उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की ओर से अनुशंसित नामों को मंजूरी देने में केंद्र सरकार की ओर से देरी पर न्यायपालिका एक बार फिर आहत हुई है। सोमवार को न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति ए. एस. ओका की पीठ ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी के मामलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह नियुक्ति के तरीकों को प्रभावी रूप से विफल करता है। वास्तव में अदालतों के अंदर तो बड़ी संख्या में मामले लंबित पड़े हैं और उसका एक कारण कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित न्यायाधीशों को सरकार अनुमोदन नहीं दे रही है। दूसरी ओर सरकार लगातार कह रही है कि कॉलेजियम पद्धति अपारदर्शी तथा संविधान की भावना के विपरीत है और इसकी संस्तुति के लिए जिस गहन विचार–विमर्श की जरूरत है‚ उसकी कमी है। कुल मिलाकर यह दुखद स्थिति है जो न्यायपालिका और कार्यपालिका की टकराहट को चिंताजनक रूप से प्रकट करती है। किसी भी लोकतंत्र में न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच इस तरह के मतभेद सामने आते रहते हैं और यह स्वाभाविक भी प्रतीत होते हैं‚ लेकिन जब मतभेद इस स्थिति पर दिखाई देने लगे कि दोनों ही एक दूसरे के प्रति शंकग्रस्त हैं और दोनों का ही एक–दूसरे के न्यायिक बोध के प्रति गहरा अविश्वास है तो यह सामान्य स्थिति नहीं रह जाती। इस ताजा प्रकरण के संबंध में न्यायपालिका कार्यपालिका के प्रति संदेह व्यक्त कर रही है कि कार्यपालिका न्यायिक हितों में सही फैसला नहीं ले सकती‚ ठीक उसी तरह से कार्यपालिका संदेह व्यक्त कर रही है कि न्यायपालिका अपनी हद का अतिक्रमण करके कार्यपालिका को उसके संवैधानिक भूमिका से वंचित कर रही है। यह टकराहट दोनों संस्थाओं की नेतृत्वकारी शक्तियों के बीच है। इसका एक समाधान यह हो सकता है कि ऐसे मुद्दों पर दोनों ही संस्थाओं के शीर्ष प्रतिनिधि आपस में मिलकर एक मेज पर बैठें‚ संयुक्त रूप से विचार विमर्श करें और आम सहमति कायम करें। शत्रुतापूर्ण व्यवहार छोड़कर एक दूसरे की राय का सम्मान करने की ओर सामूहिक निर्णय पर पहुंचने की प्रक्रिया निर्धारित की जानी चाहिए। यह तभी हो सकता है जब दोनों के ही प्रतिनिधि एक दूसरे पर भरोसा रखते हुए वार्तारत हों। संविधान में भी शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत लागू है और शासन के तीनों अंगों के क्षेत्राधिकार भी निर्धारित हैं।
प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...






