ADVERTISEMENT
Tuesday, August 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

बिहार की सियासी फिजां को है कल का इन्तजार …..

UB India News by UB India News
November 5, 2022
in खास खबर, पटना, बिहार, संपादकीय
0
बिहार की सियासी फिजां को है कल का इन्तजार …..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बिहार की सियासी फिजां में इन दिनों बस एक ही चर्चा है। गोपालगंज-मोकामा उपचुनाव में विजय किसे मिलेगी? बीजेपी और महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है। इन दोनों सीटों के परिणाम का व्यापक असर बिहार की सियासत पर होगी। बीजेपी यदि दोनों सीटों में से एक सीट पर भी जीत जाती है, तो वो ये सोचकर खुश होगी कि नीतीश कुमार से अलग होने के बाद अपने दम पर सीट जीत लिया। दोनों सीटों पर जीत हासिल होने की स्थिति में बीजेपी बिहार में अकेले दम पर मजबूती का दम भरेगी। हार होने पर बीजेपी को केंद्रीय नेतृत्व से झटका लगेगा और बिहार में सांगठनिक बदलाव सुनिश्चित हो जाएगा।

लालू नीतीश होंगे मजबूत
वहीं महागठबंधन की जीत होने पर नीतीश-लालू की जोड़ी में मजबूती आएगी। हालांकि, एक संभावना ये भी है कि दोनों कैंडिडेट राजद के हैं और जीत के बाद तेजस्वी ज्यादा ताकतवर होकर उभरेंगे। प्रमोद दत्त ने याद दिलाते हुए कहा कि मोकामा और गोपालगंज चुनाव में नीतीश कुमार प्रचार के लिए नहीं गए। ललन सिंह को आगे कर दिया गया। लेकिन जेडीयू नेता, लगन से प्रचार में शामिल नहीं दिखे। इसके पीछे जेडीयू के अंदर के डर को आप इस तरह समझिए। प्रमोद दत्त कहते हैं कि राजद के दोनों उम्मीदवारों की जीत के बाद तेजस्वी बड़ी ताकत हो जाएंगे। वे यदि बाकी दलों को अपने पाले में करते हैं, तो अकेले दम पर उनकी सरकार बन जाएगी। जेडीयू ये बात समझती है। इसलिए पार्टी नेता फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं।

RELATED POSTS

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

बीजेपी पर भी होगा असर
गोपालगंज-मोकामा सीट पर गठबंधन की जीत के बाद नीतीश-तेजस्वी को ये कहने का मौका मिलेगा कि जनता का आशीर्वाद उन्हें मिल गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय जनता दल के अंदर जारी कलह पर हद तक विराम लग जाएगी। अगर जीत बीजेपी की होती है, तो नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठेंगे और कमान तेजस्वी को थमाने पर चर्चा तेज हो जाएगी। उधर, हार के बाद बीजेपी को सियासी बूस्टर डोज भी मिल जाएगा। इसके अलावा उपचुनाव परिणाम के बिहार की सियासत पर असर की बात करें, तो महागठबंधन के रिश्ते पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। सियासी जानकार मानते हैं कि अगर कहीं बीजेपी दोनों सीटें जीत जाती है, तो बीजेपी जेडीयू में बड़ी सेंध लगाने की संभावना देखेगी।

तेजस्वी का कद बढ़ेगा
वहीं अगर महागठबंधन चुनाव जीत जाता है, तो तेजस्वी अपनी ही पार्टी में और मजबूत हो जाएंगे। पार्टी के अंदर जगदानंद प्रकरण के बाद पैदा हुई स्थिति को संभालने में मदद मिलेगी। उधर, महागठबंधन में नीतीश कुमार के शामिल होने के बाद ये पहला चुनाव है। परिणाम का इंतजार तेजस्वी के साथ नीतीश कुमार को भी है। नीतीश कुमार ये देखना चाहते हैं कि उनके महागठबंधन में जाने के फैसले को जनता ने स्वीकार किया है या नहीं? दोनों सीटों पर उपचुनाव खत्म होने के बाद महागठबंधन के अपने अलग दावे हैं। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के नेता अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं। सियासी जानकार कहते हैं कि ईवीएम के खुलने के बाद चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।

