं थे। भाजपा विधायक शून्यकाल शुरू होने पर सदन से बहिर्गमन कर गए। सदन के बाहर, नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुख्यमंत्री को हमारी (भाजपा) वजह से वर्तमान कार्यकाल मिला था, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया और उनमें (राजद में) शामिल हो गए, जिन पर वह ‘जंगल राज’ का आरोप लगा रहे थे। उनकी संगति में रहकर उन्होंने उनके तौर-तरीके अपना लिए हैं। यह सदन के पटल पर हमारे खिलाफ इस्तेमाल की गई डराने-धमकाने वाली व अपमानजनक भाषा से जाहिर होता है।’
हालांकि, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘भाजपा सदस्यों को यह समझना चाहिए कि बिहार में शराब का सेवन करना एक अपराध है और इससे होने वाली मौतों की भरपाई नहीं की जा सकती। यह शराब के सेवन को अपना समर्थन देने के समान होगा।’ राज्य के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने भाजपा के इस आरोप पर आपत्ति जताई कि शराब बंदी का उल्लंघन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उल्लंघन करने वालों को सरकार का ‘संरक्षण’ प्राप्त है।मंत्री ने कहा, ‘जब भाजपा हमारी सहयोगी थी, तो उनके नेताओं ने कभी ऐसा आरोप नहीं लगाया। उन्हें याद रखना चाहिए कि आईपीसी और सीआरपीसी के तहत दंडनीय अपराध बंद नहीं हुए हैं, भले ही ये संहिता ब्रिटिश राज के बाद से मौजूद हैं।’
शराब बेचने वाले लोग आज नीतीश के साथ हैं, बीजेपी पर ठीकरा फोड़ने की बजाय…’ क्या बोले सुशील मोदी
शराब से मौत दूसरे प्रदेशों में भी हो रही है: मंत्री
वहीं जहरीली शराब से मौत पर मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने अजीब बयान देकर सबको चौंका दिया है। सुनील कुमार ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में भी कानून बनते थे, तब भी कानून टूटता था। अंग्रेजों ने भी कानून बनाया, लेकिन इसके बाद भी रेप और हत्या हो रही है ना। शराबबंदी भी वैसे ही है। शराब बिक रही है तो पुलिस भई कार्रवाई कर रही है। शराब से मौत तो दूसरे प्रदेशों में भी हो रही है।”
सहन करने के लिए ताकत का निर्माण करें: मंत्री
वहीं बिहार के मंत्री एसके महासेठ का भी बेतुका बयान आया है। उन्होंने कहा, ”यदि आप शराब पीना छोड़ दें तो अच्छा है। जहर और शराब नहीं, यहां आ रहा है। यदि हम खेल के माध्यम से ताकत का निर्माण करते हैं, तो हम इसे सहन कर सकते हैं, लेकिन लोगों को वह ताकत बनानी होगी। इसे छोड़ दो! यह प्रतिबंधित है और गलत तरीके से यहां धकेला जा रहा है।”
बिहार में जहरीली शराब के लिए नीतीश ने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन जहरीली शराब से मौतों को लेकर जमकर हंगामा मचा। बेल में आकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा किया। हंगामे के बीच नीतीश मुस्कुराते रहे। विधानसभा अध्यक्ष अवधबिहारी चौधरी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा में बहस हो गई। बीजेपी विधायक मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि शराब कांड बीजेपी ने कराया है। इधर, RJD के दूसरे विधायक सुधाकर सिंह ने इसे सत्ता संरक्षित नरसंहार कहा है।
शीतकालीन सत्र के आज तीसरे दिन भी विधानसभा में बीजेपी के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। सत्र के शुरू होते ही बीजेपी के विधायक नीतीश कुमार हाय-हाय के नारे लगाते रहे। बीजेपी के विधायक लगातार यह मांग कर रहे हैं कि नीतीश कुमार ने सदन के अंदर जिस तरह अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है, उसके लिए वे माफी मांगे इसके बाद ही सदन को चलने देंगे। हालांकि विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बावजूद सदन की कार्यवाही चल रही है वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल के सदस्य सीएम नीतीश के मांफी मांगने को लेकर हंगामा कर रहे हैं।
पूर्ण शराबबंदी लागू करने वाले बिहार के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 39 हो चुकी है। जिससे हर तरफ हंगामा हो रहा है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा है कि “जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते हैं, इससे अन्य राज्यों में भी लोग मरते हैं। लोगों को सचेत रहना चाहिए क्योंकि जब शराब बंदी है तो खराब शराब मिलेगी ही। जो शराब पियेगा वो मरेगा। इस पर पूरी तरह से एक्शन होगा।”
