प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं, जो कल पूरा हो रहा है. वह कल मोरबी जाएंगे और पुल हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों से मुलाकात करेंगे. पीएम अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मिलेंगे. रविवार शाम घटित हुए इस दर्दनाक हादसे में 134 लोगों की मौत हुई है और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका मोरबी सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं करीब 200 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मोरबी पुल हादसे का जिक्र करके भावुक हो गए.
गुजरात के मोरबी शहर में कल रविवार शाम को हुए दर्दनाक हादसे के बाद हर कोई दुखी है। हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा सथल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। आर्मी के 8 कॉलम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। अब तक 177 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। NDRF की 2 टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। आर्मी, एयरफोर्स और नेवी लगातार राहत कार्य कर रही है।
रद्द किये गए PM के तमाम प्रस्तावित कार्यक्रम और रोड शो
वहीं इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को होने वाला रोड शो रद्द कर दिया है। बता दें कि इस हादसे पहले कल रविवार को ही पीएम मोदी गुजरात दौरे पर थे। कल उन्होंने वडोदरा में कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वहीं आज पीएम मोदी को अहमदाबाद में एक रोड शो में हिस्सा लेना था। इसके साथ ही उन्हें कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेना था, जिन्हें रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी का गांधीनगर में एक नवंबर को होने वाला पेज समिति कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है। वहीं कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी मोरबी जा सकते हैं और हालातों का जायजा ले सकते हैं।
मृतकों के परिवार को मुआवजे का एलान
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मोरबी में पुल टूटने से हुए हादसे पर दुख जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट करके कहा कि मोदी ने इस संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है। मोदी ने राहत और बचाव कार्यों के लिए रेस्क्यू टीम तत्काल तैनात करने को कहा। उन्होंने मोरबी दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से 2-2 लाख रुपये की सहायता व घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।
गुजरात के मोरबी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद आज सोमवार को पीएम मोदी सरदार पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां पीएम मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुःख जताया। पीएम मोदी ने वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां हूं, लेकिन मेरा मन मोरबी के पीड़ितों से जुड़ा हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि, “मैं एकता नगर में हूं, मेरा मन मोरबी के पीड़ितों से जुड़ा है। शायद ही जीवन में मैंने बहुत कम ऐसी पीड़ा अनुभव की होगी। एक तरफ करूणा से भरा पीड़ित दिल है तो दूसरी ओर कर्त्तव्य पथ है। जिन लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि, अस्पताल में लगातार इलाज चल रहा है। हादसे की खबर मिलने के बाद ही CM भूपेंद्र पटेल मोरबी पहुंच गए थे। जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। राहत और बचाव कार्य में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
‘2022 में राष्ट्रीय एकता दिवस को बहुत विशेष अवसर के रूप में मैं देख रहा हूं’
सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, 2022 में राष्ट्रीय एकता दिवस को बहुत विशेष अवसर के रूप में मैं देख रहा हूं। ये वह वर्ष जब हमने आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। हम नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि, “अगर भारत के पास सरदार पटेल जैसा नेतृत्व न होता तो क्या होता? अगर 550 से ज्यादा रियासतें एकजुट न हुई होती तो क्या होता? हमारे ज्यादातर राजा रजवाड़े त्याग की पराकाष्ठा न दिखाते, तो आज हम जैसा भारत देख रहे हैं हम उसकी कल्पना न कर पाते। ये कार्य सरदार पटेल ने ही सिद्ध किया है।”
‘जातियों के नाम हमें लड़ाने के लिए तरह तरह के नरेटिव गढ़े जाते हैं’
इस दौरान उन्होंने विपक्ष को भी निशाने पर लिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि, “अतीत की तरह ही भारत के उत्थान से परेशान होने वाली ताकतें आज भी मौजूद हैं। जातियों के नाम हमें लड़ाने के लिए तरह तरह के नरेटिव गढ़े जाते हैं। इतिहास को भी ऐसे पेश किया जाता हैं कि जिससे देश जुड़े नहीं और दूर हो जाएं।” उन्होंने कहा कि, कई बार ये ताकत गुलामी की मानसिकता के रूप में हमारे अंदर घर कर जाती है। कई बार ये तुष्टिकरण के रूप में, कभी परिवारवाद के रूप में, कभी लालच और भ्रष्टाचार के रूप में दरवाजे तक दस्तक दे देती है। जो देश को बांटती और कमजोर करती है।
‘करोड़ों लोगों ने दशकों तक अपनी मौलिक जरूरतों के लिए भी लंबा इंतजार किया’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, हमारे देश के करोड़ों लोगों ने दशकों तक अपनी मौलिक जरूरतों के लिए भी लंबा इंतजार किया है। बुनियादी सुविधाओं की खाई जितनी कम होगी उतनी एकता भी मजबूत होगी। इसलिए आज देश में सैचुरेशन के सिद्धांत पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि, हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे। इसलिए आज हाउसिंग फॉर आल, डिजिटल कनेक्टिविटी फॉर आल, क्लीन कुकिंग फॉर आल, इलेक्ट्रिसिटी फॉर आल के सिद्धांत पर काम हो रहा है।