अपने-अपने दावे
उधर, बीजेपी वोटिंग खत्म होने के बाद ये दावा कर रही है कि जनता ने केंद्र सरकार की नीतियों और पार्टी के विकास के नारे को पसंद किया है। मोकामा और गोपालगंज में भी पार्टी को पीएम मोदी के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया है। बीजेपी के लिए ये उपचुनाव काफी मायने रखता है। केंद्रीय नेतृत्व की नजर दोनों सीटों के परिणाम पर है। सियासी जानकार मानते हैं कि यदि दोनों सीटों पर बीजेपी को हार मिलती है, तो इसका परिणाम काफी खराब होगा। केंद्रीय नेतृत्व सांगठनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करेगा और बिहार के कई नेताओं को साइड लाइन कर दिया जाएगा। चुनाव में विजयी होने के बाद बिहार में सुशील मोदी का कद बढ़ जाएगा। एक बार फिर वे बिहार के मेन स्ट्रीम की सियासत में अपना पैर जमा लेंगे।

हार-जीत का असर
बीजेपी ये सोचकर भी चल रही है कि जनता में नीतीश के पलटने का उल्टा असर हुआ है। ग्रामीण नीतीश कुमार के फैसले को मजाक बना रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बिहार में जंगलराज की स्थिति फिर से बन गई है। हालांकि, कई सियासी पंडितों का कहना है कि इस उपचुनाव परिणाम का कुछ ज्यादा असर नहीं होगा। दो सीटों से न ही सरकार को कुछ प्रभाव पड़ेगा और न ही बीजेपी को। बिहार में बीजेपी के पास कोई चेहरा नहीं है। नीतीश-लालू के कोर वोटर ओबीसी हैं। जो कभी भी बीजेपी के पास नहीं जाएंगे। हालांकि, बीजेपी उन्हें लुभाने की कोशिश करती है, लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा है। सियासी जानकार बताते हैं कि जैसे गुजरात में बीजेपी का कोई विकल्प नहीं है। वैसे ही बिहार में नीतीश-लालू का कोई विकल्प अभी बीजेपी पैदा नहीं कर पाई है।

वोटिंग परसेंटेज क्या कहती है ?
सियासी जानकर दोनों सीटों पर हुई वोटिंग परसेंटेज को भी रिजल्ट से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि गोपालगंज में 51.48 प्रतिशत और मोकामा में 53.45 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 52.38 प्रतिशत मतदान हुआ। ये प्रतिशत काफी कम है। इसका सीधा असर जीत हार पर पड़ेगा। जानकार ये मंथन कर रहे हैं कि कम वोटिंग से किसको नुकसान और किसको फायदा होगा? कम मतदान प्रतिशत का असर क्या रहेगा, ये रविवार को क्लियर हो जाएगा। हालांकि, मतदान में आई गिरावट ने दोनों प्रमुख पक्षों बीजेपी और महागठबंधन के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है। सवाल उठ रहा है कि मतदान के कम होने का संकेत क्या है?

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

by UB India News
August 4, 2026
0

दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं. बिहार, मप्र और गुजरात की...

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

by UB India News
August 4, 2026
0

बिहार की राजनीति लंबे समय से राजद के हरे और भाजपा के भगवा रंग के इर्द-गिर्द घूमती रही है। अब,...

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 4, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

Next Post
डेरा ब्यास प्रमुख बाबा ढिल्लों से प्रधानमंत्री के मुलाकात के क्या है मायने

डेरा ब्यास प्रमुख बाबा ढिल्लों से प्रधानमंत्री के मुलाकात के क्या है मायने

कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव की घोषणा, 5 दिसंबर को मतदान और 8 को मतगणना

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend