बिहार की सत्ता पर 17 साल से सत्ता की कुरसी पर बैठे जदयू में सबकुछ सही नहीं है, पहले उनके प्रवक्ता निखिल मंडल प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी छोड़ देते हैं। उसके कुछ देर बाद जदयू विधायक बीमा भारती को लेकर मंत्री लेशी सिंह का बडा बयान सामने आते है। जिसमें 24 घंटे के बाद अपने उस नोटिस को वापस लेने की अघोषित तौर बात करते नजर आती हैं, जिसमें उन्होंने बीमा भारती के खिलाफ पांच करोड़ की मानहानि का दावा किए था। माना जा रहा है जिस तरह की असंतोष की स्थिति जदयू के अंदरखाने में मची हुई है। उसके बाद पार्टी नेतृत्व की तरफ से इस डैमेज कंट्रोल के रूप में की गई कार्रवाई है।
धमदाहा विधायक व खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह और रूपौली की विधायक और पूर्व मंत्री बीमा भारती (Bima Bharti Leshi Singh News) के बीच अदावत कोई पहली नहीं है। कई सालों से यह अदावत चली आ रही है। एक बार फिर जदयू की दोनों महिला विधायकों का मामला सुर्खियों में है। दरअसल मंत्री लेसी सिंह ने इस बार बीमा भारती पर मानहानि का दावा ठोकते हुए 5 करोड़ रुपए का लीगल नोटिस भेजा है। बौखलाई विधायक बीमा भारती ने भी इसका जवाब देने की ठान ली है। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि वो इस नोटिस का जवाब देंगी।
पहले सड़क पर आ चुकी है दोनों की लड़ाई
कुछ दिन पहले भी जब मंत्री लेसी सिंह को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था तो बीमा भारती आग बबूला हो गई थीं। उन्होंने मंत्री लेसी सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर हत्या करवाने तक का आरोप लगाया था। बीमा भारती ने मंत्री लेसी सिंह पर सरसी में पूर्व जिला परिषद सदस्य रिंटू सिंह की हत्या और बेनी सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि वह अपने बयान पर आज भी कायम है। वह इसका जवाब भी देंगी।
बाकी दागियों को मंत्री पद से हटाया गया तो लेशी सिंह को क्यों नहीं?
बीमा भारती ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभिभावक हैं। उन्होंने जो कुछ इस मामले पर कहा है उसका हम सम्मान करते हैं। लेशी सिंह अभी विधायक हैं और मंत्री हैं। जिस तरह से बाकी दागियों को मंत्री पद से हटाया गया है और वे गंभीर मामले में नामजद हैं तो उन्हें मंत्री पद पर क्यों बना कर रखा गया है? बीमा भारती के वकील ए.के. मंडल ने कहा कि अगर कोई बात सच है, पब्लिक डोमेन में हैं और उसे ही अगर कहा जाए तो उससे मानहानि नहीं होता।
मैं न तो जदयू के खिलाफ न मुख्यमंत्री के खिलाफ हूं, मैं लेशी सिंह के खिलाफ हूं
बीमा भारती ने कहा कि जो गलत है उसे गलत कहेंगे ही। मुझे मंत्री पद लेने की चिंता नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ऐसे दागी को मंत्री पद नहीं देना चाहिए जिसपर हत्या जैसे गंभीर आरोप हो और जिस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना पड़े। इससे जदयू की बदनामी हो रही है। कहा कि मैं न अपनी पार्टी के विरोध में बोल रही हूं और न मुख्यमंत्री के विरोध में बोल रही हूं। लेशी सिंह मुझे प्रताड़ित करती रही हैं तो उनके खिलाफ में बोलेंगे ही। मंत्री लेशी सिंह को मंत्री पद से हटाया जाए, वे दागी हैं।
ललन सिंह के साथ बैठक में केस वापस लेने को कहा
जानकारी के अनुसार जदयू प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और लेशी की बैठक हुई। इसके बाद मंत्री लेशी सिंह ने अपना बयान दिया है। लेशी सिंह ने कहा कि बीमा भारती से मेरी कोई दुश्मनी नहीं है। उनका क्षेत्र अलग है, हमारा अलग क्षेत्र है जहां तक मेरे ऊपर आरोप लगाने की बात थी तो इस संबंध में हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह स्पष्ट कर चुके हैं । ऐसे में उन आरोपों पर हमें कुछ नहीं कहना है। उन्होंने 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस वापस लेने के संकेत दिए ।
गौरतलब है कि महागठबंधन की सरकार बनने के साथ ही बीमा भारती ने मंत्री लेशी सिंह पर हत्या के मामले में आरोपी होने की बात कहते हुए नीतीश कुमार से यह मांग की थी कि वह लेशी सिंह का इस्तीफा लें, लेकिन नीतीश कुमार ने इसके विपरीत बीमा भारती को ही चेतावनी दे दी थी। इस घटना के एक माह बाद कल लेशी सिंह ने खुद पर लगे आरोपों के बाद जदयू की विधायक बीमा भारती के खिलाफ पांच करोड़ की मानहानि का नोटिश भेज दिया था। पार्टी की दो महिला विधायकों के बीच हो रहे टकराव के कारण जदयू की काफी छिछालेदार हो रही थी और नीतीश सरकार पर अपनी मंत्री को बचाने के आरोप लगने लगे थे।






