राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) वैश्विक आतंकवादी दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों को लेकर एक बार फिर सक्रिय हुई है। एजेंसी ने दाऊद और उसके गुर्गों पर कुल ९० लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। दाऊद के बारे में किसी भी तरह की सूचना देने वालों को २५ लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। वहीं उसके गैंग में शामिल अन्य आतंकियों–शकील शेख उर्फ छोटा शकील पर २० लाख रुपये और बाकी चार आतंकियों पर १५–१५ लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। इन सभी आतंकवादियों की हालिया तस्वीर भी एजेंसी ने जाहिर की है। हालांकि जांच एजेंसियों के पास ‘मोस्ट वांटेड़’ दाऊद की वही वर्षों पुरानी तस्वीर है। यानी जांच एजेंसी एक कदम तो आगे चलती दिखती है‚ मगर वह इस मामले में काफी पीछे मालूम पड़़ती है। भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने कई वर्षों तक दाऊद का पता लगाने की कोशिश की‚ मगर उसके पास तक नहीं पहुंच सकी। अब एक बार फिर से उसके ऊपर इनाम जारी करने का मकसद यही जान पड़़ता है कि दाऊद को पाकिस्तान की सरकार और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने देश से बाहर कर दिया है; लिहाजा बड़़ी रकम के लालच में कोई भी शख्स दाऊद की जानकारी एजेंसी को दे सकता है। दरअसल‚ दाऊद और उसका गैंग भारत सरकार और जांच एजेंसियों के लिए हमेशा दुखती रग रहा है। उसे जिंदा वापस लाने की कोशिश में भारतीय जांच एजेंसियां विश्व की अन्य जांच एजेंसियों के साथ इस काम में जुटी है। भारत सरकार ने कुछ साल पहलेे उसके पाकिस्तान में होने की पुख्ता जानकारी इंटरपोल को मुहैया कराई थी। बहरहाल‚ उसके बारे में ज्यादातर एजेंसियों के हाथ खाली ही रहे हैं। दाऊद को संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित कर रखा है। यहां तक कि उसे यूएपीए एक्ट की चौथी सूची में रखा गया है। ऐसी खबरें हैं कि दाऊद के बारे में महीनों की कोशिश के बाद कुछ अहम इनपुट जांच एजेंसी को मिला है। देखना है‚ इस बार एनआईए की कोशिश कितनी परवान चढ़ती है। हां‚ उसके मुंबई में मौजूद गुर्गों और उनकी अवैध गतिविधियों को संचालित कर रहे बाकी मददगारों पर शिकंजा कसने से यह उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही दाऊद भारत के शिकंजे में होगा।
भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश ………………..
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम निर्देश दिया.इस मामले की सुनवाई...







