खुशखबरी की बात है कि भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। दूसरी अच्छी खबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी है कि महंगाई रिकॉर्ड़ उच्चस्तर से नीचे आ चुकी है और इसका बढ़ना अब बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं रह गया है। ‘इंडि़या आइडि़याज’ शिखर सम्मेलन में वित्त मंत्री ने सरकार की जिन प्राथमिकताओं को रेखांकित किया उनमें रोजगार सृजन और धन का समान वितरण शामिल हैं। सीतारमण का कहना था कि‚ ‘मुद्रास्फीति फिलहाल प्राथमिकता में नहीं है। बीते कुछ महीनों में हम इसे नीचे लाने में कामयाब रहे हैं।’ खुदरा मुद्रास्फीति इस साल अप्रैल में ७.७९ प्रतिशत के उच्चस्तर पर थी। उसके बाद से इसमें गिरावट जारी है। जुलाई में खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी से मुद्रास्फीति कम होकर ६.७१ प्रतिशत पर आ गई। हालांकि यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर दो से छह प्रतिशत की उच्च सीमा से लगातार सातवें महीने ऊपर है। जून‚ २०२२ में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति ७.०१ प्रतिशत थी। वित्त मंत्री को भरोसा है कि ‘सभी चुनौतियों के बावजूद दुनिया भर के केंद्रीय बैंक चाहे वह अमेरिका हो या ब्रिटेन अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए जो कुछ भी कदम उठाएंगे‚ आरबीआई उस के मौद्रिक नीति पर पड़़ने वाले प्रभाव से निपटने में सक्षम है।’ अनुमान है कि अगर भारत और अमेरिका साथ मिलकर काम करें तो दोनों वैश्विक अर्थव्यवस्था के कुल आकार का ३० प्रतिशत हो जाएंगे और अगले २० साल में वैश्विक जीड़ीपी में ३० प्रतिशत का योगदान देने लगेंगे। बड़़ी बात यह है कि भारत इस साल एक दिसम्बर से ३० नवम्बर‚ २०२३ तक जी–२० की अध्यक्षता करेगा। भारत बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय में यह जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। इस समय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह से प्रभावित है और भू–राजनीतिक समीकरण अस्थिर हैं। ऊर्जा क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है। भारत को भी निकट भविष्य में कोयले पर अधिक निर्भर रहना होगा। इसका देश की आर्थिक स्थिति पर विपरीत असर पड़़ सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूती से दखल देना मात्र भारत की विशाल आबादी की चिंताओं का शमन नहीं है। फिलहाल देश की समृद्धि का फायदा उद्योगपतियों तक सीमित है। देशवासियों को महंगाई के घटने का असर तभी महसूस होगा जब रोजगार सृजन और आय के समान वितरण के संकल्प का लाभ सब तक पहुंचे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज ,
पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे कई लोगों को चोटें आई...







