बिहार के नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सामाजिक न्याय के नहीं बल्कि स्वार्थवाद, परिवारवाद व भ्रष्टाचार के पोषक हैं। बिहार को जंगल राज से मुक्ति दिलाकर विकास की ओर अग्रसर करने को लेकर भाजपा ने चाणक्य की भूमिका निभाते हुए नीतीश कुमार को चंद्रगुप्त बना दिया परंतु वे भ्रष्टाचारी के पोषक बन गए।
नीतीश कुमार की निजी स्वार्थ के कारण बिहार में श्री बाबू एवं डा. राजेंद्र प्रसाद द्वारा खींची गई लकीर और विरासत ठहर गई है। एनडीए की सरकार में भाजपा के मंत्री, विधायक एवं कार्यकर्ता बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत रहे परंतु नेतृत्व नहीं रहने के कारण इसमें सफलता नहीं मिल पाई। हालांकि वर्ष 2005 से 2010 तक बिहार में सुशासन दिखने लगा था। पहली बार राजद के साथ सरकार बनाने के बाद वे राजद को भ्रष्टाचारी बताकर पुन: राजग के साथ मिलकर सरकार बना लिए। इसके बाद से वे काफी अहंकारी हो गए। सरकार में मंत्री व विधायक की कुछ नहीं चलती थी। यही कारण है कि मंत्री रहते हुए भी उन्हें एक भ्रष्ट पदाधिकारी को ट्रांसफर कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
राजद से अलग होने के बाद उनके भतीजा तेजस्वी यादव ने उन्हें मक्कार, स्वार्थी, पलटू चाचा, कुर्सी कुमार आदि की उपाधि दी थी। इसके बावजूद नीतीश कुमार ने समाजवाद को धता बताकर भ्रष्टाचार एवं परिवारवाद के पोषक की गोद में बैठ गए हैं। अब लोगों को बरगलाने के लिए शब्द का श्रृंगार कर रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार युक्त विकास हो रहा है। विकास कार्यों में जमकर कमीशनखोरी हो रही है। जनता इसका जवाब देगी तथा आने वाले समय में वे भी अपने बड़े भाई के पास ही जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ सबका विकास की बात जमीन पर उतार रहे हैं। 2024 में भाजपा पहले से भी अधिक सीट लाकर सरकार बनाएगी। पूर्व में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन कहा करते थे कि नीतीश के आंत में दांत है। नीतीश के दांत से वे ही वाकिफ हैं। आने वाले समय में नीतीश कुमार के आंत की दांत को ललन सिंह ही निकालेंगे। इस अवसर पर सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद यादव आदि मौजूद थे।