सारण के सिविल सर्जन-सह-चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ने कहा, ‘ज्यादातर लोगों की मौत जिला मुख्यालय छपरा में स्थित अस्पताल में हुई है। कुछ लोग जो मंगलवार सुबह से ही बीमार थे, उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।’चूंकि यह संदेह है कि मरने वाले सभी लोगों ने कुछ नशा किया था, पोस्टमार्टम के बाद उनके बिसरा का नमूना परीक्षण के लिए मुजफ्फरपुर भेजा जा रहा है। इसबीच, जिला प्रशासन ने कहा कि उसने अधिकारियों की टीम गठित की है जो प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका पता लगाने का प्रयास करेंगी जिन्होंने संभवत: जहरीली शराब परोसी होगी।
इससे पहले बुधवार को विधानसभा के अंदर विपक्षी दल बीजेपी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बीजेपी विधायकों ने विधानसभा के अंदर हंगामा किया। इस दौरान उनमें से कई ने सरकार पर अवैध शराब की बिक्री को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। बीजेपी विधायकों ने सारण की घटना में जान गंवाने वालों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने की मांग की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुस्से में अपनी कुर्सी से उठकर भाजपा विधायकों की ओर उंगली उठाकर आरोप लगाते नजर आए।
भाजपा सदस्यों ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग की, जो उस समय अपनी कुर्सी पर नहीं थे। भाजपा विधायक शून्यकाल शुरू होने पर सदन से बहिर्गमन कर गए। सदन के बाहर, नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुख्यमंत्री को हमारी (भाजपा) वजह से वर्तमान कार्यकाल मिला था, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया और उनमें (राजद में) शामिल हो गए, जिन पर वह ‘जंगल राज’ का आरोप लगा रहे थे। उनकी संगति में रहकर उन्होंने उनके तौर-तरीके अपना लिए हैं। यह सदन के पटल पर हमारे खिलाफ इस्तेमाल की गई डराने-धमकाने वाली व अपमानजनक भाषा से जाहिर होता है।’
हालांकि, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘भाजपा सदस्यों को यह समझना चाहिए कि बिहार में शराब का सेवन करना एक अपराध है और इससे होने वाली मौतों की भरपाई नहीं की जा सकती। यह शराब के सेवन को अपना समर्थन देने के समान होगा।’ राज्य के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने भाजपा के इस आरोप पर आपत्ति जताई कि शराब बंदी का उल्लंघन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उल्लंघन करने वालों को सरकार का ‘संरक्षण’ प्राप्त है।मंत्री ने कहा, ‘जब भाजपा हमारी सहयोगी थी, तो उनके नेताओं ने कभी ऐसा आरोप नहीं लगाया। उन्हें याद रखना चाहिए कि आईपीसी और सीआरपीसी के तहत दंडनीय अपराध बंद नहीं हुए हैं, भले ही ये संहिता ब्रिटिश राज के बाद से मौजूद हैं।’
शराब बेचने वाले लोग आज नीतीश के साथ हैं, बीजेपी पर ठीकरा फोड़ने की बजाय…’ क्या बोले सुशील मोदी
शराब से मौत दूसरे प्रदेशों में भी हो रही है: मंत्री
वहीं जहरीली शराब से मौत पर मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने अजीब बयान देकर सबको चौंका दिया है। सुनील कुमार ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में भी कानून बनते थे, तब भी कानून टूटता था। अंग्रेजों ने भी कानून बनाया, लेकिन इसके बाद भी रेप और हत्या हो रही है ना। शराबबंदी भी वैसे ही है। शराब बिक रही है तो पुलिस भई कार्रवाई कर रही है। शराब से मौत तो दूसरे प्रदेशों में भी हो रही है।”
सहन करने के लिए ताकत का निर्माण करें: मंत्री
वहीं बिहार के मंत्री एसके महासेठ का भी बेतुका बयान आया है। उन्होंने कहा, ”यदि आप शराब पीना छोड़ दें तो अच्छा है। जहर और शराब नहीं, यहां आ रहा है। यदि हम खेल के माध्यम से ताकत का निर्माण करते हैं, तो हम इसे सहन कर सकते हैं, लेकिन लोगों को वह ताकत बनानी होगी। इसे छोड़ दो! यह प्रतिबंधित है और गलत तरीके से यहां धकेला जा रहा है।”
बिहार में जहरीली शराब के लिए नीतीश ने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया







