गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election) के लिए दो चरणों में मतदान होगा। राज्य में पहले चरण के लिए एक दिसंबर और दूसरे चरण के लिए 5 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करते हुए ये ऐलान किया है। दिल्ली में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मोरबी की घटना के पीड़ितों के प्रति हम दुख जताना चाहते हैं। उनको हम श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में 4.91 करोड़ मतदाता हैं, इनमें से 4.61 लाख नए वोटर हैं। इनमें से 9.87 लाख मतदाता 80 साल से ज्यादा के हैं। गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं। 18 फरवरी 2023 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। गुजरात में 15वीं विधानसभा के चुनावों का नतीजा 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ ही आएगा।
निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
– पहले चरण में 1 दिसंबर को और दूसरे चरण में 5 दिसंबर को मतदान होगा, चुनाव नतीजे 8 दिसंबर को आएगा
– कुल 4.91 करोड़ वोटर, 4.6 लाख पहली बार वोट डालेंगे, राज्य में कुल 51782 मतदान केंद्र, 142 मॉडल मतदान केंद्र का इंतजाम
– दिव्यांगों के लिए 182 स्पेशल पोलिंग स्टेशन और सिर्फ महिलाओं के लिए 1274 मतदान केंद्र का विशेष इंतजाम
– राज्य में 10,460 मतदाता 100 साल से ज्यादा उम्र के, वरिष्ठ और दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियत के लिए मतदान केन्द्र पर सभी इंतजाम होंगे
– गिर सोमनाथ जिले के मधुपुर जंबूर में सिर्फ एक वोटर के लिए 15 चुनाव कर्मियों की टीम को भेजा जाएगा
– मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी देखते हैं तो मतदाता सी विजिल ऐप का इस्तेमाल करें
– उम्मीदवार की जानकारी केवाईसी सिस्टम में मिलेगी, कोरोना पीड़ितों के लिए घर से मतदान की सुविधा
– शिकायत करने पर 60 मिनट के अंदर निर्वाचन आयोग की ओर से कार्रवाई की जाएगी
– सभी जिलाधिकारियों को एक सोशल मीडिया टीम बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं
2017 के चुनाव में ये रहा था नतीजा
गुजरात में 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान कुल 4.33 करोड़ रजिस्टर्ट मतदाता थे। 2017 में 14वीं विधानसभा के चुनाव भी दो चरणों में हुए थे। पहले चरण के लिए तब 9 दिसंबर और दूसरे चरण के लिए 14 दिसंबर को मतदान हुआ था। 18 दिसंबर को घोषित हुए चुनाव नतीजों में बीजेपी को 99 सीटें मिली थीं। वहीं कांग्रेस ने 77 सीटें हासिल की थीं। दो सीटों पर बीटीपी (भारतीय ट्राइबल पार्टी) और एक सीट पर एनसीपी के उम्मीदवार को जीत मिली थी। इसके अलावा तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिली थीं। जिग्नेश मेवाणी वडगाम सीट पर कांग्रेस के समर्थन से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।







